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सब काम सरकार करेगी और आप बैठे रहेंगे, अब ये नहीं चलेगा: वेंकैया

वनस्थली विद्यापीठ का 34वें दीक्षांत समारोह में उपराष्ट्रपति ने महिला आरक्षण की पैरवी की

Danik Bhaskar | Jan 08, 2018, 05:18 AM IST

जयपुर. उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू का कहना है कि सब काम सरकार करेगी और आप बैठे रहेंगे। ये नहीं चलेगा। आपको भी देश के विकास के लिए आगे आना पड़ेगा। सरकारी योजनाओं में भागीदारी निभानी होगी। विद्यार्थी और युवाओं को ये जानना होगा कि देश किन परिस्थितियों में है। हमारे संस्कार और विरासत क्या है। इसे क्यों कायम रखने की जरूरत है।


- वेंकैया नायडू ने ये बात रविवार को वनस्थली विद्यापीठ में आयोजित 34वें दीक्षांत समारोह में बतौर मुख्य अतिथि कहीं।

- उन्होंने महिला आरक्षण को सही ठहराते हुए कहा कि लोग शिकायत करते हैं कि पंचायत आदि चुनावों में महिलाएं पंच- सरपंच बन जाती है और हर काम में उनके पति की दखल अंदाजी रहती है। बेटियों को शिक्षित करते रहे, फिर देखना पतियों का क्या हाल होगा। कोई दखलअंदाजी नहीं रहेगी। महिलाओं को मौका देंगे तो निश्चित ही अच्छे परिणाम मिलेंगे। हिंदू सभ्यता में हमेशा महिला सर्वोपरि रही है। उदाहरण के तौर पर मां सरस्वती, लक्ष्मी और मां दुर्गा। धरती को भी मां का ही दर्जा दिया गया है।

- कार्यक्रम में विभिन्न संकायों के 3847 छात्राओं को उपाधियां दी गई। जिनमें से 299 दीक्षार्थियों को पीएचडी उपाधि दी गई एवं 99 छात्राओं को स्वर्ण पदक देकर सम्मानित किया गया। का

- र्यक्रम में सरकार की तरफ से उद्योग मंत्री राजपाल सिंह शेखावत, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री अरूण चतुर्वेदी सांसद सुखबीर सिंह जौनपुरिया सहित अन्य जन प्रतिनिधि मौजूद रहे।

मातृभाषा आंखें व पराई भाषा चश्मा
नायडू ने छात्राओं से कहा कि विश्व भारत की तरफ देख रहा है। हमें भारत को वैश्विक बुलंदियों पर पहुंचाना है। मां, मातृभूमि, मातृभाषा और गुरू को नहीं भूलना है। मातृभाषा में पढ़कर ही मैं उप राष्ट्रपति के पद तक पहुंचा हूं। मातृभाषा अपनी आंखें और पराई भाषा चश्मा है। हमें यह स्मरण रखने की आवश्यकता है कि हम भारतीय हैं और हमें भारतीयता, भारतीय संस्कृति, मानवीयता और हमारी धरोहर पर गर्व होना चाहिए।

नायडू को राष्ट्रगान पर सलामी
उप राष्ट्रपति वनस्थली विद्यापीठ के 34वें दीक्षांत समारोह में हेलीकॉप्टर से जयपुर से वनस्थली हवाई क्षेत्र पर 10 बजकर 10 मिनट पर ‘मारूत मैदान’ में उतरे, जहां पर वनस्थली के कुलपति प्रो. आदित्य शास्त्री व उपाध्यक्ष प्रो. सिद्धार्थ शास्त्री ने अगवानी की। उसके बाद उपराष्ट्रपति को बैंड के मधुर धुनों के बीच राष्ट्रगान प्रस्तुत कर छात्राओं ने सलामी दी।