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भूत भगाने के नाम पर ऐसा अंधविश्वास, महिलाओं को गंदे जूते से पिलाया जाता है पानी

यहां हर शनिवार और रविवार को हजारों भक्तों के हुजूम के बीच 200-300 महिलाओं को ऐसी यातनाओं से गुजरना पड़ता है।

Danik Bhaskar | Mar 01, 2018, 03:58 PM IST

यह ऐसा अंधविश्वास है, जिसे देखकर रूह कांप जाए। राजस्थान के भीलवाड़ा जिले के आसिंद के नजदीक बंक्याराणी माता मंदिर की 200 सीढ़ियां इसकी गवाह हैं। यहां हर शनिवार और रविवार को हजारों भक्तों के हुजूम के बीच 200-300 महिलाओं को ऐसी यातनाओं से गुजरना पड़ता है, जिसे देखकर ही रोंगटे खड़े हो जाते हैं। पीठ और सिर के बल रेंगकर ये महिलाएं 200 सीढ़ियों से इसलिए नीचे उतरती हैं, ताकि इन्हें कथित भूत से मुक्ति मिल जाए। मंदिर में रहकर भास्कर की टीम ने करीब से जाना कि किस तरह महिलाओं को अंधविश्वास के नाम पर यातनाएं दी जाती हैं।

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- सफेद संगमरमर की सीढ़ियां गर्मी में भट्‌टी की तरह गर्म हो जाती हैं। कपड़े तार-तार हो जाते हैं। शरीर जख्मी हो जाता है। सिर और कोहनियों से खून तक बहने लगता है।
- किस्सा यहीं खत्म नहीं होता। महिलाओं को चमड़े के जूतों से मारा जाता है। मुंह में गंदा जूता पकड़कर दो किमी चलना पड़ता है। उसी गंदे जूते से गंदा पानी तक पिलाया जाता है।
- पूरे वक्त ज्यादातर महिलाएं चीख-चीखकर ये कहती हैं कि उन पर भूत-प्रेत का साया नहीं, वो बीमार हैं, लेकिन किसी पर कोई असर नहीं होता। छह-सात घंटे तक महिलाओं को यातनाएं सहनी पड़ती हैं।
हर शनिवार और रविवार इलाज के लिए आती हैं 200-300 महिलाएं
- बंक्याराणी माता मंदिर में होने वाले कर्मकांड बताते हैं कि विकास की दौड़ से दूर प्रदेश में ही कुछ हिस्से अब तक आदिम रूढ़ियों के साये में जी रहे हैं। अंधविश्वास का शिकार महिलाएं ही हैं।
- हर शनिवार और रविवार को 200 से 300 महिलाएं ऐसी दिख जाती हैं जो भूत भगाए जाने के नाम पर यातनाएं और अपमान सहती हैं।
- भोपे महिलाओं की पिटाई करते रहते हैं। इसके लिए 500 से 3000 रुपए तक की फीस भी ली जाती है।
- भोपा भूत भगाने वाले ओझा होते हैं।


मंदिर में घुसने से शुरू होती है कहानी

- कथित भूत-प्रेत से मुक्ति पाने की कहानी की शुरुआत भी मंदिर में घुसने के साथ ही शुरू हो जाती है। ऐसी महिलाओं को भोपा उलटे पांव चलाकर बंक्याराणी मंदिर में लेकर जाता है।
- नंगे पांव करीब चार घंटे तक एक खंभे के चारों तरफ चक्कर लगवाए जाते हैं। मना करने पर भूत भगाने वाले भोपा इन्हें बुरी तरह से मारते-पीटते हैं।
- ज्वालामाता मंदिर में महिला के मुंह में एक जूता ठूंसा जाता है और एक सिर पर रखकर दो किलोमीटर दूर हनुमान मंदिर तक भोपा लेकर जाता है।
- इस दौरान भोपा साथ रहता है। महिला को बिना रुके चलना पड़ता है। यदि वो रुक जाए तो भोपा उसकी पिटाई करता है।
- हनुमान मंदिर में बने एक कुंड में महिला को भोपा स्नान करने का आदेश देता है। इस कुंड में दिन भर में करीब 3 सौ महिलाएं स्नान करती हैं।
- कुंड का पानी इतना गंदा होता है कि हाथ भी नहीं धो सकते है। लेकिन यही पानी महिला को चमड़े के जूते में लेकर पीना पड़ता है। वो भी एक-दो बार नहीं, बल्कि पूरे सात बार पिलाया जाता है।
- भोपा यह ध्यान रखता है कि महिला पानी पी रही है या नहीं। यदि नहीं पीती है तो जबरदस्ती की जाती है।