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जयपुर-कोटा एनएच-12 पर तीन जोखिमभरे कट, एनएचएआई नहीं कर रहा कोई कार्रवाई

जयपुर-कोटा एनएच-12 के तहत कस्बे के पास के तीन कट जानलेवा साबित हो रहे है। हालांकि एनएचएआई को कई बार इस बारे में अवगत...

Bhaskar News Network | Last Modified - Feb 02, 2018, 02:00 AM IST

जयपुर-कोटा एनएच-12 के तहत कस्बे के पास के तीन कट जानलेवा साबित हो रहे है। हालांकि एनएचएआई को कई बार इस बारे में अवगत कराया जा चुका है मगर कोई सुनवाई नहीं होने से इसका खामियाजा आमजन को भुगतना पड़ रहा है। पुलिस महकमा भी इन कटों के बारे में संबंधित विभागों को सूचित कर चुका है, मगर वे इन जानलेवा बने कटों के विकल्प अथवा समाधान की ओर कोई ध्यान नहीं दे रहे है।

तीन कटों में 8 हादसे, 2 की मौत, 4 जख्मी

जनवरी से दिसंबर 2017 के दरम्यान इन जानलेवा कटों में हादसों के आंकड़ों को देखें तो पता चल जाता है कि विभाग आंखें मूंदे हुए है। अकेले चाकसू कट में ही तीन हादसे हुए। बिलवा कट में 5 दुर्घटनाओं में 2 लोगों की जान गई जबकि 4 लोग जख्मी हुए। शिवदासपुरा कट में सरकारी आंकड़े को शून्य है मगर ग्रामीणों का कहना है कि यहां आएदिन हादसे हाेने से लोग चोटिल हो रहे है।

ये हो सकते है उपाय

हाइवे के तीनों जानलेवा कटों में हादसों की रोकथाम करना लाजिमी है। यहां स्पीड़ ब्रेकर, डिवाइडर बनाए जाए। संभव हो तो एनएसएआई यहां मार्शल तैनात करेंं जो ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारु रख सके।

हाइवे के इन तीनों कटों पर साइन बोर्ड व सांकेतिक लाइट लगवा दी गई है। हाइवे को जोड़ने वाली लिंक रोडाें पर ब्रेकर बनवाए जा रहे है। हाइवे पर रम्बल स्ट्रीट बनवाए जा रहे है। अन्य उपायों पर भी विचार कर रहे है। -अिनल खंडेलवाल, डीजीएम, एनएचएआई जयपुर

शिवदासपुरा कट

चाकसू कट

रात को हैवी वाहन तोड़ जाते है डिवाइडर

हाइवे के तीन कटों में से चाकसू व बिलवा कट खतरनाक है। हमनें एहितयाती तौर पर डिवाइडर रखवाए है, मगर रात के समय यहां से गुजरने वाले हैवी वाहन इनको टक्कर मारकर तोड़ जाते है। पुलिस गश्ती दल भी इन पर नजर रखता है। एनएचएआई को भी हमने सहयोग के लिए लिखा है। -दीपक खंडेलवाल, थानाधिकारी शिवदासपुरा

बीलवा कट

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