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कंपनी पर मुकदमा, गुणवत्ता जांच आईआईटी दिल्ली या रुड़की से

News - पॉलिटिकल रिपोर्टर | जयपुर/मलसीसर जलदाय विभाग ने झुंझुनूं के 258 गांवों के लिए कुंभाराम आर्य लिफ्ट केनाल परियोजना...

Dainik Bhaskar

Apr 02, 2018, 02:35 AM IST
कंपनी पर मुकदमा, गुणवत्ता जांच आईआईटी दिल्ली या रुड़की से
पॉलिटिकल रिपोर्टर | जयपुर/मलसीसर

जलदाय विभाग ने झुंझुनूं के 258 गांवों के लिए कुंभाराम आर्य लिफ्ट केनाल परियोजना के लिए मलसीसर में बांध बनाने वाली एनसीसी कंपनी के खिलाफ रविवार को मुकदमा दर्ज करा दिया है। बांध के टूटने से पूरे प्रोजेक्ट की गुणवत्ता पर सवाल खड़ा हो गया है। भविष्य में बांध में फिर से रिसाव न हो या फिर से बांध टूट न जाए। सरकार इसकी सुरक्षा का पुख्ता इंतजाम करना चाहती है। पूरे प्रोजेक्ट की गुणवत्ता जांच कराने के लिए राज्य सरकार आईआईटी रुड़की, आईआईटी दिल्ली के एक्सपर्ट से कराएगी, जिससे बांध की सुरक्षा की गारंटी तय की जा सके। उधर प्रोजेक्ट को रेस्टोर करते हुए अगले 20 दिन के भीतर 30 से 40 गांवों में पानी की आपूर्ति शुरू करने की तैयारी है।

राज्य सरकार यह मान चुकी है कि निर्माण की गुणवत्ता खराब होने के कारण ही बांध के टूटने की नौबत आई है, जिससे आठ करोड़ लीटर पानी बह गया है। बांध को जो हिस्सा टूट है, वह पूरे बांध का तीन फीसदी है। ऐसे में प्रश्न यह है कि शेष 97 फीसदी की गुणवत्ता की क्या स्थिति है। भविष्य में फिर तो कहीं बांध न टूट जाए। इसकी गारंटी तय करने के लिए सरकार पूरे प्रोजेक्ट की जांच आईआईटी दिल्ली या आईआईटी रुड़की से कराएगी। जांच के दौरान यदि यह पाया गया कि बांध के किसी दूसरे हिस्से में गुणवत्ता खराब है तो उसे समय ठीक किया जाएगा, जिससे भविष्य में सरकार की फजीहत होने से बचाया जा सके।






200 गांवों को नहीं मिल पाएगा इस गर्मी में राहत

चुनावी साल में जलदाय विभाग के कुंभाराम आर्य लिफ्ट केनाल परियोजना से झुंझुनू जिले के 258 गांवों को इस गर्मी में पानी से राहत मिलने वाली थी, लेकिन बांध के टूटने से सीधे तौर पर भाजपा सरकार को बड़ा धक्का लगा लगा है। इससे भाजपा को जो चुनावी लाभ मिलने वाला था, वह झटके तौर पर बदलता हुआ नजर आ रहा है। चुनावी साल में झुंझुनू जिले के 200 गांवों को इस प्रोजेक्ट का लाभ नहीं मिल पाएगा। आने वाले समय में यह चुनावी मुद्दा भी बनेगा। जलदाय विभाग के अनुसार लगभग 40 से 50 गांवों में पानी की लाइनें बिछाकर टेस्टिंग का कार्य पूरा हो चुका था। हालांकि यह प्रोजेक्ट न तो कमिशन और न ही जलदाय विभाग को हैंडओवर हुआ था। ऐसे में जलदाय विभाग की कोशिश है कि अगले एक माह के भीतर टूटे हुए बांध को ठीक करके बचे हुए साढ़े तीन मीटर पानी को 30 से 40 गांवों में सप्लाई का कार्य शुरू किया जा सके। इसको लेकर तेजी से प्लान बनाने का कार्य चल रहा है।

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