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वुमन डॉक्टर्स के लिए आफ्टर पार्टी में पोएट्री कॉम्पीटिशन

प्रेग्नेंसी में इन्फ्लुएंजा होना मां के लिए घातक साबित हो सकता है। ऐसे में सही समय पर वैक्सीनेशन लग जाए तो ऐसी...

Bhaskar News Network | Last Modified - Apr 02, 2018, 02:35 AM IST

प्रेग्नेंसी में इन्फ्लुएंजा होना मां के लिए घातक साबित हो सकता है। ऐसे में सही समय पर वैक्सीनेशन लग जाए तो ऐसी जानलेवा बीमारियों से बचा जा सकता है। लेकिन भारत में यह बीमारी इसलिए इतनी तेजी से फैल रही है क्योंकि यहां वैक्सीनेशन गवर्नमेंट की तरफ से अनिवार्य नहीं है। ऐसे में जो महिला इस वैक्सीनेशन को अफोर्ड नहीं कर पा रही वो बहुत आसानी से इसकी चपेट में आ जाती है। प्रेग्नेंसी के समय इन्फ्लुएंजा और इससे जुड़े सुझावों पर शनिवार शाम इंडियन मेडिकल एसोसिएशन वीमेंस विंग जयपुर ब्रांच की ओर से इन्फ्लुएंजा इन वैक्सीनेशन इन प्रेग्नेंसी : बेनिफिट्स बियांड द मदर सेशन रखा गया। टोंक रोड स्थित होटल फोर पॉइंट्स शेरेटन में पर हुए सेशन में डॉ. ज्योत्सना व्यास ने सभी विमन डॉक्टर्स से इस इन्फेक्शन से संबंधित परेशानियों के साथ वैक्सीनेशन की कॉस्ट कम करने की बात की। पूरी शाम महिलाओं के मुद्दों और खुशियों पर ही थी इसलिए उनके बेहतरीन अनुभव के लिए शाम का समापन सेलिब्रेशन से किया गया। जिसमें डॉक्टर्स के लिए पोएट्री कॉम्पीटिशन रखा गया। यहां उन सबका योगदान रहा जिनके लिए मेडिकल के साथ कविताओं से भी बेहद प्रेम है। तभी करीब पंद्रह डॉक्टर्स महिला और उसकी शक्ति पर कविता लिख कर वहां शामिल हुईं। इवेंट के सबसे यादगार हिस्से के बाद आफ्टर पार्टी भी उनका इंतजार कर रही थी। म्यूजिक और उनके टेस्ट बड्स को प्लीज करने के लिए कई स्वादिष्ट डिशेस तैयार की गईं।

Dr. Ashu, Dr. Parmeshwari, Dr. Vinita & Dr. Madhu Mathur

Dr. Gayatri & Dr. Urmila

Dr. Kusum & Dr. Neeta

डॉक्टर्स की लिखी कविताएं...

चांद की तरह है वो।

फैले आसमान में

हज़ारों तारों के बीच भी बेहद अकेली,

आग से भरी,

आवेग में डूबी,

खुद में अस्तव्यस्त,

सभी को समेटे,

चांद सी ही कभी जलती,

कभी बुझती,

सबसे ज्यादा सुलझी,

फिर भी खामोशी में उलझी।

कभी अपूर्ण,

कभी संपूर्ण,

पर सदा ही चमकती।

चांद की ही तरह है वो।

-Dr. Sangeeta Khandelwal

मंदिर में बैठी एक टक निहारती उस दीये की लौ को मैं!

आत्मसात करती उस दिव्य ध्वनि को, अलौकिक आभा को मैं!

पर, पूजा पद्धति में पुजारी ही क्यों, पुजारिन का क्यों नहीं हो अर्चन?

प्रश्न करती समाज से, जल-घी- अक्षत, क्यूं मैं न कर सकूं अर्पण?

अधिकार है यह मेरा, हे परमात्म!

प्रतिमा को, मैं भी तो कर सकूं पूजन औ समर्पण!!

- Dr. Neelam Jain

Dr. Chavi, Dr. Shweta & Dr. Rajpreet

Dr. Neeta, Dr. monika & Dr. Anita

Dr. Ranju, Dr. Manisha & Dr. Simmi

Dr. Sandhya & Dr. Shalu

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