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अल्ट्राटेक से होगी 165 करोड़ रुपये की वसूली, 80% अधिक चुकता करनी होगी राॅयल्टी

अल्ट्राटेक सीमेंट कंपनी को बड़ा झटका लगने जा रहा है। कंपनी को अपफ्रंट की 165 करोड़ रुपये की रकम जमा करानी होगी। इतना...

Danik Bhaskar | Apr 02, 2018, 02:40 AM IST
अल्ट्राटेक सीमेंट कंपनी को बड़ा झटका लगने जा रहा है। कंपनी को अपफ्रंट की 165 करोड़ रुपये की रकम जमा करानी होगी। इतना ही नहीं बल्कि लीज तक कंपनी की ओर से किए जाने वाले खनन के बदले 80 फीसदी अधिक रायल्टी चुकता करनी होगी। यह प्रतिवर्ष 80 से 100 करोड़ रुपये के लगभग होगी। केंद्रीय खनन मंत्रालय की ओर से दिए गए मार्गदर्शन के बाद प्रदेश सरकार ने 165 करोड़ रुपये वसूल करने की फाइल चला दी है। खान राज्यमंत्री सुरेंद्र पाल सिंह टीटी से ग्रीन सिग्नल मिलते ही खान विभाग की ओर से वसूली का नोटिस जारी कर दिया जाएगा।

खान विभाग के अनुसार 2010 में ग्रासिम कंपनी के नाम से कोठपुतली, पाली और चित्तौरगढ़ में चार सीमेंट ब्लाक आवंटन किए गए। तब ग्रासिम कपड़ा और सीमेंट क्षेत्र में कार्य कर रही थी। बाद में कपड़ा और सीमेंट के लिए अलग-अलग कर दिया गया। ग्रासिम सीमेंट कंपनी को समृद्वि में डिमर्जर कर दिया गया। कुछ समय बाद सीमेंट लीज को समृद्वि को भी अल्ट्राटेक में मर्ज कर दिया गया। वित्त विभाग के आदेश पर कंपनी ने रजिस्ट्रेशन के तौर पर 8 जनवरी 2015 को 25 करोड़ रुपये का स्टांप शुल्क भी जमा कर दिया। इस बीच राज्य सरकार के खान विभाग ने पूरे मामले में केंद्रीय खनन मंत्रालय से मार्गदर्शन मांग लिया। केंद्र ने मर्जर और डिमर्जर को ट्रांसफर की श्रेणी में माना है। ट्रांसफर की श्रेणी में आते ही कंपनी से अपफ्रंट शुल्क के तौर पर चारों सीमेंट ब्लाॅक से 165 करोड़ रु. की वसूली करने की फाइल चला दी। कंपनी की जब तक लीज रहेगी तब तक उसे राॅयल्टी 80% अधिक जमा करानी होगी। विभाग की ओर से फाइल खान राज्यमंत्री सुरेंद्रपाल सिंह टीटी के पास भेज दी गई है। मंत्री से मंजूरी मिलते ही वसूली की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।

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