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एक रेलवे...दो आॅफिस, दोनों में नियम 5 एस का लेकिन एक जितना साफ..दूसरा उतना ही गंदा

जयपुर। पहली तस्वीर उप रेलवे के जवाहर सर्किल स्थित मुख्यालय की है। जहां सभी चीजों को सुव्यवस्थित रखने के उद्देश्य...

Bhaskar News Network | Last Modified - Mar 04, 2018, 02:50 AM IST

एक रेलवे...दो आॅफिस, दोनों में नियम 5 एस का लेकिन एक जितना साफ..दूसरा उतना ही गंदा
जयपुर। पहली तस्वीर उप रेलवे के जवाहर सर्किल स्थित मुख्यालय की है। जहां सभी चीजों को सुव्यवस्थित रखने के उद्देश्य से 5-एस कार्यप्रणाली को शुरु किया गया है। ताकि कार्यप्रणाली को बेहतर एवं कर्मचारियों की कार्य कुशलता को बढ़ाया जा सके। वहीं दूसरी तस्वीर भी उप रेलवे के स्टेशन रोड स्थित डीआरएम ऑफिस की है। यूं तो मुख्यालय से डीआरएम ऑफिस की दूरी लगभग 12 किलोमीटर ही है। लेकिन अगर बात कार्यप्रणाली और व्यवस्थाओं की करें, तो यह दूरी काफी ‘अधिक’ दिखाई पड़ती है। एक तरफ जहां उप रेलवे प्रशासन यह दावा किया जा रहा है कि इस प्रणाली को लागू करने के लिए सभी मंडलों के 90 रेलकर्मियों व उनके परिजनों को प्रशिक्षण दिया गया है। जिसमें उन्हें इसके महत्व को समझाया गया है। वहीं दूसरी तरफ यह तस्वीर रेलवे के इन दावों को झूठा साबित कर रही है। पिछले कई दिनों डीआरएम ऑफिस की गैलरी में पड़े ये कर्मचारियों से जुडे रिकॉर्ड अजमेर स्थित स्टोर ऑफिस में जाने हैं। मजेदार बात यह है कि इन कागजों के ढेर में से कर्मचारी अपने-अपने काम की चीजें खोज रहें हैं। लेकिन इन रिकॉर्ड को इनकी सही जगह पर पहुंचाने के लिए कोई कुछ नहीं कर रहा।

क्या है 5-एस तकनीक : 5-एस एक जापानी टर्म है। ये 5-एस सोर्ट, सेट इन ऑर्डर, शाइन, स्टैंडर्डाइज और सस्टेन है। जिसका मतलब किसी भी कार्य या वस्तु को छांटकर, क्रम में जमाना, चमकाना, मानकीकृत करना और व्यवस्थित बनाए रखना है।

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Web Title: एक रेलवे...दो आॅफिस, दोनों में नियम 5 एस का लेकिन एक जितना साफ..दूसरा उतना ही गंदा
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