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छत्तीस घंटे के स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन-18 में स्टूडेंट्स ने समस्याओं के निकाले समाधान

‘आज का युग नए विचारों को साकार करने का है।’ यह संदेश सूचना व प्रसारण राज्य मंत्री राजवर्धन सिंह राठौड़ ने...

Bhaskar News Network | Last Modified - Apr 01, 2018, 03:00 AM IST

छत्तीस घंटे के स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन-18 में स्टूडेंट्स ने समस्याओं के निकाले समाधान
‘आज का युग नए विचारों को साकार करने का है।’ यह संदेश सूचना व प्रसारण राज्य मंत्री राजवर्धन सिंह राठौड़ ने स्टूडेंट्स को दिया। मौका था जेईसीआरसी में 36 घंटे से लगातार चल रहे दुनिया के सबसे बड़े कोडिंग प्रोग्रामिंग ‘स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन-18’ सॉफ्टवेयर वर्जन के ग्रांड फिनाले के समापन का, जो नोडल सेंटर जेईसीआरसी कॉलेज में हुआ। राठौड़ ने नरेंद्र मोदी के डिजिटल इंडिया की परिकल्पना को साकार करने और 36 घंटे तक की गई मेहनत की सराहना की। उन्होंने 300 स्टूडेंट्स के इनोवेटिव सॉफ्टवेयर समाधान को गर्व की बात बताया। ‘स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन-18’ के पहले दिन प्रधानमंत्री ने कॉलेज में वीडियो कॉन्फ्रेंस से लाइव संवाद किया था। जेईसीआरसी के डायरेक्टर अर्पित अग्रवाल ने बताया, हैकाथॉन-18 सॉफ्टवेयर वर्जन के ग्रैंड फिनाले में जेईसीआरसी से सर्वाधिक 9 टीमों का चयन हुआ। आयोजन के लिए देशभर में 27 नोडल सेंटर बनाए गए हैं, जिनमें राजस्थान से जेईसीआरसी एक मात्र कॉलेज है जिसको सूचना और प्रसारण मंत्रालय की 16 समस्याओं के निराकरण के लिए चुना गया। हैकाथॉन में टीसीएस, डलॉइट, इनफोसिस व पेरसिस्टेंट जैसी कंपनीस के सीनियर्स व ऑफिसर्स को निर्णायक मंडल में चुना गया है व देश के आईआईटी, एनआईटी और विभिन्न अन्य कॉलेजों के लगभग 1500 सीनियर कंप्यूटर साइंस के प्रोफेशनल्स को टीम्स की मेंटोरशिप के लिए एमएचआरडी ने निर्देश जारी किए हैं। रविवार को विनर्स टीमों की घोषणा की गई और विनर्स को पुरस्कार दिए गए। साथ ही स्टूडेंट्स को भारत सरकार के विभिन्न मंत्रालयों के साथ काम करने का मौका दिया जाएगा। प्रोग्राम के लिए तेलंगाना, कर्नाटक, तमिलनाडु, पंजाब, हरियाणा, मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश, दिल्ली, गुजरात के तकनीकी कॉलेजों की 50 टीमें शामिल हुईं।

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