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एमसीआई का इंस्पेक्शन नहीं होने से अटकी 600 सीटें

एमसीआई ने राजस्थान के 6 गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज और 3 प्राइवेट मेडिकल कॉलेज की कुल 1200 सीटों को पहले इंस्पेक्शन में 2018...

Bhaskar News Network | Last Modified - Apr 01, 2018, 03:05 AM IST

एमसीआई ने राजस्थान के 6 गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज और 3 प्राइवेट मेडिकल कॉलेज की कुल 1200 सीटों को पहले इंस्पेक्शन में 2018 सेशन के लिए अप्रूवल नहीं दिया। इसके लिए राजस्थान मेडिकल एजुकेशन डिपार्टमेंट ने कमियों को फुलफिल करने के लिए समय मांगा है। इसके लिए एमसीआई पहले फरवरी अंत और बाद में 30 मार्च को आना तय था। असल में अब तक एमसीआई इस सैकंड इंस्पेक्शन के लिए नहीं आई है। इस इंतजार में राजस्थान की मेडिकल 600 सीटें अटकी हुई हैं। 10 मई को नीट यूजी एग्जाम होने वाले हैं। ऐसे में इन सीटों का महत्व और भी बढ़ जाता है। पिछले इंस्पेक्शन में 10 से 30 परसेंट कमियां पाई गईं। मेडिकल एजुकेशन डिपार्टमेंट की मानें तो यह सभी कमियां फुलफिल कर दी गई हैं। सीकर मेडिकल कॉलेज का इंफ्रास्ट्रक्चर अभी पूरा नहीं हुआ है। बाकी 6 मेडिकल कॉलेजों को इस सेशन में 600 सीटें मिल जाएंगी। ये पहले फेज की सीटें थीं लेकिन सैकंड फेज में राजस्थान को केवल एक कॉलेज मिलेगा। इस तरह सेशन 2019 के लिए सीकर मेडिकल कॉलेज और एक अन्य कॉलेज की 200 सीटें मिल जाएंगी। एक्सपर्ट्स की मानें तो फैकल्टी मिलने में सबसे ज्यादा समस्या का सामना करना पड़ रहा है। भीलवाड़ा मेडिकल कॉलेज के प्रिंसीपल डॉ. राजेश पाठक ने कहा कि कमियों को दूर कर लिया गया। अब एमसीआई का इंतजार है। डूंगरपुर मेडिकल कॉलेज प्रिंसीपल डॉ. शलभ शर्मा ने कहते हैं कि 10 मई को एग्जाम है तो ऐसे में समय कम रह गया है। संभव है कि अप्रैल में टीम आ जाए। वैसे 80 परसेंट कमियां दूर हो चुकी हैं। अभी कुछ फैकल्टीज और फर्नीचर और इक्यूप्मेंट्स आने बाकी है। जनरली सेक्रेटरी सिफारिश से सीटें मिल सकती है। अगस्त में सेशन शुरू होगा तो उस वक्त तक सभी कमियां दूर हो जाएगी।

पैकेज के कारण नहीं मिल रही फैकल्टी

जानकारों का कहना है कि रिमोट एरिया होने के कारण फैकल्टी इन कॉलेजेज में पढ़ाने के लिए तैयार नहीं है। दूसरा, प्राइवेट कॉलेजेज से अच्छा पैकेज ऑफर करने के कारण भी कम फैकल्टी मिल पा रही हैं। सबसे बड़ी समस्या ये है कि होम टाउन को छोड़ कर नहीं जाना चाहते और होम टाउन में प्राइवेट कॉलेज अच्छे पैकेज का ऑफर कर रहे हैं। जबकि इन कॉलेजेज में मुश्किल से 10 परसेंट डेफिसिएंसी रह गई है। इसको भी एमसीआई कमेटी के आने से पहले पूरा कर लिया जाएगा। इस सेशन में 600 सीटें काउंसिल में आ जाएंगी।

30 मार्च तक एमएसआई कमेटी 6 गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज के सैकंड इंस्पेक्शन के लिए आने वाली थी

इन कॉलेज को मिलना है अप्रूवल : पाली मेडिकल कॉलेज, भीलवाड़ा मेडिकल कॉलेज, चूरू मेडिकल कॉलेज, भरतपुर मेडिकल कॉलेज, बाड़मेर मेडिकल कॉलेज और डूंगरपुर मेडिकल कॉलेज का फिर से इंस्पेक्शन किया जाएगा।

बाड़मेर और डूंगरपुर के लिए हमें फैकल्टी की ज्यादा दिक्कत आ रही है। यह केवल हमारी ही नहीं बल्कि इंडिया लेवल पर मेडिकल फैकल्टी की कमी है। इसके बावजूद हमने इन दोनों मेडिकल कॉलेजेज के लिए फैकल्टी की कंडीशन फुलफिल कर दी हैं। एमसीआई का सैकंड इंस्पेक्शन आने वाला है। पिछले इंस्पेक्शन के मुताबिक जो कमियां थीं, उन्हें दूर कर दिया गया है। इस सेशन में 600 सीटें मिल जाएंगी।  बचनेश कुमार अग्रवाल, एडिशनल डायरेक्टर, मेडिकल एजुकेशन डिपार्टमेंट

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