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सीमा शुल्क दोगुना होने से आभूषण निर्यात घटने के हालात बनेंगे

आम बजट में कट एवं पॉलिश्ड डायमंड व कलर स्टोन पर सीमा शुल्क 2.5 से बढ़ाकर 5 फीसदी करने से प्रदेश के आभूषण निर्यातकों को...

Bhaskar News Network | Last Modified - Feb 02, 2018, 03:05 AM IST

आम बजट में कट एवं पॉलिश्ड डायमंड व कलर स्टोन पर सीमा शुल्क 2.5 से बढ़ाकर 5 फीसदी करने से प्रदेश के आभूषण निर्यातकों को झटका लगा है। दरअसल, सीमा शुल्क बढ़ने से र| जड़ित आभूषणों की लागत बढ़ेगी और ग्लोबल बाजार में इनको बेचना मुश्किल होगा। काबिलेगौर है कि र| जड़ित आभूषणों में लगे आयातित रंगीन र|ों पर चुकाए सीमा शुल्क का ड्यूटी ड्रॉ बैक नहीं मिलता। ऐसे में सीमा शुल्क दोगुना होने से बढ़ी लागत निर्यातकों को वहन करनी पड़ेगी। प्रदेश से हर साल करीब 4,000 करोड़ रुपए के रंगीन र|ों का निर्यात होता है।

र| एवं आभूषण निर्यात संवर्धन परिषद (जीजेईपीसीसी) के चेयरमैन प्रमोद अग्रवाल का कहना है कि निर्यातक सोने पर ड्यूटी कम करने की मांग कर रहे थे। इसको पूरा करने की बजाय कट एवं पॉलिश्ड रंगीन र|ों पर सीमा शुल्क बढ़ाकर दोगुना कर दिया। इसके चलते आभूषण निर्यात में गिरावट की आशंका है। उन्होंने बताया कि वाणिज्य मंत्रालय को पत्र भेजकर बढ़ाई गए सीमा शुल्क को वापस लेने का आग्रह किया गया है। जीजेईपीसीसी के पूर्व चेयरमैन राजीव जैन का कहना है कि सीमा शुल्क बढ़ने से तस्करी भी बढ़ेगी। जयपुर के निर्यातकों का अंतरराष्ट्रीय बाजार में टिकना मुश्किल होगा। इस कदम से बेल्जियम, दुबई व इजरायल जैसे देश के निर्यातक आगे निकल जाएंगे। अमेरिकी बाजार में भारतीय निर्यातकों की हिस्सेदारी घटेगी।

सोना-चांदी का आयात महंगा

आम बजट में सोना-चांदी पर औसत सीमा शुल्क पर 3 फीसदी सामाजिक कल्याण उपकर यानी सेस लगाने सोना-चांदी पर अब ज्यादा टैक्स देना पड़ेगा। सोना-चांदी पर पहले 10% इम्पोर्ट ड्यूटी थी। अब यह 10.3% हो जाएगी। यानी मौजूदा भावों पर प्रति 10 ग्राम करीब 90 रु. टैक्स ज्यादा देना पड़ेगा। सर्राफा ट्रेडर्स कमेटी के अध्यक्ष कैलाश मित्तल का कहना है कि इम्पोर्ट ड्यूटी कम नहीं करने से ज्वैलर्स पहले ही निराश थे। हालांकि व्यापक गोल्ड पॉलिसी तथा गोल्ड स्पॉट एक्सचेंज और गोल्ड डिपॉजिट एकाउंट की घोषणा बेहतर है।

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