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100 घंटे बाद भी पुलिस के पास क्लू नहीं, खंगाल रहे हैं फुटेज

जयपुर में एटीएम से ट्रांजेक्शन करने वाले लोगों के कार्ड क्लोन कर दिल्ली में रुपए निकलने के मामले में बुधवार को भी 13...

Bhaskar News Network | Last Modified - Mar 01, 2018, 03:30 AM IST

100 घंटे बाद भी पुलिस के पास क्लू नहीं, खंगाल रहे हैं फुटेज
जयपुर में एटीएम से ट्रांजेक्शन करने वाले लोगों के कार्ड क्लोन कर दिल्ली में रुपए निकलने के मामले में बुधवार को भी 13 और पीड़ित महेश नगर थाने पहुंचे। क्लोन कार्ड से ठगी के शिकार लोगों की संख्या बुधवार को चौथे दिन 77 हो गई। इधर मामले में पुलिस की जांच एक कदम भी आगे नहीं बढ़ सकी है। जांच के हालात ये हैं कि मामला सामने आने के 100 घंटे बाद भी पुलिस उन एटीएम से संदिग्धों के फुटेज नहीं ले सकी है जहां बदमाशों ने स्किमर लगाए थे। हालांकि पुलिस अफसरों का कहना है कि कुछ एटीएम की फुटेज मिल गई है, जिनको देखने में समय लग रहा है। महेश नगर पुलिस ने एक सब इंस्पेक्टर के नेतृत्व में टीम दिल्ली भेज दी है, जिन्हें गुरुवार तक फुटेज मिल जाएंगे।

मामले में महेश नगर थाने में 52 पीड़ित मंगलवार तक आ चुके थे। बुधवार को 13 पीड़ित आए। इसी तरह से जवाहर सर्किल, सांगानेर, ज्योति नगर व बजाज नगर में 12 पीड़ितों ने रिपोर्ट दी थी। बदमाशों ने इन चारों इलाकों से काफी मात्रा में लोगों के डाटा चुराए हैं। जिनसे हर रोज क्लोन कर रुपए निकाल रहे हैं। हालांकि इन क्षेत्रों में ट्रांजेक्शन करने वाले अधिकतर लोगोंं ने मामला सामने आने के बाद एटीएम के कोड को बदल लिया है। अब वे लोग ठगी के शिकार हो रहे हैं जिन्होंने गत 20 दिन में ट्रांजेक्शन किए और एटीएम कार्ड का कोड नहीं बदला है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि बदमाशों ने उन मशीनों को निशाना बनाया जो पुरानी है और नए वर्जन के अनुसार अपग्रेड नहीं है।

दिल्ली में जिन एटीएम से रुपए िनकले वहां के फुटेज आज मिलेंगे

मैग्नेटिक स्ट्रीप वाले एटीएम कार्ड का ही बना क्लोन, चिप वाले कार्ड सुरक्षित रहे

जांच में सामने आया है कि जिन लोगों के साथ वारदात हुई उनके एटीएम मैग्नेटिक थे। यानि कि उनमें चिप लगी हुई नहीं थी। क्योंकि चिप की क्लोनिंग आसानी से नहीं होती है। बैंक अधिकारियों का कहना है कि चिप लगे एटीएम कार्ड ज्यादा सुरक्षित होते हैं। अभी तक ऐसे एटीएम कार्ड की क्लोनिंग का केस सामने नहीं आया है। रिजर्व बैंक ने भी बैंकों को निर्देश दिया था कि जिन ग्राहकों के पास मैगनेटिक एटीएम कार्ड है, उनको चिप वाले कार्ड से बदला। बैंकों ने भी ग्राहकों को सूचित कर रखा है कि जिनके पास पुराने मैग्नेटिक एटीएम कार्ड है, उनको चिप वाले एटीएम कार्ड के साथ बदल लें।

देहरादून में दूसरे दिन ही एसटीएफ को दी थी जांच, यहां सब इंस्पेक्टर के भरोसे

देहरादून में भी गत वर्ष जुलाई में नेहरू नगर थाना इलाके में 98 लोगों के एटीएम का क्लोन बनाकर जयपुर में रुपए निकाले गए थे। मामले की गंभीरता के आधार पर डीजीपी ने दूसरे ही दिन जांच स्पेशल टॉस्क फोर्स को और मॉनिटरिंग एडीजी (लॉ एंड आर्डर) अशोक कुमार को सौंपी थी। एसटीएफ ने महज एक माह में जांच कर 4 आरोपियों को पुणे से गिरफ्तार कर लिया था। देहरादून पुलिस ने दूसरे दिन ही उन एटीएम को सील कर दिया था जहां स्केनर लगाया था। इसका फायदा यह हुआ कि बैंकों ने दूसरे दिन ही फुटेज दे दिए। साथ ही मोबाइल टॉवर के आधार पर करीब 1000 से ज्यादा संदिग्ध नंबर जांच के दायरे में ले लिए थे। जयपुर में भी देहरादून की तरह ही ठगी हुई है। जांच थाना प्रभारी और सब इंस्पेक्टर स्तर के आॅफिसर कर रहे हैं। जबकि यहां भी स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप है। हालांकि डीसीपी क्राइम विकास पाठक का कहना है कमिश्नरेट की क्राइम ब्रांच व डीसीपी साऊथ की टीमें लगी हंै।

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