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मंिदर की दीवार तोड़ने पर एसपी एपीओ, तहसीलदार व प्रवर्तन अिधकारी हटाए

जेडीए दस्ते को टोंक रोड के सीतापुरा क्षेत्र स्थित गोरखनाथ मंदिर की दीवार व कुछ हिस्सा तोड़ना भारी पड़ गया। मंदिर...

Bhaskar News Network | Last Modified - Mar 01, 2018, 03:30 AM IST

मंिदर की दीवार तोड़ने पर एसपी एपीओ, तहसीलदार व प्रवर्तन अिधकारी हटाए
जेडीए दस्ते को टोंक रोड के सीतापुरा क्षेत्र स्थित गोरखनाथ मंदिर की दीवार व कुछ हिस्सा तोड़ना भारी पड़ गया। मंदिर तोड़ने के बाद स्थानीय स्तर पर विरोध हुआ और कुछ ही घंटों में मामला सरकार तक पहुंच गया। इसके बाद 24 घंटे तक चले राजनीतिक घटनाक्रम में सरकार ने पहले प्रवर्तन विंग के मुखिया पुलिस अधीक्षक राहुल जैन को एपीओ किया। जोन 8 के प्रवर्तन अधिकारी नरेंद्र खींचड़ व तहसीलदार रेखा यादव को भी जेडीए से हटा दिया। हालांकि सरकारी जमीन पर अतिक्रमण हटाने की फाइल पर जेडीए कमिश्नर वैभव गालरिया व जोन 8 के डिप्टी कमिश्नर प्रवीण अग्रवाल की भी अप्रूवल है। जेडीए में पहली बार एक मंदिर की दीवार हटाने पर 3 अफसरों को हटाया गया है। वहीं एपीओ हो चुके पुलिस अधीक्षक राहुल जैन ने बताया कि प्रवर्तन विंग ने पूरी कार्यवाही नियमानुसार की है। जेडीए कमिश्नर वैभव गालरिया ने बताया कि मंदिर नहीं तोड़ा है, केवल वहां चल रही दुकान पर कार्रवाई की गई है।

देर रात मुख्य सचिव ने मांगी रिपोर्ट

पहली बार ऐसी कार्रवाई होने पर सीएमओ से लेकर जेडीए के ऑफिसर रातभर सक्रिय रहे। मुख्य सचिव ने रात को ही कार्रवाई की रिपोर्ट तलब की है। जेडीए कमिश्नर वैभव गालरिया और पुलिस कमिश्नर संजय अग्रवाल ने देर रात माैका निरीक्षण किया। इधर, भाजपा प्रदेशाध्यक्ष भी इस मामले में की गई कार्रवाई की जानकारी लेते रहे।

मंदिर परिसर में थी दुकान, इसलिए तोड़ी दीवारी

जेडीए के अधिकारियों का कहना है कि मंदिर केवल ढाई बाई ढाई मीटर का ही मंदिर था। इसके बाद दीवार बना कर दुकान बना रखी थी। इस अनधिकृत दीवार को जोन कार्यालय की रिपोर्ट के आधार पर तोड़ है।

पहली बार एक मंदिर की दीवार हटाने पर जेडीए में 3 अफसरों को हटाया गया

अगस्त 2015 में 15X20 फीट का अतिक्रमण हटाने का दिया था नोटिस

टोक रोड पर सीतापुरा क्षेत्र के इंडिया गेट के सामने गुरु गोरखनाथ मंदिर व धूना बना हुआ है। जेडीए ने अगस्त 2015 में टीनशेड के 15 बाई 20 फीट को अतिक्रमण हटाने का नोटिस दिया। लेकिन तत्कालीन सांसद योगी आदित्यनाथ का जेडीए को पत्र आने के बाद कार्रवाई नहीं हो पाई। बाद में 4 जनवरी 2018 को जेडीए अधिनियम 1982 की धारा 72 का नोटिस दिया। इसका जोन 8 के डिप्टी कमिश्नर से परीक्षण करवाया। जोन ने इस निर्माण को सरकारी जमीन पर माना। मामला जेडीए ट्रिब्यूनल कोर्ट में चला गया। कोर्ट ने 15 दिन में दस्तावेज देने को कहे। इसके बाद प्रवर्तन अधिकारी ने 20 फरवरी को 7 दिन में निर्माण हटाने का विधिक नोटिस दिया और मंगलवार को कार्रवाई कर दी।

एसपी राहुल जैन को हटाने की यह भी हो सकती है वजह

अवैध अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई से एसपी से परेशान थे कई नेता

जेडीए के पुलिस अधीक्षक राहुल जैन ने पिछले एक साल में गोपालपुरा बाइपास व खड्डा बस्ती के अवैध अतिक्रमणों को हटवाया था। इसके साथ भी निम्स विश्वविद्यालय की बिल्डिंगों को भी तोड़ा था। एसपी जैन हर 6 महीने में प्रवर्तन अधिकारियों को बदल देते थे। ताकि कोई मिलीभगत की संभावना नहीं हो। अवैध अतिक्रमणों के खिलाफ हो रही कार्रवाई से शहर के कई नेता व जनप्रतिनिधि परेशान थे तथा मौके की तलाश में थे।

पहले यह थी स्थिति

ईडी ने चौकसी केस की रिपोर्ट मांगी, आईपीएस राहुल जैन के समय लगी थी एफआर

जेडीए के एसपी राहुल जैन को एपीओ करने की कई वजह हो सकती हैं, लेकिन उनके जोधपुर में डीएसपी ईस्ट कार्यकाल में ही मेहुल चौकसी के खिलाफ दर्ज मुकदमे में एफआर लगी थी। रातानाडा पुलिस चौकसी को गिरफ्तार करने मुंबई पहुंच गई थी, लेकिन यह कहकर वापस बुला लिया गया कि दोनों पार्टियां समझौता कर रही हैं। जांच अधिकारी के लौटते ही केस को सिविल नेचर के लेन-देन का विवाद बताकर एफआर के आदेश दिए गए थे। एफआर लगने के 20 दिन बाद ही जैन का ट्रांसफर हो गया। अब जब चौकसी और उनके भानजे नीरव मोदी हजारों करोड़ का घपला कर देश से भाग चुके हैं तो प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) दोनों के खिलाफ देश-दुनिया में दर्ज मुकदमों की छानबीन कर रहा है। इसी सिलसिले में ईडी ने पीएचक्यू से यह जानकारी मांगी थी, जिस पर एडीजी (क्राइम ब्रांच) ने जोधपुर कमिश्नरेट से रिपोर्ट मंगवा कर ईडी को भिजवाई है। डीसीपी ईस्ट क्राइम ब्रांच ने एफआईआर व एफआर की स्कैन कॉपी भेजी है। ईडी इसमें समझौते की जांच करवाकर लेन-देन का हिसाब निकाल सकती है।

2015 में योगी आदित्यनाथ कर चुके हैं मना

मंदिर के महंत रामसिंह का कहना है कि यह मंदिर 42 साल से है और सड़क सीमा से बाहर है। यहां दूसरा मंदिर भी है, लेकिन पीछे स्थित दुकानों को फायदा देने के लिए जेडीए अफसरों ने मंदिर में तोड़फोड़ की है। मंदिर की परिक्रमा, गाय का बाड़ा सहित अन्य निर्माण तोड़ दिए। जबकि 2015 में जेडीए की सहमति के बाद ही यह दीवार बनाई थी। गलत कार्रवाई को लेकर 2015 में तत्कालीन सांसद व यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी जेडीए को पत्र लिखकर मना किया था। मंगलवार की कार्रवाई को लेकर भी यहां रहने वाले गोरखपुर के लोगों में आक्रोश था। हिंदू जागरण मंच के प्रांत संपर्क प्रमुख सतीश अग्रवाल का कहना है कि जेडीए ने गलत तरीके से मंदिर तोड़ा है। यह हिंदू आस्थाओं पर कुठाराघात व गलत है। इससे हिंदू समाज में आक्रोश है।

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Web Title: मंिदर की दीवार तोड़ने पर एसपी एपीओ, तहसीलदार व प्रवर्तन अिधकारी हटाए
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