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होलिका दहन का सर्वश्रेष्ठ मुहूर्त रात 7:41 बजे

सोशल रिपोर्टर. जयपुर | आज तीन दिन शहर त्यौहार की खुशियों के रंग में रंगा रहेगा। शहरवासी पहले दिन फाल्गुन शुक्ल...

Bhaskar News Network | Last Modified - Mar 01, 2018, 03:30 AM IST

होलिका दहन का सर्वश्रेष्ठ मुहूर्त रात 7:41 बजे
सोशल रिपोर्टर. जयपुर | आज तीन दिन शहर त्यौहार की खुशियों के रंग में रंगा रहेगा। शहरवासी पहले दिन फाल्गुन शुक्ल पूर्णिमा गुरुवार को होलिका दहन करेंगे। दहन का सर्वश्रेष्ठ मुहूर्त रात 7:41 बजे है। ज्योतिषशास्त्री पं. दिनेश मिश्रा का कहना है कि फाल्गुन शुक्ल पक्ष प्रदोष व्यापिनी पूर्णिमा को भद्रा रहित होलिका दहन करना सर्वश्रेष्ठ रहता है। गुरुवार सुबह 8:58 बजे से पूर्णिमा के साथ रात 7:40 बजे तक भद्रा रहेगी। ऐसे में दहन रात 7:41 बजे करना सर्वश्रेष्ठ रहेगा। इस दरम्यान भद्रा रहित पूर्णिमा रहेगी।

फाग गीतों के साथ उड़ेगा गुलाल

आपसी रिश्तों में विभिन्न रंगों की खुशियां भरने के लिए फाग गीतों की धमाल के बीच एक-दूसरे के रंग, गुलाल और अबीर लगाकर धुलंडी मनाएंगे। इसी दिन नवविवाहिताएं शिव-पार्वती के अटूट बंधन की तरह अपने प्रियवर के साथ ताउम्र खुशहाल जिंदगी जीने की कामना करते हुए 16 दिन की गणगौर पूजा शुरू करेंगी। शनिवार को बहनें अपने भाइयों की लंबी उम्र के लिए भाई दूज मनाएंगी। दूज माता की पूजा कर भाइयों को तिलक लगाएंगी।

राशिनुसार पूजन

मेष- पताशे, पीपल की लकड़ी

वृष- सौंफ, खेर की लकड़ी

मिथुन- जायफल, पीपल की लकड़ी

कर्क- मिश्री व पलाश की लकड़ी

सिंह- गुड़ व गूलर की लकड़ी

कन्या- कलौंजी व शमी की लकड़ी

तुला-कपूर व अपामार्ग की लकड़ी

वृश्चिक- पीली सरसों, आम की लकड़ी

धनु- काली सरसों व शमी की लकड़ी

मकर- दो लोंग के साथ पतासे व पीपल की लकड़ी

कुंभ- काली मिर्च व खदिर की लकड़ी

मीन- मखाने व पलास की लकड़ी।

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Web Title: होलिका दहन का सर्वश्रेष्ठ मुहूर्त रात 7:41 बजे
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