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मीरा ने उठाए नारी अस्मिता पर सवाल

News - मंच पर प्रकाश फैलने के साथ ही नजर आता है मीरा की पेंटिंग्स से सजा रंग-बिरंग सैट। दरअसल ये पेंटिंग्स नाटक के सैट का...

Dainik Bhaskar

Mar 01, 2018, 03:35 AM IST
मीरा ने उठाए नारी अस्मिता पर सवाल
मंच पर प्रकाश फैलने के साथ ही नजर आता है मीरा की पेंटिंग्स से सजा रंग-बिरंग सैट। दरअसल ये पेंटिंग्स नाटक के सैट का ही एक भाग हैं इन्हें इस तरह व्यवस्थित किया गया कि हर पात्र मंच पर आता हुआ ऐसा लगता है मानो वाे पेंटिंग्स के भीतर से निकल रहा हाे। यहां खेला जा रहा है युवा रंगकर्मी सुप्रिया शर्मा के निर्देशन में नाटक प्रेम दीवानी मीरा।

मंच पर महिला किरदार का प्रवेश होता है। हैलाे... मेरा नाम मीरा है। लेकिन अाप चाहें ताे मझे माधुरी, मारिया, मरियम अाैर मनिंदर किसी भी नाम से बुला सकते हैं। क्याेंकि लाेगाें की नजर में मैं सदा से ही एक देह रही हूं...यूं दुनिया की एेसी कोई संस्कृति नहीं, जहां मेरी पूजा नहीं की गई। क्याेंकि चाहे कितने ही बड़े अवतार क्याें न हुए हाें उन्हें जन्म देने वाली एक देह ही ताे थी... अचानक महिला पात्र के बाेलने का अंदाज बदल जाता है... अाेह... क्षमा करना इस नाट्य सांझ की शुरुअात ही एक असहज सी बात से कर दी।...चलाे फिर से शुरू करते हैं... स्त्री उठकर रंगीन दुपट्टा पहनती है अाैर कहने लगती है मेरा नाम मीरा है... करीब 500 साल पहले मेरा जन्म हुआ...। नाटक में मीरा के बहाने नारी की अस्मिता की स्थिति की पड़ताल की गई यही वजह थी कि इसकी शुरुअात में एेसे सवालात किए गए जिन्हें सुनकर दर्शक साेचने काे मजबूर हाे गए।

ये सवाल रहे खास

क्याें अाज भी अाैरत मन की नहीं कर सकती... क्याें समाज की बेड़ियां हर काल में अाैरत के साथ सफर करे... कभी कोई पुरुष सती क्याें नहीं हुआ... स्त्री ही सारे बलिदान क्याें करे...।

नाटक में अपेक्षा जैन, राहुल शर्मा, नितिन सैनी, प्रतिभा पारीक, श्वेता खत्री, शुभम सिसोदिया, रजत शर्मा, शिवम सांगावत, रीतेश सिसोदिया, संजय महावर ने अभिनय किया। संगीत मुकेश वर्मा साेनी का था। नाट्य प्रदर्शन के बाद रेडियो जॉकी अभिनेत्री गायिका सुषमा नरूला को स्मृति चिन्ह, शॉल देकर मीरा सम्मान से सम्मानित किया गया।

रवींद्र मंच पर सुप्रिया शर्मा के निर्देशन में खेला गया नाटक

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