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बच्चों की केयर के लिए डबल टाइम दे पाएंगी विमन एम्पलॉई

महिलाएं अपने कॅरिअर को कंटीन्यू रख सकें इसके लिए यूनियन बजट-2018 में मेटरनिटी लीव को 12 वीक से बढ़ाकर 26 वीक कर दिया गया...

Bhaskar News Network | Last Modified - Feb 02, 2018, 04:05 AM IST

महिलाएं अपने कॅरिअर को कंटीन्यू रख सकें इसके लिए यूनियन बजट-2018 में मेटरनिटी लीव को 12 वीक से बढ़ाकर 26 वीक कर दिया गया है। हालांकि प्राइवेट सेक्टर में विमन को अब यह सुविधा टर्म्स एंड कंडीशन पर है। कम मेटरनिटी लीव के चलते महिलाएं कॅरिअर ब्रेक कर रही थीं। अब विमन अपने कॅरिअर पर फोकस कर सकेंगी।

अब तक क्या था : विमन एम्पलॉई को तीन महीने की मेटरनिटी लीव दी जाती थी। इससे बच्चों की देखभाल के लिए विमन प्रॉपर टाइम नहीं दे पाती थी। इससे वे जॉब को छोड़ रही थी।

अब क्या : मेटरनिटी लीव को बढ़ा कर डबल से ज्यादा कर दिया गया है। 26 वीक यानी छ: महीने दो हफ्ते करने से एम्पलॉई को काफी राहत मिली है। अब वे बच्चों को ज्यादा समय दे सकेंगी और अपने कॅरिअर को भी कंटीन्यू कर पाएंगी।

इसका असर : यूनियन बजट में विमन एम्पलॉयज के लिए मेटरनिटी लीव को बढ़ाकर 26 वीक कर दिया गया है। पहले ये लीव 12 वीक की थी। इस बारे में आईएएस रोली सिंह ने कहा कि यह विमन एंपावरमेंट की ओर एक कदम है। विमन को इनक्रीज करने के लिए इस तरह की पॉलिसी बहुत मददगार साबित होती है। प्राइवेट सेक्टर भी इस रूल्स को तभी फॉलो करेंगे जब गवर्नमेंट सेक्टर में महिलाओं को इस तरह की सुविधा दी जाएगी। वर्क टू होम जैसे ऑप्शन उनके पास उपलब्ध होने चाहिए। इससे विमन अपने कॅरिअर को ब्रेक नहीं करेंगी। प्राइवेट सेक्टर में महिलाओं को अब दिक्कत आ रही है। क्योंकि उन्हें मुश्किल से तीन महीने की मेटरनिटी लीव मिल पाती है। गवर्नमेंट खुद यह उदाहरण पेश कर रही है तो प्राइवेट सेक्टर इस बारे में सोचेंगे।

Women

आम बजट में कुछ घोषणाओं को छोड़ खास नहीं था। महिलाओं के लिए मेटरनिटी लीव, टूरिज्म प्रमोशन के लिए फिजिकल एक्सेसिबिलिटी व अॉडियो विजुअल गाइड जैसी सुविधाएं, 1000 बीटेक स्टूडेंट्स के लिए फैलोशिप स्कीम, एयरपोर्ट्स की बेहतर कनेक्टिविटी और बुजुर्गों के लिए टैक्स और प्रीमियम में रियायत ने राहत दी, सिटी भास्कर के लिए एक्सपर्ट्स ने किया बजट एनालिसिस।

Jewellery

गोल्ड पर ड्यूटी चार्ज बढ़ाने से अब जूलरी हो जाएगी महंगी

बजट इस बार जूलरी सेगमेंट के लिए कुछ खास नहीं लेकर आया। ज्वैलर्स का कहना है कि गोल्ड पर .3% ड्यूटी चार्ज बढ़ा दिया है और कस्टम ड्यूटी भी डबल कर दी गई है। कस्टम ड्यूटी 1.5 से बढ़ा कर 5% कर दी। ज्वैलर अजय काला का कहना है कि अगर किसी एक लाख की जूलरी में पहले 25 हजार के डायमंड या स्टोन लगे हैं तो अब यह जूलरी महंगी हो जाएगी। यानी 25 हजार के डायमंड की जगह 27,500 के हो जाएंगे। वहीं इमिटेशन जूलरी पर पहले 15 प्रतिशत चार्ज की जगह 20% चार्ज कर दिया गया है। ज्वैलर राजीव जैन ने कहा कि इंटरनेशनल मार्केट कॉम्पीटिशन में हम पहले से पीछे थे अब और हो जाएंगे। कम से कम गोल्ड पर ड्यूटी बढ़ाने की उम्मीद नहीं थी।

स्मारकों की होगी कायापलट, पर्यटकों का बढ़ेगा अट्रेक्शन

आम बजट में पर्यटन को बढ़ावा देने की बात प्रमुखता से कही गई है। बजट घोषणा में 10 फेमस और 100 आदर्श स्मारकों को इसमें शामिल करने की बात कही गई है। चूंकि स्मारकों के मामले में राजस्थान बाकी राज्यों से बहुत आगे है। इसलिए चाहे स्टेट आर्कियोलॉजी हो या सेंट्रल आर्कियोलॉजी विभाग के अधीन आने वाले स्मारक हों प्रदेश की भूमिका बहुत ज्यादा रहने वाली है। अभी यह तय नहीं है कि कौनसे स्मारक होंगे लेकिन इतना तय है कि बहुत से स्मारक का चेहरा बदलेगा, सुविधाएं बढ़ेंगी। अगर ऐसा होता है तो टूरिज्म की संभावनाएं तेजी से बढ़ेंगी। संभवत: इसमें प्रदेश के वर्ल्ड हैरिटेज साइट आमेर फोर्ट और जंतर-मंतर सबसे आगे हाेंगे।

प्राइवेट फर्म के साथ मिलकर सरकार पर्यटन स्थल करेगी डवलप : गौरतलब है कि स्टेट आर्कियोलॉजी राजस्थान के 342 प्रोटेक्टेड मॉन्यूमेंट्स और 21 म्यूजियम हैं। हालांकि बजट में 10 प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों के नाम की घोषणा नहीं की गई। इस प्रोजेक्ट में पीपीपी मोड पर प्राइवेट सेक्टर्स का भी इंवेस्टमेंट होगा। खास बात है कि इन पर्यटन स्थलों की ब्रांडिंग भी ऐतिहासिक परिदृश्य को ध्यान में रखकर की जाएगी। ज्यादा विजिटर्स का एक्सपीरियंस बढ़ाने के लिए आर्कियोलोजिकल सर्वे ऑफ इंडिया (एएसआई) डिपार्टमेंट के 100 आदर्श स्मारकों में पर्यटकों के लिए सुविधाओं में बढ़ोतरी होगी। वर्तमान में आर्कियोलोजिकल सर्वे ऑफ इंडिया (एएसआई) के 162 मॉन्यूमेंट्स राजस्थान में हैं। डिपार्टमेंट ऑफ आर्कियोलॉजी एंड म्यूजियम के डायरेक्टर हृदयेश कुमार शर्मा ने बताया कि अगर 10 पर्यटन स्थलों में ज्यादा से ज्यादा टूरिस्ट साइट प्रदेश से शामिल हों तो प्रदेश के पर्यटन के लिए बेहतर होगा। टूर ऑपरेटर संजय गौड़ ने बताया कि जयपुर से कुछ ही दूरी पर आभानेरी, फतेहपुर सीकरी जैसे पर्यटन स्थल हैं। उन्हें भी ताज महल व आमेर फोर्ट की तरह डवलप कर सकते हैं।

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कोटा एयरपोर्ट होगा शुरू, फलौदी पर भी विचार

बजट में देश के मौजूदा 124 एयरपोर्ट को 5 गुणा बढ़ाने का प्रस्ताव जारी किया है। एयरपोर्ट डायरेक्टर जे.एस. बलहारा ने बताया कि जयपुर रीजनल कनेक्टिविटी में आगरा, जैसलमेर और बीकानेर के एयरपोर्ट शामिल हैं। इसके अलावा फेज 2 में किशनगढ़ और कोटा को शुरू किया जाएगा। राजस्थान में अभी 6 एयरपोर्ट हैं ,इनमें से 5 रन कर रहे हैं और आने वाले कुछ महीनों कोटा एयरपोर्ट भी शुरू किया जाएगा। फलौदी में भी नया एयरपोर्ट बनाए जाने पर सरकार विचार कर रही हैं।

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