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एक गोली प्रतििदन लेने से सीएमएल ब्लड कैंसर पर काबू

5 वर्ष पहले
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जयपुर| वर्ल्डसीएमएल-डे के मौके पर गुरुवार को महेश नगर स्थित हिमेटोलॉजी सेंटर में ब्लड कैंसर एक्सपर्ट की ओर से गुरुवार को कैंसर जागरूकता सेमिनार हुई। इसमें लोगों को कैंसर निदान और सावधानियों की जानकारी दी गई। सीनियर हेमेटोलॉजिस्ट डॉ. उपेंद्र शर्मा ने बताया कि किसी को थकान रहती है, एनीमिया की शिकायत है, पसीना ज्यादा आता है और तिल्ली बढ़ने से पेट में फुलाव महसूस होता है तो यह खतरनाक संकेत हैं। यह संकेत क्रोनिक मायलाइड ल्यूकीमिया (सीएमएल) बीमारी के हो सकते हैं। समय पर ध्यान नहीं दिया तो यह खतरनाक ब्लड कैंसर बन सकता है। प्रारंभिक स्टेज में सीएमएल से होने वाले ब्लड कैंसर को एक गोली रोज लेकर काबू पाया जा सकता है। बाद में स्थिति जटिल होकर विस्फोटक और जानलेवा हो सकती है। डॉ. उपेंद्र ने बताया कि क्रोनिक मायलाइड ल्यूकीमिया (सीएमएल) ब्लड कैंसर का ही एक रूप है। चूंकि खून शरीर के सभी हिस्सों में जाता है, ऐसे में खून के साथ बेकाबू बढ़ी हुई कोशिकाएं दूसरी कोशिकाओं को प्रभावित करके शरीर के विभिन्न भागों में विपरीत असर दिखाने लगती हैं, जो कैंसर का कारण बनता है। यह युवाओं और बुजुर्गों को ज्यादा चपेट में लेती है।

खास लक्षण सामने नहीं आते हैं -

सामान्य लक्षणों में थकान रहना, खून की कमी होना, वजन अचानक कम होना, बार-बार बुखार आना, पसीना ज्यादा आना, भूख कम हो जाना, पेट में फुलाव होना आदि हैं। ब्लड टेस्ट में खून की कोशिकाओं का असंतुलन पता चल जाएगा और यह बीमारी सामने जाएगी। बोन मैरो की बायप्सी से भी इसका पता चल जाता है।

वर्ल्ड सीएमएल-डे आज, कैंसर जागरूकता प्रोग्राम हुआ का आयोजन

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