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1100 महिलाओं ने निकाली कलश यात्रा

विराटनगर|कस्बे के बीजक हनुमान मंदिर में नव दिवसीय नवकुंडात्मक सीताराम महायज्ञ में रविवार से आहुतियां लगेगी।...

Danik Bhaskar | Apr 01, 2018, 06:55 AM IST
विराटनगर|कस्बे के बीजक हनुमान मंदिर में नव दिवसीय नवकुंडात्मक सीताराम महायज्ञ में रविवार से आहुतियां लगेगी। शनिवार को मोहनदासजी महाराज के सानिध्य में 1100 महिलाओं ने कलश यात्रा निकाली। कलश यात्रा में लगी लंबी कतार से कस्बा धर्ममय हो गया। पंडित कुंजबिहारी शर्मा ने बताया कि महायज्ञ को लेकर 1100 महिलाओं ने सिर पर कलश रखकर यात्रा शुरू की। कलश यात्रा गाजेबाजे के साथ चल रही थी। यात्रा का जगह-जगह स्वागत किया गया। कलश यात्रा बीजक स्थित हनुमान मंदिर में पहुंचकर विसर्जित हुई। उन्होंने बताया कि सीताराम महायज्ञ में लक्ष्मीनारायण शुक्ला के आचार्यत्व में रविवार से आहुतियां शुरू होगी। महायज्ञ का समापन 9 अप्रेल को पूर्णाहुति के साथ होगा। इस दौरान भंडारे का भी आयोजन हुआ।

नन्द कुंड में बालाजी की प्रतिमा की हुई प्राण प्रतिष्ठा

मैड़ |महाभारत के कीचक की धरती कहे जाने वाले मैड़ कस्बे के समीप इतिहास प्रसिद्ध बाणगंगा धाम पर नन्द कुंड परिसर में अत्यन्त दुर्लभ एवं दुष्प्राप्य बालाजी की करीब 600 साल पुरानी मूर्ति के लापरवाही वश खंडित होने के बाद अब नये सिरे से मूर्ति की शनिवार को प्राण प्रतिष्ठा हुई। जिसको लेकर खेड़ा की ढाणी से बाणगंगा तक 551 महिलाओं की कलश यात्रा निकली। जहां अब बालाजी की भव्य एवं मनोहर प्रतिमा अलवर जिले के लोकप्रिय सफेद संगमरमर पत्थर से थानागाजी में निर्मित होने के बाद विधि विधान पूर्वक पंडितों ने मंदिर मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा करवाई। जहां विशाल भंडारे का आयोजन हुआ।

जाहिर है कि नवरात्र पर्व के दरम्यान किसी अज्ञात भक्त ने बालाजी की दुष्प्राप्य, दुर्लभ प्रतिमा के सामने धूप ध्यावना के लिए अलाव जलाकर खुले में छोड़ दिया। जहां आग धीरे धीरे पहुंचकर बालाजी मूर्ति तक पहुंच गई। जहां आग की तपत से मूर्ति तड़क कर खंडित हो गई। जिसको लेकर राधाकांत मंदिर के पुजारी जगदीश दासजी महाराज ने देखा तो मूर्ति के खंडित हो जाने की बात लोगों से कही। जहां आस्थावान लोगों ने खंडित प्रतिमा को गाड़ी में रखकर अलवर जिले के प्रसिद्ध नारायणी धाम के स्रोते में बहा दी। जिसके बाद धाम क्षेत्र के आसपास की ढाणियों के लोगों ने एकराय कर थानागाजी के मूर्तिकारों से बालाजी की प्रतिमा झीरी के सफेद संगमरमर से करवाने का निर्णय लिया गया। जहां विधि पूर्वक पंडितों ने पूजा अर्चना के साथ प्रतिष्ठा करवाई। मंदिर पुजारी ने बताया ग्रामीणों के सहयोग से मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा की गई। गिर्राज प्रसाद शर्मा ने बताया कि आस्थावान लोगों को बाणगंगा धाम पर बालाजी की प्रतिमा खंडित हो जाने की जानकारी मिलते ही क्षेत्र के लोगों की प्रतिदिन मंदिर स्थल पर मूर्ति प्रतिष्ठा को लेकर बैठकें आयोजित हुई। जहां लोगों की सहमति मिलते ही मंदिर में मूर्ति की प्रतिष्ठा विद्वानों से करवाई गई। इस मौके पर मंदिर में विशाल भंडारे का आयोजन हुआ। जहां आसपास के हजारों भक्तों ने पंगत प्रसादी ग्रहण की। इस मौके पर विधायक डॉ फूल चंद भिंडा, देवनारायण लटाला, हनुमान मीणा, रामवतार सैनी, सीताराम, पूर्व उपसरपंच गिर्राज नरहका, पूर्व उपसरपंच गंगाराम मेहरा, उपसरपंच जयराम सैनी, कमलेश नरेठा थे ।