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शौक पूरे करने भाइयों ने बनाई गैंग, ATM हैक कर 250 खातों से निकाले 2.5 Cr

लोगों के खाते से करोड़े रुपए निकालने वाले गिरोह के तीन आरोपी गिरफ्तार।

Bhaskar News | Last Modified - Nov 17, 2017, 07:53 AM IST

शौक पूरे करने भाइयों ने बनाई गैंग, ATM हैक कर 250 खातों से निकाले 2.5 Cr

पाली/रायपुर.रायपुर पुलिस ने देशभर में ATM हैक कर लोगों के खाते से करोड़े रुपए निकालने वाले गिरोह के तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें से दो आरोपी उत्तराखंड के रहने वाले हैं और सगे भाई हैं। ब्रांडेड चीजों का शौक रखने वाले यह आरोपी अलग-अलग शहरों में जाकर लोगों के ATM कार्ड बदल कर या फिर ATM हैक कर उनके अकाउंट से रुपए निकाल वारदात को अंजाम देते थे। अब तक यह गिरोह राजस्थान समेत देश के 6 राज्यों पंजाब, हरियाणा, गुजरात, मध्यप्रदेश, उत्तर प्रदेश और हिमाचल प्रदेश में 250 से अधिक लोगों से धोखाधड़ी कर करीब 2.50 करोड़ रुपए की ठगी कर चुका है।

- दरअसल, 13 नवंबर को रूड़की, उत्तराखंड निवासी अजय राठौड़ (22) पुत्र जगपालसिंह सासी, सचिन राठौड़ (24) पुत्र जगपालसिंह और न्यू लक्ष्मीपुरम कॉलोनी सहारनपुर, उत्तरप्रदेश निवासी विजेंद्र कुमार चौहान पुत्र केहरसिंह सासी ने दो दिन पूर्व निमाज स्थित ATM में सांगावास निवासी सुरेंद्रसिंह पुत्र सोहनसिंह का ATM कार्ड बदलकर 35 हजार रुपए निकाल लिए थे।

- जब सुरेंद्रसिंह को रुपए निकालने की जानकारी मिली तो उसने तत्काल जैतारण थाना पुलिस को इसकी सूचना दी। इस पर पुलिस अलर्ट हो गई।

- इस बीच सूचना मिलते ही रायपुर थानाधिकारी राजेंद्रसिंह चारण की टीम ने तीनों आरोपियों को बर में धर दबोचा। तीनों को रायपुर थाने लाकर पूछताछ की तो आरोपियों ने जिले में पाली समेत बर, निमाज, रायपुर और सुमेरपुर के साथ प्रदेश में 22 स्थानाें और 6 राज्यों में 50 से अधिक शहरों में लोगों से धोखाधड़ी करने की बात कबूली। पुलिस का कहना है कि इस गिरोह के एक और आरोपी विजेंद्र पुत्र दिलीपसिंह की तलाश की जा रही है, जिसे भी जल्द ही गिरफ्तार किया जाएगा।

एक बार में 6 से 15 लाख रुपए खाते से निकालते, छोटे शहरों में बदलते ATM कार्ड, दूसरे शहर में निकालते पैसे

- पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि एक बार रूड़की से निकलने के बाद करीब 6 से 15 लाख रुपए अलग-अलग शहरों में जाकर लोगों के खाते से निकालते या फिर अपने खाते में ट्रांसफर करते थे। यह इतने शातिर थे कि छोटे शहराें में बदले हुए ATM कार्ड का उपयोग दूसरे शहर में जाकर करते, ताकि किसी को संदेह न हो और पकड़े भी न जाए।
- पुलिस ने आरोपियों से बरामद किए 9 ATM कार्ड, पूरा परिवार इसी काम में : पुलिस ने आरोपियों से 9 ATM कार्ड भी बरामद किए हैं। इन्हीं ATM को बदल यह पीड़ित को देते और इसी के माध्यम से कार्ड टू कार्ड कैश भी ट्रांसफर कर देते थे। पुलिस ने बताया कि आरोपियों का पूरा परिवार भी इसी काम में हैं। शौक-मौज के लिए यह लोग इस तरह की वारदातें करते थे।

प्रदेश के 22 शहरों में कर चुके हैं करोड़ों की ठग्गी
अजय राठौड़ और सचिन राठौड़ दोनों सगे भाई है। लग्जरी लाइफ का मजा लेने के लिए दोनों ने मिलकर यह गिरोह बनाया और धोखाधड़ी शुरू की। यह तीनों आरोपी राजस्थान के 22 शहरों समेत 6 राज्यों के 50 से अधिक शहरों में करोड़ो रुपए खाते से निकाल चुके हैं। राजस्थान में झुंझनू, चिडावा, लोसल, सीकर, कुचामन, किशनगढ़, अजमेर, ब्यावर, बर, रायपुर, भीम, राजसमंद, उदयपुर, आबूरोड, माउंट आबू, सिरोही, शिवगंज, सुमेरपुर, पाली, जोधपुर।

ऐसे पकड़ा गया ठगों का यह गिरोह

- निमाज में 13 नवंबर 17 को एक युवक के खाते से 30 हजार रुपए निकलने की जानकारी मिलने के बाद पुलिस सतर्क हो गई। बर चौराहे में नाकाबंदी के दौरान पुलिस ने संदिग्ध देख जयपुर की तरफ जा रहे तीन युवकों को दबोच लिया।

- इसके बाद आरोपियों ने जो खुलासे किए उसे सुनकर पुलिस भी हैरान रह गई। इस पर पुलिस ने गिरोह में शामिल दो भाइयों समेत एक ड्राइवर को गिरफ्तार कर लिया।
- रोड नेटवर्क के हिसाब से तय करते थे वारदात की जगह {पाली समेत सिरोही, सुमेरपुर, शिवगंज, माउंटआबू आदि में भी ठगी की वारदात कर चुका यह गिरोह रोड नेटवर्क के हिसाब से वारदात करने की जगह तय करता था। वारदात करने के बाद यह सभी लोग अपनी लग्जरी कार से फरार हो जाते।

कितने लोगों के खातों से रुपए निकाले खुद को भी याद नहीं

पुलिस ने जब गिरोह के तीनों आराेपियों से पूछताछ की तो वे 2.50 करोड़ रुपए कई लोगों के खातों से निकालने की बात ही स्वीकार कर पाए, जबकि बाकी की वारदातों के बारे में उन्हें ठीक से कुछ भी याद नहीं है। उनका कहना है कि अब तक उन्होंने सैकड़ों लोगों के खाते से करोड़ों रुपए निकाले हैं।


वारदात के लिए निकलते थे 10 लाख रुपए की कार से

वारदात को अंजाम देने के लिए भी यह लोग उत्तराखंड से कार से निकलते थे। पुलिस ने आरोपियों से 10 लाख की कार भी बरामद की है। इसी कार में वे उत्तराखंड से दूसरे शहरों में जाते थे और वारदात को अंजाम देने के बाद फरार हो जाते।

भास्कर पहुंचा उन पीड़ितों के पास, जिनके साथ इन्हीं तीन तरीकों से ठगी हुई

1- ATM कार्ड बदल ATM टू ATM ट्रांसफर कर दिए 30 हजार रुपए : सुरेंद्र सिंह
सांगवा निवासी सुरेंद्रसिंह ने बताया कि दो दिन पूर्व वह निमाज में ATM से रुपए निकालने गया था। दो बार ATM से रुपए निकालने की कोशिश की, लेकिन रुपए नहीं निकले। तभी पास खड़े युवक से उसने सहायता मांगी और इसी का फायदा उठा आरोपी ने पहले ATM बदल दिया और इसके बाद रुपए नहीं निकलने का झांसा देकर सुरेंद्रसिंह के खाते से 30 हजार रुपए अपने खाते में ट्रांसफर कर दिए।

2- तीन युवक पहले से खड़े थे ATM के अंदर, ATM हैक कर निकाले 8 हजार रुपए : जितेंद्र भाटी
3 महीने पूर्व ही वीडी नगर निवासी जितेंद्र भाटी भी कलेक्ट्रेट शाखा स्थित एसबीआई के ATM से रुपए निकालने गए। यहां तीन युवक पहले से खड़े थे और कुछ समय बाद उनके खाते से 8 हजार रुपए निकालने का मोबाइल पर मैसेज आया। हालांकि खाते से रुपए निकलने की जानकारी मिलते ही उन्होंने सदर थाने में मामला भी दर्ज करा दिया था।

3. रुपए नहीं निकले तो बदला ATM कार्ड, निकाले 12 हजार रुपए : सतीशचंद्र शर्मा
6 महीने पूर्व इंद्रा कॉलोनी निवासी सतीशचंद्र शर्मा रुपए निकालने नहर चौराहा के पास एक्सिस बैंक के ATM पर गए थे, लेकिन रुपए नहीं निकले। तभी पास खड़े युवक ने सहायता करने की बात कही और बातों ही बातों में छलपूर्वक उसी बैंक का दूसरा ATM बदल उन्हें देकर पीड़ित का ATM अपने पास रख लिया। पीड़ित ने आरोपी को पासवर्ड पहले से बता दिए थे। बाद में मौका देख आरोपी ने उसके खाते से 12 हजार रुपए निकाल लिए।

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Web Title: shauk pure karne bhaaiyon ne banaee gaainga, ATM haik kar 250 khaaton se nikale 2.5 Cr
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