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गाय के नाम पर हत्या: उमर और गो-रक्षकों ने एक-दूसरे पर बरसाई थी गोलियां

उमर खान की हत्या के सभी आरोपी अपने आपको गोरक्षक बता रहें हैं।

Bhaskar News | Last Modified - Nov 14, 2017, 08:27 AM IST

गाय के नाम पर हत्या: उमर और गो-रक्षकों ने एक-दूसरे पर बरसाई थी गोलियां
जयपुर/अलवर.अलवर के रामगढ़ में 10 नवंबर को रेलवे ट्रैक पर मिले 40 वर्षीय उमर खान के शव का सोमवार को भी जयपुर में पोस्टमार्टम नहीं हो पाया। परिजनों ने गो-रक्षकों द्वारा उमर की हत्या करने का आरोप लगाते हुए जयपुर के जेएलएन मार्ग स्थित गांधी सर्किल पर प्रदर्शन किया। मृतक उमर के चाचा रजाक ने कहा कि हम सोमवार को एसएमएस मोर्चरी में मृतक का पोस्टमार्टम करवाने आए थे। लेकिन अभी तक पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की है इसलिए पोस्टमार्टम नहीं करवाया।

उधर, अलवर एएसपी डॉ. मूल सिंह राना ने बताया कि उमर की हत्या के आरोप में रामवीर गुर्जर व भगवान सिंह उर्फ काला गुर्जर निवासी मारकपुर को गिरफ्तार कर लिया है। इनके 4 अन्य साथियों की तलाश जारी है। ये सभी आरोपी अपने आपको गोरक्षक बता रहें हैं। पुलिस ने बताया कि उमर व उनके साथियों और गोरक्षकों के बीच देशी कट्टों से कई राउंड फायरिंग हुई। दोनों ओर से हुई यह फायरिंग बासेड़ी का बास तक चली। इस दौरान गोली लगने से उमर की मौत हो गई।
हमले में घायल ताहिर ने बताया हमलावर मृत समझकर छोड़ गए
हमले में घायल ताहिर ने बताया कि हमलावरों की फायरिंग में दो गोलियां उसे हाथ में लगीं। उमर गोली लगने से मौके पर गिर गया। चालक जावेद भाग गया। वारदात के बाद हमलावर मृत समझकर छोड़ कर चले गए।
गाड़ी पर बाइक के लिखे थे नंबर : पुलिस
पुलिस ने बताया कि मृतक उमर व उसके साथियों का रिकॉर्ड एकत्र किया जा रहा है। एएसपी डॉ. राना ने बताया कि मृतक उमर खान एवं उसके साथी ताहिर व जावेद आदतन गोतस्कर है। प्रथमदृष्ट्या जांच में सामने आया है कि 9 नवंबर की रात को गायें ले जाते समय गांव गहनकर के पास ग्रामीणों से मुठभेड़ हुई थी। पिकअप के नंबर फर्जी थे। साथ ही चोरी की पिकअप पर बाइक के नंबर लिखे हुए थे।
राज्य अल्पसंख्यक आयोग ने मांगी रिपोर्ट
राजस्थान राज्य अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष जसबीर सिंह ने अखबारों में प्रकाशित समाचार पर उमर खान के परिवार के प्रति गहरी संवेदना प्रकट की। आयोग ने घटना पर प्रसंज्ञान लेते हुए जिला पुलिस अधीक्षक अलवर को मामले की तथ्यात्मक रिपोर्ट से आयोग को यथाशीघ्र अवगत कराने हेतु निर्देशित किया है। उधर, कई संगठनों ने ज्ञापन देकर पुलिस पर मिलीभगत का आरोप लगाया है। उन्होंने मांग की है कि स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराई जाएं। आरोपी पुलिसकर्मियों व गो-रक्षकों की गिरफ्तारी की जाए। मुआवजे के रूप में 25 लाख रुपए। ताहिर को सुरक्षा व 10 लाख रुपए दिए जाएं। -पेज 9 भी पढ़ें
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