3 साल बाद वृंदावन के प्रेम मंदिर की तरह दिखेगा खाटूश्यामजी मंदिर

2 वर्ष पहले
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299 साल बाद मंदिर का डिजाइन बदलेगा। - Dainik Bhaskar
299 साल बाद मंदिर का डिजाइन बदलेगा।
  • खाटूश्यामजी मंदिर के मूल स्वरूप में बदलाव नहीं होगा सिर्फ डिजाइन प्रेम मंदिर की तरह होगा
  • भव्य बनाने के लिए इटैलियन करारा संगमरमर सहित तीन जगह से पत्थर मंगवाने की योजना

खाटूश्यामजी से (अरविंद शर्मा/राजेश सिंघल). खाटूश्यामजी मंदिर 3 साल बाद वृंदावन के प्रेम मंदिर की नजर आएगा। इसके लिए खाटूश्यामजी मंदिर के मूल स्वरूप में बदलाव नहीं होगा सिर्फ डिजाइन प्रेम मंदिर की तरह होगा। खाटू दरबार को भव्य बनाने के लिए इटैलियन करारा संगमरमर सहित तीन जगह से पत्थर मंगवाने की योजना है। मंदिर कमेटी के अध्यक्ष शंभुसिंह चौहान का कहना है मंदिर का डिजाइन प्रेम मंदिर की तरह बनाने का मकसद है कि श्रद्धालु को लक्खी मेले में एक घंटे में दर्शन हो जाए। इसके लिए मंदिर के नीचे अंडर ग्राउंड फ्लोर भी बनाया जा सकता है। इसके लिए इंजीनियर्स की टीम जुटी है। खाटूश्यामजी के लक्खी मेले के बाद इसके रिनोवेशन का काम शुरू कर दिया जाएगा, जिसमें तीन साल लगेंगे। इस पर 150 करोड़ खर्च होंगे।


आज कथा चित्र की जगह पढ़ें...वृंदावन के प्रेम मंदिर की तरह ही हमारे खाटूश्यामजी मंदिर में कैसे होगा बदलाव


1. प्रेम मंदिर :  मथुरा जिले में वृंदावन में प्रेम मंदिर स्थित है। इसका निर्माण जगद्गुरु कृपालु महाराज द्वारा भगवान कृष्ण और राधा के मंदिर के रूप में करवाया गया है। 
   खाटू मंदिर : खाटू मंदिर 299 साल पुराना है। 992 साल पहले खाटूश्यामजी के श्याम कुंड में सालिगराम की प्रतिमा मिली थी। 
 


2. प्रेम मंदिर : वृंदावन के प्रेम मंदिर को बनाने में 11 साल का वक्त लगा। इसके निर्माण पर भी उस वक्त करीब 100 करोड़ रुपए खर्च हुए थे। 
   खाटू मंदिर : प्रेम मंदिर की डिजाइन देने में 03 साल लगेंगे। जबकि 150 करोड़ रुपए से ज्यादा राशि खर्च होने का अनुमान है।
 


3. प्रेम मंदिर : इसे बनाने के लिए इटैलियन करारा संगमरमर का प्रयोग किया गया है और इसे राजस्थान और उत्तरप्रदेश के एक हजार शिल्पकारों ने तैयार किया था।
   खाटू मंदिर : प्रेम मंदिर की तरह बनाने के लिए भी इटैलियन करारा संगमरमर ही इस्तेमाल होगा। बड़ी संख्या में शिल्पकार व मजदूर काम करेंगे। 
 


4. प्रेम मंदिर : मंदिर में 94 स्तंभ हैं, जो राधा-कृष्ण की विभिन्न लीलाओं से सजाए गए हैं। यहां फव्वारें, मनोहर झांकियां और श्री गोवर्धन धारणलीला आदि भी है।
    खाटू मंदिर : दीवारों पर भी श्यामजी और राधा-कृष्ण की लीलाओं का वर्णन किया जाएगा। कोशिश है कि प्रेम मंदिर की तरह यहां भी झांकियां सजाई जाएं।
 


5. प्रेम मंदिर : रात में मंदिर की लाइटिंग कई रंग बदलती है। झांकियां भी मूवमेंट करती हैं। पहर रोज शाम को करीब आधे घंटे का फाउंटेन शो होता है।
   खाटू मंदिर : मंदिर को रात के वक्त आकर्षक दिखाने के लिए रंग-बिरंगी लाइटिंग की जानी है। इसे लेकर विभिन्न  कंपनियों से बातचीत की जा रही है।

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