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जयपुर. मध्यप्रदेश कांग्रेस में आए सियासी भूचाल के बाद अब राजस्थान में सियासत गरमाने लगी है। मुख्यमंत्री अशाेक गहलाेत लगातार भाजपा पर तीखे हमले कर रहे हैं और मध्यप्रदेश सरकार काे अस्थिर करने के लिए भाजपा काे जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। वहीं पूर्व कैबिनेट मंत्री और उपनेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ ने राजस्थान कांग्रेस में भी उठा-पटक के संकेत दिए हैं। उन्होंने कहा कि जहाज में छेद हो गया है। राठौड़ ने कहा कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत किस मुंह से कह रहे हैं कि भाजपा ने कांग्रेस में तोड़-फोड़ की है जबकि वे खुद बसपा के 6 विधायकों को तोड़कर अपनी सरकार में मिला चुके हैं।
भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनियां ने कहा कि मध्यप्रदेश की तर्ज पर राजस्थान कांग्रेस में भी दो धड़े साफ देखे जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि हम अपनी तरफ से कोई पहल नहीं करेंगे, लेकिन कांग्रेस खुद ही धड़ों में बंटी हुई है। राष्ट्र विरोधी नीतियों के प्रति अतिवादी समर्थन के चलते कांग्रेस अब अप्रासंगिक हो रही है। पूनियां बाेले कि थोड़े दिनों में कांग्रेस की स्थिति मुस्लिम लीग जैसी हो जाएगी। हालांकि प्रदेश में कांग्रेस को बहुमत से बाहर करने के लिए भाजपा फिलहाल नंबर गेम से बहुत पीछे है लेकिन सियासी माहौल बनाने के लिए भाजपा ने बसपा सदस्यों के कांग्रेस में विलय को चुनौती दे दी है। पूनियां का कहना है कि विधानसभा अध्यक्ष इस पर जल्द फैसला नहीं लेंगे तो भाजपा आगे हाईकोर्ट में मामले को लेकर जाएगी।
मुख्यमंत्री आवास में पूरे दिन रही हलचल
मध्यप्रदेश में सियासत गर्माई हुई है, इसका असर राजस्थान में मुख्यमंत्री निवास के बाहर देखने को मिला। आम दिनों के मुकाबले बुधवार को पूरे दिन हलचल रही। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत सीएमआर में मौजूद थे और यहां आने वाले अफसरों और पार्टी के पदाधिकारियों से मुलाकात कर रहे थे। विधायक भी उनसे मिलने पहुंचे। इस बीच मप्र के राजनीतिक हालात पर गहलोत की पैनी नजर थी। दोपहर में जैसे ही एयरपोर्ट पर मप्र कांग्रेसी विधायकों के जल्दी ही पहुंचने की सूचना मिली, वे दोपहर करीब सवा दो बजे सीएमआर से एयरपोर्ट के लिए रवाना हो गए। कई बार मध्य प्रदेश के सीएम कमलनाथ और कांग्रेस आलाकमान से लगातार संपर्क में थे।
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