मेहरबानी / एयर इंडिया कर्मियों ने जेसीबी के चेयरमैन को कस्टम और इमिग्रेशन जांच के बिना ही बाहर भेज दिया



प्रतीकात्मक फोटो। प्रतीकात्मक फोटो।
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प्रतीकात्मक फोटो।प्रतीकात्मक फोटो।

  • नियम कहता है- इंटरनेशनल फ्लाइट के यात्रियों के लिए इमिग्रेशन व कस्टम जांच जरूरी
  • लेकिन शनिवार को एक बड़े औद्योगिक घराने के लोगों को बिना कस्टम जांच किए ही बाहर निकाल दिया

Dainik Bhaskar

Oct 13, 2019, 07:37 AM IST

जयपुर. जयपुर एयरपोर्ट पर सुरक्षा के दोहरे पैमाने देखने को मिले। ऐसा इसलिए क्योंकि शनिवार को कस्टम जांच को लेकर एक बड़ी लापरवाही सामने आई। किसी भी इंटरनेशनल फ्लाइट के यात्रियों के आगमन पर इमिग्रेशन और कस्टम जांच जरूरी होती है, लेकिन शनिवार को एक बड़े औद्योगिक घराने के लोगों को बिना कस्टम जांच किए ही बाहर निकाल दिया गया। यह मेहरबानी उद्योगपति और जेसीबी समूह के चेयरमैन लॉर्ड बम्फोर्ड और उनके कंपनी के अधिकारियों पर की गई। इसमें एयर इंडिया व कस्टम विभाग के अधिकारियों की गलती रही।


दरअसल एयरपोर्ट पर शनिवार को ब्रिटेन के एक बड़े उद्योगपति की मेहमान नवाजी में सभी नियम कायदे ताक पर रख दिए गए। उद्योगपति जब जयपुर पहुंचे तो उनकी कस्टम जांच नहीं की गई। बिना कस्टम जांच के ही उन्हें एयरपोर्ट परिसर से बाहर निकाल दिया गया। ब्रिटेन के जेसीबी समूह के चेयरमैन लॉर्ड बम्फोर्ड पर ये मेहरबानी दिखाई है एयर इंडिया के कर्मचारियों ने। इसमें कस्टम विभाग के अधिकारियों की भी बराबर की लापरवाही मानी जा रही है। दरअसल यह प्रकरण शनिवार सुबह 11:45 बजे हुआ।

 

एयरपोर्ट के स्टैंडर्ड प्रोसीजर के मुताबिक नियम यह है कि जब भी कोई यात्री विदेश से यात्रा करके पहुंचता है, तो संबंधित यात्री के पासपोर्ट-वीजा संबंधी दस्तावेजों की जांच इमिग्रेशन विभाग के अधिकारियों द्वारा की जाती है और इसके साथ ही कस्टम विभाग के अधिकारी यात्री की एक्स-रे स्कैनिंग और लगेज की स्कैनिंग करते हैं। इमिग्रेशन और कस्टम की क्लीयरेंस के बिना यात्री एयरपोर्ट से बाहर नहीं निकल सकता। प्रत्येक यात्री के लिए ये दोनों जांच करवाने की जिम्मेदारी ग्राउंड हैंडलिंग एजेंसी की होती है। जेसीबी समूह के इस विमान की हैंडलिंग एयर इंडिया कर रही थी। ऐसे में एयर इंडिया के कर्मचारियों को दोनों प्रकार की जांच की जानी चाहिए थी, लेकिन कस्टम जांच में लापरवाही बरती गई।
 

सवाल- बड़ी लापरवाही हुई कैसे?
अब एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डाल रहे हैं कस्टम और एयर इंडिया

संबंधित एजेंसियां अब अपनी जिम्मेदारी एक दूसरे पर डालने में लगी हुई हैं। कस्टम विभाग के अधिकारियों ने इसके लिए एयर इंडिया के स्टाफ को जिम्मेदार ठहराया है। एयरपोर्ट निदेशक जयदीप सिंह बलहारा ने बताया कि इस घटनाक्रम की जांच करवाई जा रही है और इस लापरवाही के लिए संबंधित एजेंसी और कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। हालांकि सवाल यह भी है कि यदि संबंधित उद्योगपति के बजाय कोई दूसरा संदिग्ध यात्री भी इस तरह बिना कस्टम जांच के बाहर निकल जाता, तो किसी बड़ी घटना से इनकार नहीं किया जा सकता है।

 

निजी विमान से आए थे लॉर्ड बम्फोर्ड 
जेसीबी समूह के चेयरमैन लॉर्ड बम्फोर्ड व उनके एक अधिकारी शनिवार को निजी विमान से सुबह 11:30 बजे जयपुर पहुंचे। एयर इंडिया स्टाफ ने दोनों की पहले इमिग्रेशन जांच करवाई। पासपोर्ट और वीजा संबंधी दस्तावेज सही होने पर क्लीयरेंस मिली। फिर कस्टम डेस्क पर कोई जांच अधिकारी नहीं मिला और उन्हें सीधे एयरपोर्ट से बाहर निकाल दिया गया। 

 

^ हमारे अधिकारी काउंटर पर मौजूद थे। हम किसी भी शेड्यूल फ्लाइट के 100 फीसदी यात्रियों की जांच नहीं करते। बल्कि रिस्क असेसमेंट और प्रोफाइल के आधार पर जांच की जाती है। जबकि यह नॉन शेड्यूल फ्लाइट थी। फिर भी मैं इस मामले में संबंधित अधिकारियों से पूछताछ करुंगा।

- सुभाष अग्रवाल, कमिश्नर, कस्टम, जयपुर

 

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