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अलवर. पहलू खान मॉब लिंचिंग मामले में शनिवार को किशोर न्याय बोर्ड ने दो नाबालिग दोषियों को 3-3 साल की सजा सुनाई। दोनों बाल सुधार गृह में रहेंगे। बोर्ड की प्रिंसिपल मजिस्ट्रेट सरिता धाकड़ ने सजा सुनाई। पांच मार्च को किशोर न्याय बोर्ड ने दोनों को दोषी करार दिया था। दोनों नाबालिग को 7 मार्च को सजा सुनाई जानी थी, लेकिन वो पेश नहीं हुए थे। एक अप्रैल 2017 को भीड़ ने गो तस्करी के शक में पहलू खान को पीटा था। खान अपने बेटों के साथ जयपुर के एक मेले से मवेशियों को खरीद कर हरियाणा के नूहं स्थित अपने घर ला रहा था।
गो तस्करी के संदेह में पहलू को पीटा गया था
हरियाणा निवासी पहलू (55) अपने दो बेटों आरिफ और इरशाद के साथ पिकअप में जयपुर से गाय खरीद कर ला रहे थे। बहरोड़ पुलिया से आगे भीड़ ने पिकअप रुकवाई व मारपीट की। कुछ देर बाद पहलू के साथी अन्य पिकअप में आए तो उनसे भी मारपीट की गई। गंभीर घायल पहलू को बहरोड़ के अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां 4 अप्रैल को पहलू ने दम तोड़ दिया। इसके बाद मामला गर्मा गया। तत्कालीन भाजपा सरकार में पहलू खां के पर्चा बयान के आधार पर 6 नामजद सहित 200 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया।
इस तरह चला घटनाक्रम
दो एफआईआर दर्ज हुई
इस मामले में क्रॉस एफआईआर दर्ज हुई थी। एक एफआईआर में पहलू और उसके परिवार पर हमला करने वाली भीड़ को आरोपी बनाया गया है। वहीं, दूसरी एफआईआर पहलू खान और उसके परिवार के खिलाफ की गई है। इस एफआईआर में पहलू और उसके परिवार पर गो तस्करी का आरोप लगाया गया।
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