महल से जंगल तक पर्यटन / आमेर महल; दिवाली की छुट्टियों में पर्यटक दोगुने

आमेर महल। आमेर महल।
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आमेर महल।आमेर महल।

  •  अक्टूबर के आखिरी वीकेंड में आमेर महल आने वाले पर्यटकों की संख्या 11 हजार पार हो गई है, पहले यह आंकड़ा रोजाना औसतन 5-6 हजार था

दैनिक भास्कर

Nov 01, 2019, 03:20 AM IST

जयपुर. इस बार दिवाली की छुट्टियों में पर्यटकों की संख्या करीब दोगुना हो गई। आमेर महल में जहां रोजाना औसतन 5-6 हजार टूरिस्ट आ रहे थे, वहीं महीने के आखिरी वीकेंड पर यह संख्या 11 हजार के पार हो गई। इसमें देशी पर्यटकों की संख्या के साथ ही विदेशी पावणों की संख्या भी बढ़ी है। 


जानकारी हो कि आमेर महल शहर का सबसे बड़ा पर्यटक केंद्र है। यहां आने वाले पर्यटकों के हिसाब से ही सीजन का आकलन लगाया जाता है। टूरिज्म सेक्टर से जुड़े लोगों के मुताबिक दीपावली बाद अब टूरिज्म का पीक सीजन चालू हो चुका है। 

 

कालबेलिया, कठपुतली, कच्छी घोड़ी व चरी डांस पर्यटकों का मन जीत रहे

आमेर महल में पर्यटकों को लुभाने के लिए नवाचार कर विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए गए। महल अधीक्षक पंकज धरेंद्र के मुताबिक सांस्कृतिक कार्यक्रमों में कालबेलिया, कठपुतली, कच्छी घोड़ी, चरी नृत्य जैसी प्रस्तुतियां कराई गई, जिनको पर्यटकों ने खूब पसंद किया। 

 

झालाना लेपर्ड सफारी में बहादुर का जंगल शो

जयपुर। शहर के टूरिस्ट डेस्टिनेशन में झालाना लेपर्ड सफारी का नाम तेजी से उभरकर आया है। गुरुवार शाम को ट्रक-2 पर लाला कुंड एरिया से चलकर आए मेल लेपर्ड ‘बहादुर’ की साइटिंग ने पर्यटकों का मन मोह लिया। इस दृश्य को कैद करने वाले वाइल्ड लाइफ फोटोग्राफर और राजस्थान रणजी टीम के असिस्टेंट कोच अंशु जैन ने बताया कि बहादुर अपने नाम के मुताबिक शान से चलता आया और तलाई के पास पेड़ पर चढ़कर बैठ गया। करीब आधे घंटे तक टूरिस्ट इसका नजारा लेते रहे। दरअसल झालाना जंगल के लंबे-चौड़े एरिया में बहादुर का ही राज है। मेल लेपर्ड में रैंबो, बघिरा, सुल्तान भी दिख जाते हैं।

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