--Advertisement--

राजस्थान / चुनाव लड़ने वाले 80% उम्मीदवारों की हो जाती है जमानत जब्त, इस बार 2294 मैदान में



bail seize of 86% candidates in Jaipur
X
bail seize of 86% candidates in Jaipur

  • राजस्थान में चुनाव लड़ने वाले 80 फीसदी उम्मीदवार अपनी जमानत राशि भी नहीं बचा पाते
  • जयपुर की 15 सीटों की बात करें तो सिर्फ भाजपा-कांग्रेस ही जमानत बचा पाई

Dainik Bhaskar

Dec 06, 2018, 10:28 AM IST

जयपुर (इमरान खान). राजस्थान में चुनाव लड़ने वाले 80 फीसदी उम्मीदवार अपनी जमानत राशि भी नहीं बचा पाते। पिछले दो विधानसभा चुनावों में 80 फीसदी उम्मीदवार ऐसे थे जो 16.66 फीसदी वोट भी हासिल नहीं कर पाए। इस बार 200 सीटों पर 2294 उम्मीदवार मैदान में हैं।

 

वर्ष 2008 के विधानसभा चुनाव में प्रदेश 2194 उम्मीदवारों ने चुनाव लड़ा इनमें 78.51 फीसदी यानि 1730 और 2013 के चुनाव में 2296 प्रत्याशियों में से 80.04 फीसदी यानि 1843 उम्मीदवारों की जमानत जब्त हो गई थी।

 

जयपुर जिले की 19 विधानसभा सीटों पर जमानत गंवाने वाले उम्मीदवारों की तादाद राज्य में सबसे ज्यादा है। पिछले दो चुनावों में प्रदेशभर में जहां 79.2 फीसदी रही वहीं जयपुर में यह आंकड़ा 86 फीसदी से भी ज्यादा रहा। 

 

पिछले चुनाव में जयपुर जिले की 19 सीटों पर 293 प्रत्याशियों ने चुनाव लड़ा इनमें से 253 की जमानत जब्त हो गई। 15 विधानसभा सीटें कोट पुतली, विराटनगर, चौमूं, फुलेरा, दूदू, झोटवाड़ा, हवामहल, सिविल लाइंस, किशनपोल, आदर्शनगर, मालवीय नगर, सांगानेर, बगरू और बस्सी सीट ऐसी रही जिस पर सिर्फ भाजपा-कांग्रेस के अलावा सभी उम्मीदवार जमानत जब्त करवा बैठे। सिर्फ आमेर, जमवारामगढ़ शाहपुरा और बस्सी में जरूरी राजपा और एक-एक निर्दलीय जमानत बचाने में सफल रहा।

 

कोटपूतली में 25 में से 23, विराटनगर में 18 में से 16, शाहपुरा में 7 में से 4, चौमूं में 16 में से 14, फुलेरा में 6 में से 4, दूदू में 10 में से 8, झोटवाड़ा में 21 में से 19, आमेर 14 में से 11, जमवारामगढ़ में 10 में से 7, हवामहल में 21 में से 19, विद्याधरनगर में 18 में से 16, सिविल लाइंस में 12 में से 10, किशनपोल में 29 में से 27, आदर्शनगर में 32 में से 30, मालवीय नगर में 16 में से 14, बगरू में 10 में से 8 और बस्सी विधानसभा सीट पर 9 में से 6 प्रत्याशियों की जमानत जब्त हो गई। 

 

2008 में 1029 निर्दलीयों में से 983 की जमानत जब्त 

साल 2008 में दो सौ सीटों पर 1029 निर्दलीयों ने चुनाव लड़ा, इनमें से 983 की जमानत जब्त हो गई। इसी चुनाव में प्रमुख राष्ट्रीय पार्टियों ने 686 उम्मीदवारों को चुनाव लड़ाया जिनमें 282 अपनी  जमानत नहीं बचा सके। इनमें भाजपा के 11, कांग्रेस 10, बसपा के 172, सीपीएम के 29, सीपीआई के 20 और एनसीपी के 37 प्रत्याशियों की जमानत जब्त हुई। अन्य पार्टियों के 481 में से 468 की जमानत नहीं बची। 


2013 में 958 निर्दलीयों में से सिर्फ 28 ही बचा सके जमानत

पिछले चुनाव में 958 निर्दलीयों में से सिर्फ 28 ही जमानत बचा सके जबकि 930 निर्दलीयों की जमानत जब्त हो गई। राष्ट्रीय पार्टियां भाजपा, कांग्रेस, सीपीआई, बसपा, एनसीपी सीपीएम ने 672 प्रत्याशियों ने चुनाव लड़वाया जिनमें से 277 की जमानत जब्त हो गई। इनमें भाजपा के 5, कांग्रेस 18, सीपीआई 23, बसपा 182, सीपीएम 34 और एनसीपी के 15 प्रत्याशी शामिल है।

Bhaskar Whatsapp
Click to listen..