जयपुर / प्रदेश में नई क्रेडिट को-ऑपरेटिव सोसायटियों पर रोक, रजिस्ट्रार जब्त कर सकेंगे संपत्तियां



Ban on new credit cooperative societies in Rajasthan
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Ban on new credit cooperative societies in Rajasthan

  • आदर्श समेत 13 क्रेडिट सोसायटियों ने की करोड़ों की धोखाधड़ी; पहली बार सरकार ने उठाए कदम
  • प्रदेश में 1300 पंजीकृत क्रेडिट सोसायटी, इनमें 13 पर धोखाधड़ी के केस
     

Dainik Bhaskar

Oct 12, 2019, 01:53 AM IST

जयपुर. आदर्श, संजीवनी और नवजीवन जैसी कई मल्टी स्टेट क्रेडिट सोसायटियों में करोड़ों की धोखाधड़ी होने के बाद प्रदेश सरकार ने पहली बार सख्त कदम उठाए हैं। अब राज्य सरकार ने तय किया है कि राजस्थान में किसी भी नई क्रेडिट को-ऑपरेटिव सोसायटी का पंजीयन नहीं होगा। यही नहीं मौजूदा क्रेडिट सोसायटियों के लिए भी यह जरूरी कर दिया गया है वे निवेशकों का पैसा सिर्फ सहकारी बैंक में ही जमा कर पाएंगे। हर महीने प्रगति रिपोर्ट सहकारिता विभाग को भेजनी होगी। ऑडिट भी केवल विभाग के ऑडिटर से करानी होगी।

 

सहकारिता रजिस्ट्रार डॉ. नीरज के पवन ने शुक्रवार को प्रदेश में संचालित सभी क्रेडिट काे-ऑपरेटिव सोसायटीज के प्रतिनिधियों की बैठक बुलाकर ये आदेश जारी किए। उन्होंने बताया कि प्रदेश में 387 निष्क्रिय सोसायटियों को अवसायन में लाकर पंजीयन रद्द करने की कार्रवाई की जाएगी। प्रदेश में करीब 1300 क्रेडिट को-ऑपरेटिव सोसायटीज पंजीकृत हैं। इनमें से 72 मल्टी स्टेट सोसायटीज हैं जिनमें 13 के खिलाफ धोखाधड़ी के मामलों में एसओजी में जांच चल रही है।

 

सहकारी बैंक में जमा कराएंगे राशि
सभी क्रेडिट सोसायटियां अपनी डिपोजिट केंद्रीय सहकारी बैंक में 31 अक्टूबर तक जमा कराएंगी। ऐसी डिपोजिट पर इन बैंकों द्वारा 0.50 प्रतिशत तिरिक्त ब्याज दिया जाएगा। जिन सोसायटियों ने दूसरे बैंकोें में डिपोजिट करा रखी है, उनकी सूचना देनी होगी तथा डिपोजिट पूर्ण होने पर उसे सहकारी बैंक में जमा कराना होगा। एजेंट के आधार पर कार्य करने वाली क्रेडिट सोसायटियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

 

हर माह भेजनी होगी रिपोर्ट 
प्रदेश में पंजीकृत क्रेडिट सोसायटियों को हर माह 7 तारीख को उप रजिस्ट्रार को मासिक प्रगति रिपोर्ट भेजनी होगी। ऐसा नहीं करने खाते सीज किए जाएंगे। किसी पंजीकृत सीए से करवाई गई ऑडिट अब मान्य नहीं होगी। 

 

रियल स्टेट में निवेश बंद
क्रेडिट सोसायटियां रियल स्टेट व अन्य जोखिम वाले निवेश नहीं कर सकेंगी। ऐसा है तो तुरंत विड्रा करें। शेष | पेज 8

 

14 नवंबर तक पोर्टल पर अपलोड करनी होगी सूचना:
14 नवंबर तक सभी क्रेडिट सोसायटियों की सूचनाएं पोर्टल पर अपलोड की जाएंगी। सोसायटियों के खिलाफ अनियमितता मिलने पर उप रजिस्ट्रार तुरंत एसओजी को सूचित करेंगे। सोसायटियों के कार्यों में पारदर्शिता लाने के लिए सोसायटी बायलॉज में परिवर्तन कर अलग से उप-नियम बनाए जाएंगे।

 

लुभावने वादे किए तो होगी कार्रवाई
लुभावने वादे कर जनता से डिपोजिट लेने वाली क्रेडिट सोसायटियों के खिलाफ अभियान चलाकर कार्रवाई की जाएगी। लेनदारी-देनदारी को रेग्यूलेट करने के लिए विभाग स्तर पर समिति बनाई जाएगी। यह समिति नियम बनाकर रजिस्ट्रार को अनुशंषा करेगी। सभी उप रजिस्ट्रार को निर्देश दिए कि प्रतिमाह क्रेडिट को-ऑपरेटिव सोसायटियों के प्रतिनिधियों की बैठक लेंगे।

 

संपत्तियां बेचकर निवेशकों को मिलेगा डूबा हुआ पैसा
निवेशकों से धोखाधड़ी करने वाली क्रेडिट सोसायटीज की संपत्तियां नीलाम कर निवेशकों को पैसा लौटाने के लिए केंद्र की ओर से लाए गए ‘द बैनिंग ऑफ अनरेग्यूलेटेड डिपोजिट स्कीम एक्ट 2019’ लिए राज्य सरकार ने सहकारिता रजिस्ट्रार को सक्षम अधिकारी नियुक्त किया है। यानि अब रजिस्ट्रार के पास संपत्ति जब्ती का अधिकार होगा। इसी संपत्ति को बेचकर निवेशकों को रकम लौटाई जा सकेगी।

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