Hindi News »Rajasthan »Jaipur »News» Bhaskar Special Photo Series

रोटी-कपड़ा-मकान जरूरी... फुटपाथ पर जिंदगी की गुजर अब बंद होनी चाहिए

फुटपाथ पर कतार में सोए इन लोगों को मौत कभी भी कुचल सकती है, इन्हें कम से कम रैन बसेरा तो मिले

Bhaskar News | Last Modified - Jun 14, 2018, 07:05 AM IST

  • रोटी-कपड़ा-मकान जरूरी... फुटपाथ पर जिंदगी की गुजर अब बंद होनी चाहिए
    यह फोटो शीशे के बॉक्स में इसलिए कि हम इस बुराई को देखें और फिर बाहर न आने दें

    जयपुर.दिल्ली और मुंबई जैसे शहरों में हर साल 42 फीसदी लोगों की मौत फुटपाथ पर सोने या चलने के कारण होती है। जयपुर में हर साल 50 से ज्यादा मौतें फुटपाथ पर होती हैं। जयपुर में 15 ऐसे मार्ग हैं जहां राहगीर या फुटपाथ पर सोने वाले गरीब लोग सबसे ज्यादा हादसे के शिकार होते हैं। इसके पीछे सबसे बड़ी वजह फुटपाथ की बदहाली है। जयपुर में फुटओवर ब्रिज, सब-वे के बजाय फ्लाईओवर ज्यादा बनाए गए हैं। जयपुर की आधी सड़कों पर फुटपाथ (साइड वॉक) की सुविधा ही नहीं है। रैन बसेरों में भी इन्हें जगह नहीं मिल पाती, क्योंकि वे तो पहले से ही फुल हैं।

    गांव सूने, शहर के फुटपाथों पर भी जगह की लड़ाई

    आसपास के गांवों में किसानी सिमट गई है। भूमिहीन किसान तो रिक्शाचालक बन चुके हैं। चौखटियों पर मजदूरी मांगने आते हैं। यहीं कमाते हैं। जहांं जगह मिले सो जाते हैं। फुटपाथों पर भी ऐसे लोगों में जगह की लड़ाई आम है। रातभर पुलिस इन्हें फुटपाथ से भगाती रहती है और ये जगह बदलकर फिर सड़क पर ही सो जाते हैं। जयपुर में सड़क और फुटपाथ के बीच का अंतर भी बहुत महीन है...किसी गाड़ी का संतुलन बिगड़ा तो कई मौत तय है।

    यह फोटो शीशे के बॉक्स में इसलिए कि हम इस बुराई को देखें और फिर बाहर न आने दें


    जयपुर की सड़कों पर ही करीब 10 हजार से ज्यादा लोग फुटपाथों और सड़कों पर सोते हैं। उन सड़कों के फुटपाथों पर जो स्पीड रोड कही जाती हैं। जेएलएन मार्ग और टोंक रोड पर तो भारी वाहनों की आवाजाही भी रहती है। रोटी-कपड़ा कमाने की ऐसी मजबूरी की मकान की कोई सोच ही नहीं पाता। यह तस्वीर रात 1:20 बजे महारानी फार्म पुलिया की है। भास्कर विचार है- रोटी कपड़ा मकान सबको मिले। मजबूरी की सड़क पर नुमाइश कभी नहीं हो।

    समाज की विषमताओं या अव्यवस्थाओं के कारण बेचैन और परेशान करने वाली ऐसी कोई तस्वीर आपके पास हो तो दैनिक भास्कर को वाट्सएप करें- 9672877766

Topics:
दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए Jaipur News in Hindi सबसे पहले दैनिक भास्कर पर | Hindi Samachar अपने मोबाइल पर पढ़ने के लिए डाउनलोड करें Hindi News App, या फिर 2G नेटवर्क के लिए हमारा Dainik Bhaskar Lite App.
Web Title: Bhaskar Special Photo Series
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)

More From News

    Trending

    Live Hindi News

    0

    कुछ ख़बरें रच देती हैं इतिहास। ऐसी खबरों को सबसे पहले जानने के लिए
    Allow पर क्लिक करें।

    ×