राहत / प्रस्ताव काे मंजूरी मिली ताे न्यू पेंशन स्कीम वाले 5 लाख कर्मचारियों को मिलेगा आउटडोर इलाज

फाइल फोटो फाइल फोटो
X
फाइल फोटोफाइल फोटो

  • वित्त विभाग ने तैयार किया प्रस्ताव; सीएस को भेजी गई फाइल, बजट में ऐलान संभव
  • फंड की कमी को पूरा करने के लिए लाया गया है प्रस्ताव, इससे लायबिलिटी भी बढ़ेगी

Dainik Bhaskar

Jan 15, 2020, 01:10 AM IST

जयपुर (सौरभ भट्‌ट). राज्य सरकार में न्यू पेंशन स्कीम के दायरे में आ रहे करीब 5 लाख कर्मचारियों को अब आउटडोर मेडिकल सुविधा देने का प्रस्ताव तैयार किया है। वित्त विभाग के इस प्रस्ताव को मुख्य सचिव के पास भेजा गया है। 


मौजूदा समय में एक जनवरी 2004 से पहले वाले कर्मचारियों को ही राजस्थान पेंशनर्स मेडिकल फंड की सुविधा दी जाती है। इनमें इन सर्विस रहते हुए कर्मचारियों को इनडोर के साथ आउट डोर इलाज पर होने वाले खर्च का सरकार पुनर्भुगतान करती है। लेकिन इसके बाद सेवा में आए कर्मचारियों के लिए यह सुविधा नहीं है।

एक जनवरी 2004 के बाद वाले कर्मचारियों को सिर्फ इनडोर मेडिकल सुविधा दी जाती है। इसके बदले सरकार इन कर्मचारियों के लिए एक हजार रुपए प्रति वर्ष का प्रीमियम देती है। वहीं इन कर्मचारियों को अगर आरपीएमएफ के दायरे में लाया जाता है तो सरकार को इसके लिए बजट में प्रावधान करने होंगे। हालांकि वसुंधरा सरकार के समय में विभाग इस तरह की एक्सरसाइज कर चुका है लेकिन वित्तीय भार को देखते हुए मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया गया था।

फंड की कमी को पूरा करने के लिए लाए प्रस्ताव
मौजूदा समय में सरकार का मेडिकल पेंशन फंड वित्तीय संकट का सामना कर रहा है। मौजूदा समय में आरपीएमएफ में चार लाख कर्मचारी हर महीने करीब 12 करोड़ रुपए का कंट्रीब्यूशन कर रहे हैं। जबकि पेंशनर्स के इलाज के लिए हर महीने फंड से करीब 18 से 20 करोड़ रुपए के क्लेम आ रहे हैं। फंड में कंट्रीब्यूशन करने वालों की संख्या भी लगातार कम हो रही है। राज्य सरकार 2004 से न्यू पेंशन स्कीम लागू कर चुकी है। इसलिए आरपीएमएफ में कटौती 2004 से पहले के कर्मचारियों के वेतन से ही होती है।

इनमें से भी हर साल 20 से 25 हजार कर्मचारी रिटायर हो रहे हैं। ऐसे में हर साल फंड में कंट्रीब्यूशन घटता जा रहा है।  हालत यह है कि आरपीएमएफ में कर्मचारियों को दवा आपूर्ति करने वाले कॉनफेड विभाग के राज्य सरकार के पास करीब 100 करोड़ रुपए से ज्यादा के बिल बकाया हैं। फंड को चलाए रखने के लिए सरकार ने हाल में 60 करोड़ रुपए का लोन भी दिया है। वित्त विभाग का आकलन है कि 2004 के बाद वाले कर्मचारियों को आरपीएमएफ में लेने से इस फंड में सालाना करीब 200 करोड़ रुपए का कंट्रीब्यूशन होगा। लेकिन चिंता यह भी कि भविष्य में इन कर्मचारियों की भारी लायबिलिटी भी सरकार पर आएगी।

COMMENT

आज का राशिफल

पाएं अपना तीनों तरह का राशिफल, रोजाना