1800 किलोमीटर मोटरसाइकिल पर तय कर बेटी से मिलने आया ये पिता / 1800 किलोमीटर मोटरसाइकिल पर तय कर बेटी से मिलने आया ये पिता

1800 किलोमीटर मोटरसाइकिल पर तय कर बेटी से मिलने आया ये पिता

Anant Aeron

Apr 10, 2018, 04:54 PM IST
कटक के रहने वाले हैं सजल सेठ। कटक के रहने वाले हैं सजल सेठ।

जयपुर. बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओं को चरितार्थ करने के लिए कटक से बाइक पर करीब 1800 किलोमीटर का सफर करीब तीन दिन में तय कर सोमवार अपनी बेटी से मिलने जयपुर के मणिपाल विश्वविद्यालय पहुंचे सजल सेठ। वे पहले भी कटक से मणिपाल विश्वविद्यालय करीब इतनी ही दूरी का सफर तय कर जा चुके है। सजल सेठ ने मणिपाल विश्वविद्यालय जयपुर में पहुंचकर विश्वविद्यालय के चेअरपर्सन प्रो. के. राम नारायण, प्रेसिडेंट, प्रो. जी. के. प्रभु, रजिस्ट्रार, प्रो. वंदना सुहाग से मुलाकात कर अपने मिशन के बारे में बताया।


- मुलाकात के अवसर पर मणिपाल विश्वविद्यालय जयपुर की डिग्नेटरी ने सजल सेठ को बधाई दी एवं इस मिशन को आगे भी इसी प्रकार से जारी रखने का आह्वान किया।
- सजल सेठ ने बताया कि अपनी बेटी से मोटर साइकिल से सफर तय कर मिलने के पीछे बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओं का संदेश लोगों को देना है।
- उन्होंने बताया कि रास्ते में कई बार ऐसी मुसीबतों का सामना करना पड़ता है जिसका पहले से अंदाजा लगाना मुश्किल है। इसके लिए पहले से ही ट्रेवलिंग प्लान तो तैयार किया।
- साथ ही अपने शरीर को भी बचाने के लिए विशेष प्रकार की बाइक राइडिंग ड्रेस को भी मोटरसाइकिल चलाते समय पहनते है। यह ड्रेस इन्हें खराब मौसम से तो बचाती ही है इसके साथ ही रास्ते में यदि कोई दुर्घटना हो जाए तो उससे शरीर की सुरक्षा भी करती है।
- कटक से जयपुर आते समय सजल ने कई रोचक एवं खट्टे मीठे अनुभवों को साझा किया। साथ ही बताया कि जब भी कोई परेशानी का सामना आप करते तो अपनी बेटी को याद कर लेते। परेशानी का अहसास भी नहीं होता, साथ ही सफर की थकान भी कुछ क्षणों में दूर हो जाती।


बेटी को लगता है थोड़ा डर


- सजल की बेटी नेहा जो कि मणिपाल विश्वविद्यालय जयपुर में बीटेक, कंप्यूटर एंड कम्यूनिकेशन इंजीनियरिंग-सीएम सीई में पढ़ाई करती है ने बताया कि पापा के मोटर साइकिल से कटक से जयपुर तक का सफर तय कर मुझसे मिलने आना मन में उत्साह तो पैदा करता ही है, साथ ही थोड़ा सा भय भी रहता है। लेकिन पापा के इस जज्बे को मैं सेल्यूट करती हूं और सभी को मेरे पापा जैसे पापा मिले जो कि अपनी बेटी से इतना प्यार करते है। साथ ही पापा के बेटी बचाओं बेटी पढ़ाओं के सामाजिक सरोकार के कार्य जैसा कार्य सभी बेटियों के पापा करें ऐसी मेरी इच्छा है।

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कटक के रहने वाले हैं सजल सेठ।कटक के रहने वाले हैं सजल सेठ।
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