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अब उड़ान में बाधा नहीं बनेगा ड्रोन, हवा में ही रोक देगी डिवाइस

अब उड़ान में बाधा नहीं बनेगा ड्रोन, हवा में ही रोक देगी डिवाइस

Dainik Bhaskar

Mar 09, 2018, 03:19 PM IST
डेमाे पिक। डेमाे पिक।

जयपुर। फ्लाइट्स की लैंडिंग और टेक-ऑफ के दौरान सुरक्षा के लिहाज से बाधा बन रहे ड्रोन की समस्या से निजात पाने का रास्ता सुरक्षा एजेंसियों ने निकाला लिया है। इजरायली टेक्नोलॉजी बेस्ड एक सिक्योरिटी डिवाइस एयरपोर्ट का बॉर्डर क्रॉस करने वाले ड्रोन को वापिस उसी दिशा में भेज देगा, जहां से वह आया है। डिवाइस की मदद से ही सुरक्षा एजेंसियां उस सोर्स तक भी पहुंच सकेंगी, जो ड्रोन उड़ा रहा है। जानिए और इस बारे में ...

- सीआईएसएफ के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि ड्रोन को कंट्रोल करने वाली डिवाइस का फिलहाल आईजीआई एयरपोर्ट पर ट्रायल चल रहा है। जून तक इसे आईजीआई सहित देश के सभी प्रमुख एयरपोर्ट पर तैनात कर दिया जाएगा।

- अभी प्रतिबंधित क्षेत्र में उड़ने वाले ड्रोन को खत्म करना ही एकमात्र ऑप्शन है, लेकिन उसे ऑपरेट करने वाले सोर्स तक पहुंचना नामुमकिन सा है। ड्रोन एयरपोर्ट के साथ राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए भी एक बड़ा खतरा है। इसके जरिए कई संवेदनशील जगहों की जासूसी होने की आशंका बनी रहती है।


ऐसे पता चलेगा ड्रोन का रूट

- यह सिक्योरिटी डिवाइस ड्रोन के कम्युनिकेशन सिस्टम को हैक कर उसे अपने कंट्रोल में ले लेगा। फिर ड्रोन को वापस उसी दिशा में जाने का कमांड देगा, जहां से वह आया है। कमांड मिलते ही ड्रोन वापिस उसी दिशा में लौट जाएगा जहां से उसे उड़ाया गया है, जिससे ड्रोन के रूट को ट्रैक कर सुरक्षा एजेंसियां ड्रोन उड़ाने वाले शख्स तक आसानी से पहुंच जाएंगी। वहीं यह डिवाइस ड्रोन का सारा डेटा भी आसानी से अपने कब्जे में कर लेगी।

किसी भी बड़े हादसे की वजह बन सकते हैं ड्रोन

- ड्रोन से सबसे बड़ा खतरा फ्लाइट्स को होता है। प्लेन के इंजन इतने पावरफुल होते हैं कि वे लगभग 15 से 20 मीटर दूर उड़ रही किसी भी चीज को अपनी तरफ खींच सकते हैं। ऐसे में टेक-ऑफ या लैंडिंग के दौरान अगर कोई ड्रोन, किसी विमान के इस दायरे में आ जाता है तो बड़ी दुर्घटना होने की संभावना है जिससे सैकड़ों यात्रियों की जान को भी खतरा हो सकता है।

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डेमाे पिक।डेमाे पिक।
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