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लीक से हटकर सोचा और अब हर महीने कमा रहे 10 लाख रु. से ज्यादा

DainikBhaskar.com | Last Modified - Jan 13, 2018, 03:55 PM IST

परेशान हुए तो आया ऐसा आइडिया, 6 लाख की नौकरी छोड़ खड़ी कर दी करोड़ों की कंपनी
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    राजस्थान के भरतपुर के पास कुम्हेर के गांव के रहने वाले हैं अभिषेक।

    भरतपुर(राजस्थान).यहां के कुम्हेर के गांव के रहने वाले 27 साल के अभिषेक सिंह ने 2012 में बीटेक करने के बाद वोडाफोन तथा कुछ समय बाद मल्टी नेशनल कम्पनी में तीन साल नौकरी की। इस दौरान उन्हें साढ़े छह लाख सालाना का पैकेज मिला, लेकिन जॉब के दौरान वे कुछ अलग करना चाहते थे। आखिर जॉब छोड़कर अपने दो इंजीनियर दोस्तों के साथ कुछ लीक से हटकर करने की सोची। अभिषेक ने अपने दोनों दोस्त उदयपुर निवासी यज्ञ शेखर व्यास व धौलपुर के अंकित सिंघल के साथ मिलकर गुजरात के गांधीनगर में पायरेट किंग्स किचन के नाम से चूल्हा जलाया। जिसमें रात्रि में ऑनलाइन खाना उपलब्ध कराने वाला रसोई घर दिसम्बर 2015 में शुरू किया। जानें अभिषेक की पूरी कहानी...


    - आज इनका पायरेट किंग्स किचन गांधी नगर में खासा लोकप्रिय हो चुका है। इस किचन का सबसे दिलचस्प पहलू यह है कि इस चूल्हे पर हांडी दिन में नहीं, बल्कि रात को चढ़ती है।
    - दिन ढलने के साथ शुरू हुई किचन में मनपंसद खाना अगले दिन सूरज उगने तक रात भर उपलब्ध रहता है। खाने की सप्लाई ऑनलाइन ऑर्डर के अनुसार आईटी कंपनी व कॉलेज हॉस्टल व कॉल सेन्टर कार्यालयों को की जाती है।

    खुद परेशान हुए तो आया आइडिया


    - अभिषेक ने बताया कि गुजरात के गांधीनगर में वह व उसके दोस्त मल्टी नेशनल कम्पनी में नौकरी करते थे। रात को 9 बजे के बाद कहीं भी खाना नहीं मिलता था। खाना तो दूर चाय-नाश्ते तक के लाले पड़ जाते थे।
    - जिस कारण वहां पर अपने साथ अन्य कम्पनियों में कार्य करने वाले लोगो को कई बार भूखा भी सोना पड़ा। रात को कोई भूखा न सोए, बस इसी प्रेरणा से प्रेरित होकर अपने दो दोस्तों के साथ पायरेट किंग्स किचन की शुरुआत करने को प्रेरित किया।
    - आज पायरेट किंग्स किचन की आमदनी साढ़े दस लाख रुपए महीना हो रही है।


    नौकरी छोड़ किचन चलाने पर झेला परिवार सहित सभी का विरोध
    - अच्छी-खासी नौकरी छोड़ पायरेट किंग्स किचन चलाने को लेकर अभिषेक को परिवार सहित अपने रिश्ते-नातेदारों का भी विरोध झेलना पड़ा, लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी।
    - इतना ही नहीं अभिषेक सिंह एनडीए, कम्बाइन डिफेंस सर्विसेज, सीपीओ जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की लिखित परीक्षा पास कर चुका है। लेकिन अपना भविष्य इस स्टार्ट अप में ही बनाने की जिद के कारण उसे अपने घरवालों का विरोध भी खूब झेलना पड़ा।

    हिम्मत और आत्मविश्वास से ही जीत


    - इंजीनियर अभिषेक सिंह बताते हैं कि जीवन में हिम्मत और आत्मविश्वास से ही सफलता प्राप्त की जा सकती है। इसके लिए आवश्यक यह है कि कोई भी बड़ा काम करने से पहले मैं अपने ईष्ट को याद करता हूं और उनसे ही आशीर्वाद लेकर काम शुरू करता हूं।

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    कई कंपनियों मे तीन साल की नौकरी।
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    दो इंजीनियर दोस्तों के साथ मिलकर शुरू किया था काम।
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    दिन में नहीं रात में काम करता है अभिषेक का रेस्त्रां।
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    खाना घर पर डिलीवर करने की भी सुविधा।
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    घरवालों का विरोध भी झेलना पड़ा।
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    हर महीने साढ़े 10 लाख की कर रहे कमाई।
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Web Title: Abhishek Singh From Rajasthan Open Restaurant In Gandhinagar
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)

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