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त्यौहार व कम फ्लाइट्स की आड़ में एयरलाइंस कंपनियों ने तीन-चार गुना तक बढ़ाया हवाई किराया

त्यौहार व कम फ्लाइट्स की आड़ में एयरलाइंस कंपनियों ने तीन-चार गुना तक बढ़ाया हवाई किराया

Danik Bhaskar | Mar 04, 2018, 04:29 PM IST

जयपुर। होली का त्यौहार अब पूरा हो चुका है और दूसरे शहरों से जयपुर आए लोग अब अपने कार्यस्थल पर लौट रहे हैं। इसी के चलते रविवार से हवाई सफर तीन से चार गुना तक महंगा हो गया है। विमानन कंपनियां यात्रियों से हर बार की तरह मनमर्जी का किराया वसूल रही हैं।
आमतौर पर ऐसा हर त्यौहार पर होता है और इस बार भी विमानन कंपनियां इस मामले में पीछे नहीं रही हैं। जानिए और इस बारे में ...

- एयरलाइंस ने हवाई किराए की दरें कई गुना तक बढ़ा दी हैं। सोमवार से कार्यस्थल पर लौटने के लिए लोग रविवार से ही अपने शहरों को लौट रहे हैं। ऐसे में दिल्ली, मुंबई सहित सभी बड़े शहरों के लिए हवाई किराए की दरें बढ़ा दी गई हैं।

- दिल्ली का हवाई किराया 10 हजार को पार कर चुका है जबकि आमतौर पर दिल्ली का किराया 1500 से 3000 रुपए के बीच में रहता है। दिल्ली के लिए दर्जनभर फ्लाइट होने के बावजूद यह स्थिति देखने को मिल रही है। इसी तर्ज पर एयरलाइंस ने बेंगलूरु, पुणे और चेन्नई आदि शहरों के लिए भी हवाई किराया बढ़ा दिया है। बढ़े हुए किराए की यह दरें आज भी जारी रहेंगी।

विभिन्न शहरों का बढ़ा हुआ हवाई किराया
- रविवार को मुंबई के लिए शाम को सिर्फ एक फ्लाइट में मिली सीट
- जेट की फ्लाइट 9डब्ल्यू-7119 में किराया हुआ 15923 रुपए
- जबकि आम दिनों में 4500 से 6000 रुपए रहता किराया

दिल्ली के लिए हवाई किराया बढ़ा 4 गुना तक
- इंडिगो फ्लाइट 6ई-3813 सबसे कम किराया 7818 रुपए
- एयर इंडिया एआई-492 में किराया 10038 रुपए
- वहीं जेट एयरवेज 9डब्ल्यू-2256 में किराया 11618 रुपए

हैदराबाद के लिए स्पाइसजेट किराया 9676 रुपए
- बेंगलूरु के लिए दो फ्लाइट उपलब्ध, किराया 9389 से 14816 रुपए
- पुणे के लिए दो फ्लाइट में किराया 10479 से 14469 रुपए

गौरतलब है कि होली या दिवाली जैसे त्यौहारों पर हर बार नियामक संस्थाओं द्वारा हवाई किराए की दरों पर नियंत्रण करने की बात तो कही जाती है, लेकिन हर बार कि तरह इस बार भी किराए की दरों पर यह नियंत्रण देखने को नहीं मिल रहा है।

- इस बारे में जयपुर एयरपोर्ट प्रशासन के अधिकारियों का कहना है कि यह एयरलाइंस और डीजीसीए का मामला है। इसमें एयरपोर्ट प्रशासन कुछ नहीं कर सकता। वहीं डीजीसीए का कोई भी अधिकारी जयपुर में नियंत्रण के लिए उपलब्ध ही नहीं है।