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नई व्यवस्था : महानगरों के स्टेशनों की तरह होगी यात्री सुविधाएं, अब सब अर्बन, नॉन सब अर्बन हॉल्ट स्टेशन के रूप में होगा स्टेशनों का निर्धारण - v

नई व्यवस्था : महानगरों के स्टेशनों की तरह होगी यात्री सुविधाएं, अब सब अर्बन, नॉन सब अर्बन हॉल्ट स्टेशन के रूप में होगा स्टेशनों का निर्धारण - v

Dainik Bhaskar

Dec 08, 2017, 09:53 AM IST
All railway stations to get metro city like facilities

जयपुर। ट्रेनों में सफर करने वाले लोगों के लिए एक अच्छी खबर है। अब आपको रेलवे स्टेशनों पर सुविधाओं का स्तर सुधरा हुआ मिलेगा। ऐसा इसलिए क्योंकि रेलवे बोर्ड द्वारा रेलवे स्टेशनों की कैटेगरी का निर्धारण अब नए नियमों से किया जाएगा। अभी तक रेलवे स्टेशनों को ए-वन, ए, बी, सी, डी व एफ श्रेणियों में बांटा हुआ था, लेकिन अब इन्हें तीन भागों में बांटा गया है। इसमें सब अर्बन, नॉन सब अर्बन एवं हॉल्ट स्टेशन के रूप में स्टेशनों का निर्धारण होगा। जानिए और इस बारे में ....

- रेलवे नियमों के अनुसार इन कैटेगरी के हिसाब से ही स्टेशनों पर यात्रियों की सुविधाओं का विस्तार होता है। रेलवे बोर्ड से जोनल रेलवेज के मुख्यालय को स्टेशनों पर सुविधाएं विकसित करने के लिए पैसा मिलता है। रेलवे बोर्ड के जेटी डायरेक्टर ट्रैफिक कॉमर्शियल (जी) ने रेलवे स्टेशनों की कैटेगरी का निर्धारण करने के आदेश जारी किए हैं।

- बोर्ड ने हाल ही इन आदेशों की सभी जोन के मुख्यालयों पर जीएम, प्रिंसिपल चीफ कॉमर्शियल, प्रिंसिपल चीफ इंजीनियर्स, प्रिंसिपल फाइनेंस एडवाइजर, मैनेजिंग डायरेक्टर, सेंट्रर फॉर रेलवे इंफॉर्मेशन (क्रिस), डायरेक्टर आईआरआईटीएम को भेजा है। इसमें स्टेशनों के निर्धारण के नए नियमों की जानकारी दी गई है। उसी के आधार पर स्टेशनों की कैटेगरी का निर्धारण होगा।

जयपुर जंक्शन ए-वन श्रेणी में

- दिल्ली-मुंबई रेलमार्ग स्थित जयपुर जंक्शन अभी ए-वन श्रेणी में शामिल है। उसी के अनुसार स्टेशन पर यात्री सुविधाएं निर्धारित की गई हैं। लिफ्ट और एसकेलेटर लगे हुए हैं। अभी तीन लिफ्ट और दो एसकेलेटर की सुविधा और शुरू की जा रही है।

- प्लेटफार्म पर महिला यात्रियों के लिए अलग से एसी प्रतीक्षालय हैं। स्लीपर क्लास के यात्रियों के लिए अलग वेटिंग रूम बना है। रिटायरिंग रूम उपलब्ध हैं। फूड प्लाजा बना हुआ है। हालांकि बैटरी कार की सुविधा अभी शुरू नहीं हो पा रही है। जैसे ही इसे शुरू किया जाएगा, उसके बाद जंक्शन पर आने वाले वृद्ध व दिव्यांगों के लिए प्लेटफॉर्म बदलना राहत भरा हो जाएगा।

पहले ही ए-वन ग्रेड में, बढ़ेंगी सुविधाएं

- जयपुर स्टेशन पहले से ही ए-वन ग्रेड की श्रेणी में है। कैटेगरी के निर्धारण के तहत वार्षिक आय को भी देखा जाता है। जयपुर की वार्षिक आय निर्धारित मापदंड से काफी अधिक है। वर्ष 2016-17 में जयपुर की आय लगभग 150 करोड़ से अधिक थी। नई श्रेणी के निर्धारण के समय जयपुर में सुविधाएं महानगरों के स्टेशनों की तरह विकसित होंगी।

ये सुविधाएं मिल सकती हैं

- वीवीआईपी लॉज, यात्रियों को लगेज ट्रेन के कोच तक पहुंचाने के लिए ट्रॉली, फिल्टर वॉटर सिस्टम इत्यादि।

जयपुर मंडल की वर्तमान स्थिति
कुल स्टेशन - 117
- ए वन श्रेणी का एक स्टेशन जयपुर
- ए श्रेणी के 5 स्टेशन गांधीनगर, बांदीकुई, अलवर, रेवाड़ी, फुलेरा
- बी श्रेणी में 3 स्टेशन सीकर, दौसा, किशनगढ़ को पर्यटकों की संख्या के आधार पर इस श्रेणी में शामिल किया गया है।
- सी सबअर्बन, इस ग्रुप का कोई स्टेशन जयपुर मंडल में नहीं हैं।
- डी श्रेणी में 14 रेलवे स्टेशन हैं। इसमें चिड़ावा, ढेर का बालाजी, दुर्गापुरा, खैरथल, रिंग्स, नीम का थाना, सांगानेर, वनस्थली निवाई, आसलपुर जोबनेर आदि शामिल हैं।
- ई श्रेणी में 66 रेलवे स्टेशन हैं।
- एफ श्रेणी में 28 स्टेशन हैं।

बोर्ड ने बनाए नए नियम

- रेलवे स्टेशनों के कैटेगरी के निर्धारण के लिए रेलवे बोर्ड ने नए नियम बनाए हैं। इसके लिए क्राइटेरिया तय किया गया है। नॉन सबअर्बन , सबअर्बन हॉल्ट स्टेशन के आधार पर रेलवे स्टेशनों की श्रेणियों का निर्धारण होगा। - तरुण जैन, सीपीआरओ, उपरे

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