--Advertisement--

0000

0000

Danik Bhaskar | Dec 26, 2017, 12:10 PM IST
पीएम नरेंद्र मोदी। पीएम नरेंद्र मोदी।

जयपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अगले महीने 10 दिन के दौरान दो बार प्रदेश के दौरे पर रहेंगे। इसके तहत 14 जनवरी मकर संक्रांति के दिन बाड़मेर में रिफाइनरी का शिलान्यास करेंगे। वहीं, 22 जनवरी को झुंझुनूं में बेटी बचाओ अभियान के तहत उल्लेखनीय नतीजों के लिए स्थानीय जनता को प्रोत्साहित करने आएंगे। यहां यह बता दें कि इस दौरान प्रदेश की अजमेर एवं अलवर संसदीय सीट और मांडलगढ़ विधानसभा सीट पर उपचुनाव का कार्यक्रम चल रहा होगा। जानिए और इस बारे में ...

- ऐसे में प्रधानमंत्री का दौरा चुनावों के लिहाज से भाजपा के लिए बड़ा फायदेमंद साबित हो सकता है क्योंकि, दोनों ही स्थानों पर प्रधानमंत्री जनसभाओं को संबोधित करेंगे, जहां से जो भी बोलेंगे या घोषणा करेंगे उसका मैसेज पूरे राज्य को जाएगा।

बेटियों की संख्या में सबसे अव्वल पहुंचा झुंझुनूं

- झुंझुनूं कलेक्टर दिनेश यादव ने बताया कि केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने प्रधानमंत्री के दौरे की सूचना दी है। यादव ने बताया कि दो साल पहले देशभर में कराए गए सर्वे के दौरान 100 ऐसे जिलों को चुना गया था जहां पुरुषों के अनुपात में महिलाओं की संख्या बेहद कमजोर थी।

- झुंझुनूं में 1000 पुरुषों के मुकाबले महिलाओं की संख्या 837 ही थी। बेटी बचाओ अभियान के तहत आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों के जरिए दो साल में ही यहां महिलाओं का औसत 954 के करीब पहुंच गया है। प्रधानमंत्री इसलिए यहां आ रहे हैं। यहां ऐसे ही 100 अन्य जिलों में बेटी बचाओ योजना का दूसरा चरण शुरू किया जाएगा। वहीं, प्रधानमंत्री राष्ट्रीय पोषण कार्यक्रम की शुरूआत भी करेंगे।

रिफाइनरी का शिलान्यास करेंगे, खत्म होगा इंतजार

- एचपीसीएल से नेगोशिएशन के बाद राज्य सरकार ने बाड़मेर में लगने वाली रिफाइनरी के लिए नए सिरे से एमओयू किया। पचपदरा में 4800 एकड़ जमीन पर 43 हजार 139 करोड़ रुपए में रिफाइनरी लगेगी। सरकार ने दावा किया कि वित्तीय लिहाज से नया एमओयू सीधे तौर पर 39,195 करोड़ रुपए का फायदा करवाएगा। पुराने समझौते के आधार पर पहले जहां सरकार को 56,040 करोड़ रुपये देने पड़ते, अब वहीं 16,845 करोड़ रुपए ही देने पड़ेंगे। प्रधानमंत्री 14 जनवरी को बाड़मेर में इसका शिलान्यास करेंगे।

मारवाड़ का बड़ा चुनावी मुद्दा

- रिफाइनरी प्रदेश के साथ मारवाड़ में बड़ा चुनावी मुद्दा रहेगा। कांग्रेस सरकार ने पिछले विधानसभा चुनाव की आचार संहिता से ठीक पहले इसका शिलान्यास करवाया था। लेकिन, यह आगे नहीं बढ़ सका। कांग्रेस लगातार इस मसले को लेकर लगातार घेरती रही है। आगामी चुनाव में एक बार फिर इस मुद्दे को लेकर कांग्रेस व भाजपा आमने-सामने होगी।

कंटेंट : मनोज शर्मा