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कोरोनरी स्टेंट की कीमत पहले कम की, अब बढ़ाने की तैयारी

कोरोनरी स्टेंट की कीमत पहले कम की, अब बढ़ाने की तैयारी

Surendra Swami | Last Modified - Dec 19, 2017, 09:43 AM IST

जयपुर। दिल का इलाज कराने वालों के लिए एंजियोप्लास्टी या बाईपास सर्जरी कराना नए साल में एक बार फिर महंगा हो सकता है। स्टेंट बनाने वाली कंपनियों की ओर से महंगे स्टेंट की सप्लाई रोकने पर कीमत निर्धारण करने वाले केन्द्र सरकार के नेशनल फार्मास्यूटिकल प्राइसिंग ऑथोरिटी (एनपीपीए) नए साल में जनवरी-फरवरी में स्टेंट की कीमत बढ़ाने की तैयारी में है। निर्माता कंपनियों से 31 दिसंबर तक सुझाव मांगे हैं। जानिए और इस बारे में ....


- एनपीपीए के चैयरमैन भूपेन्द्र सिंह के अनुसार हदय रोगियों को स्टेंट की कमी नहीं हो, इसके लिए कंपनियों को स्टेंट की सप्लाई जारी रखने के आदेश दिए हैं। इस साल फरवरी में जारी नोटिफिकेशन एक साल के लिए मान्य है। वर्ष 2018 के जनवरी-फरवरी माह में स्टेंट की कीमत में बदलाव का निर्णय किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि केंद्र सरकार ने फरवरी में मेटल व ड्रग इल्यूट की कीमतों में 85 फीसदी की कटौती की है। इसका नोटिफिकेशन 13 फरवरी 2017 को जारी किया है।

निर्माता कंपनियां बना रही हैं दवाब

- कंपनी, एजेन्ट और अस्पताल का स्टेंट में कमीशन पहले से तय होता है। लंबे समय से एबॉट तथा बोस्टन जैसी विदेशी कंपनियां केन्द्र सरकार पर प्राइस से कैप हटाने के लिए दवाब बना रही हैं। फार्मा एक्सपर्ट वी.एन. वर्मा का कहना है कि सरकार को स्टेंट की कीमत बढ़ाने की बजाय नियंत्रण व क्वालिटी की मॉनिटरिंग पर ध्यान देना चाहिए। अगर अस्पताल मरीजों से स्टेंट की कीमत ज्यादा वसूलता है, तो उन अस्पतालों पर कार्रवाई करनी चाहिए।

ऐसे होता है कीमत का निर्धारण

- ड्रग कंट्रोलर प्रथम राजाराम शर्मा व सैकंड अजय फाटक के अनुसार एनपीपीए की ओर से कंपनियों से मांगे गए सुझाव में स्टेंट बनाने में लगने वाले हरेक तरह के खर्चों पर पहले विश्लेषण किया जाता है। उसके बाद विशेषज्ञों से रॉय लेकर अंतिम निर्णय लिया जाता है।

खर्चों में बढ़ोतरी

- एनपीपीए ने दिल के मरीजों का सस्ता इलाज की मंशा से स्टेंट की कीमतों पर लगाम लगाई है, लेकिन अस्पतालों ने अन्य खर्चो में बढ़ोतरी कर दी है। पहले एंजियोप्लास्टी की जाती है, मरीज को लाभ नहीं मिलने पर बाईपास सर्जरी के जरिए ग्राफ्टिंग का इस्तेमाल किया जाता है।

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