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सरकार की वर्षगांठ पर गहलोत का हमला : भाजपा सरकार ने चार साल में गौरवशाली प्रदेश को मुंह दिखाने लायक भी नहीं छोड़ा : गहलोत पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा---कानून व्यवस्था नाम की कोई चीज दिखती नहीं है, बीमारियों से सैंकड़ों की संख्या में लोग मर रहे हैं, स्कूल बंद हो रहे हैं और सड़कें इस तरह की हो गयी है कि उन पर चलना मौत को दावत देना है - v

सरकार की वर्षगांठ पर गहलोत का हमला : भाजपा सरकार ने चार साल में गौरवशाली प्रदेश को मुंह दिखाने लायक भी नहीं छोड़ा : गहलोत पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा---कानून व्यवस्था नाम की कोई चीज दिखती नहीं है, बीमारियों से सैंकड़ों की संख्या में लोग मर रहे हैं, स्कूल बंद हो रहे हैं और सड़कें इस तरह की हो गयी है कि उन पर चलना मौत को दावत देना है - v

Babulal Sharma | Last Modified - Dec 13, 2017, 03:32 PM IST

जयपुर। अखिल भारतीय कांग्रेस महासचिव एवं राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने मुख्यमंत्री वसुन्धरा राजे पर आरोप लगाया है कि अपने पिछले चार वर्ष के कार्यकाल में उन्होंने गौरवशाली राजस्थान को न केवल बर्बादी की ओर धकेला है, बल्कि देश में कहीं मुंह दिखाने लायक भी नहीं छोड़ा है। गहलोत ने राजे सरकार के चार साल के कार्यकाल पर सवाल किया कि इन चार सालों में हुआ क्या है जिस पर राजे और भाजपा गर्व कर रही है और जश्न मना रही है? जानिए और क्या बोले गहलोत ....

- उन्होंने कहा, सच कड़वा होता है और उन्हें यह सच स्वीकार करना चाहिए कि इन चार सालों में राजस्थान में खूब भ्रष्टाचार और भाई-भतीजावाद हुआ है। अपराध, खास तौर पर मासूम बच्चियों से बलात्कार, गैंग रेप और उनकी हत्या रोज की बातें हो गई हैं। यहां कानून व्यवस्था नाम की कोई चीज दिखती नहीं है। बीमारियों से सैंकड़ों की संख्या में लोग मर रहे हैं, स्कूल बंद हो रहे हैं और सड़कें इस तरह की हो गईं हैं कि उन पर चलना मौत को दावत देना है।

- उन्होंने कहा, अफसोस इस बात का है कि विपक्ष ही नहीं सत्ता पक्ष के विधायक और नेता भी ये सारी बातें कह रहे हैं। उन्होंने कहा, इन सबसे आगे हाईकोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक ने राज्य सरकार के कामकाज पर जिस तरह और जितनी तीखी टिप्पणियां की, उतनी तो 70 सालों में नहीं हुई होगी, लेकिन सीएम वसुंधरा राजे हैं कि चैन की नींद सो रही हैं। उल्टे अव्यवस्थाओं से कराह रही राज्य की जनता के घावों पर नमक छिड़कने के लिए वे और भाजपा के कुछ राष्ट्रीय नेता ‘राजस्थान को अपना मॉडल स्टेट‘ बता रहे हैं।

50 सालों में ऐसी निकम्मी सरकार नहीं देखी
- पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, पिछले 50 सालों के अपने राजनीतिक जीवन में मैंने कभी ऐसी निकम्मी, निकृष्ट और नाकारा सरकार नहीं देखी जिसके गृह मंत्री और स्वास्थ्य मंत्री, सरकार में मंत्री होने पर शर्मिंदगी महसूस करते हों, जिसके विधायक खुद सरकार और स्वास्थ्य विभाग पर हत्यारा होने का आरोप लगाते हों और फिर भी सरकार चल रही हो।

- उन्होंने कहा, लगता है जैसे मुख्यमंत्री को पता हो कि यह उनका आखिरी टर्म है। ऐसे में एक ओर जहां हर तरफ जमकर भ्रष्टाचार हो रहा है, सारे फैसले विभागों के मंत्री नहीं मुख्यमंत्री कार्यालय के स्तर पर हो रहे हैं।

- उन्होंने दावा किया कि मुख्यमंत्री जन असंतोष को जानती हैं, इसीलिए अजमेर, अलवर और माण्डलगढ उपचुनावों को लेकर अब इन क्षेत्रों में डेरा डाले हुए हैं, परन्तु जनता हकीकत जानती है।

महिलाएं घर से निकलने में डरती हैं, किसान आत्महत्याएं कर रहे हैं
- गहलोत ने कहा, आज राज्य की जनता का कोई तबका इस सरकार से खुश नहीं है। कर्मचारी सातवें वेतनमान को लेकर नाराज हैं। व्यापारी जीएसटी से दुखी हैं। युवा नौकरी के रास्ते नहीं खुलने से परेशान हैं। महिलाएं घर से बाहर निकलने में डरती हैं। किसान अपनी उपज का वाजिब दाम नहीं मिलने से आत्महत्या कर रहा है।

- आमजन को बिजली मिल नहीं रही, पानी मिल नहीं रहा। अस्पतालों में सिवाय धक्कों के कुछ नहीं मिल रहा। रिसर्जेंट राजस्थान और विदेश दौरों के नाम पर सरकार ने करोड़ों रूपए फूंक दिए, लेकिन नतीजा जीरो है।

उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री राजनीतिक लाभ के लिए राजस्थान से जितना लगाव दिखाएं और राजपूत, जाट, गुर्जर आदि जातियों को अपना बताएं, लेकिन हकीकत में उन्हें किसी से भी कोई अपनापन नहीं है। यदि ऐसा होता तो बाड़मेर में रिफाइनरी कभी की लग गई होती और जयपुर में मेट्रो का दूसरा चरण कभी का शुरू हो गया होता। इसी तरह राज्य की अन्य महत्वाकांक्षी योजनाएं, भीलवाड़ा में मेमो कोच फैक्ट्री, कोटा-झालावाड-बारां की परबन सिंचाई एवं पेयजल योजना, डूंगरपुर-बांसवाड़ा-रतलाम रेल परियोजना अब तक अटकी नहीं रहतीं।
गहलोत ने कहा, सरकार ने नया कुछ किया नहीं और 70 साल की मेहनत से जो चीजें तैयार हुईं उन्हें भी निजीकरण या पीपीपी के नाम पर अपनों को बांटने में लगी है।

- गहलोत ने कहा, राज्य की बिजली कम्पनियां और उनकी जमीनें राजस्थान रोडवेज और उसकी जमीनें, स्पिन फेड, खासा कोठी, होटल आनन्द और आरटीडीसी के अन्य होटल-मोटल सब इसके उदाहरण हैं।

सरकारी खरीद से आती है भ्रष्टाचार की बू

- हर सरकारी खरीद में भ्रष्टाचार की बू आने लगी है, लेकिन सरकार है कि अरबों के खान महाघोटाले तक की सीबीआई या न्यायिक जांच को तैयार नहीं है, जबकि उसके छींटे खुद उन तक पहुंच रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि यदि खान महाघूस कांड, पेयजल, यातायात, सहकारी उपभोक्ता भण्डार एवं जेडीए में भ्रष्टाचार की जांच सीबीआई से कराई जाए तो बड़े खुलासे सामने आएंगे।

- गहलोत ने आरोप लगाया कि ऐसे आरोपों की सचाई को राज्य की जनता तक नहीं पहुंचने देने की नीयत से ही तमाम विरोध के बावजूद मुख्यमंत्री ऐसा कानून लेकर आई (जिसे प्रवर समिति को भेजना पड़ा) जिससे मीडिया का मुंह बंद हो जाए और न्यायपालिका तथा पुलिस के हाथ बंध जाएं।

- उन्होंने जोर देकर कहा कि कांग्रेस राज्य की जनता के सहयोग से उनके इन इरादों को पूरा नहीं होने देगी, न केवल इस कानून को बनने से रोका जाएगा अपितु जनता की अदालत में भी इस सरकार की तमाम नाकामियों को जोर-शोर से उजागर किया जाएगा।

- जनता इस सरकार को कभी माफ नहीं करेगी। ऐसे हालात में अगर मुख्यमंत्री स्वयं इस्तीफा देने की पेशकश कर देंती तो उनके स्वयं के लिए बेहतर होता।

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