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450 साल पुराना एक किला जो रहा कुंवारा, जानें क्यों पड़ा ऐसा नाम

450 साल पुराना एक किला जो रहा कुंवारा, जानें क्यों पड़ा ऐसा नाम

Anant Aeron | Last Modified - Dec 28, 2017, 12:26 PM IST

जयपुर.राजस्थान यहां के कई पहलू अभी तक अनछुए हैं। कई जगह ऐसी हैं जिन्हें आसपास के लोगों के अलावा कोई नहीं जानता। DainikBhaskar.com अपनी सीरीज जानें राजस्थान के अंतर्गत एक ऐसे ही किले के बारे में बताने जा रहा है। जिसका नाम है बाबा किला यहां फिर कुंवारा किला। कुंवारे नाम के पीछे ये है कहानी...

- बाला किला शहर से 6 किलोमीटर दूर पहाड़ी पर स्थित है। जयपोल, लक्ष्मण पोल, सूरजपोल, चांदपोल, अंधेरी द्वार और कृष्णा द्वार से बाला किला तक पहुंचा जा सकता है। किला पर्यटकों के लिए सुबह 10 से शाम 5 बजे तक खुला रहता है।
- बाला किला से शहर का भव्य रूप नजर आता है। समुद्र तल से ऊंचाई 1960 फुट है। यह 8 किमी की परिधि में फैला हुआ है।
- दुश्मन पर गोलियां बरसाने के लिए खास तौर से इसे तैयार किया गया था। कायमखानी शैली में बना हुआ है। दुश्मन पर बंदूकें चलाने के लिए किले की दीवारों में करीब 500 छिद्र हैं, जिनमें से 10 फुट की बंदूक से भी गोली चलाई जा सकती थी।
- दुश्मनों पर नजर रखने के लिए 15 बड़े 51 छोटे बुर्ज और 3359 कंगूरे हैं। इस किले पर निकुंभ, खान जादा, मुगलों, मराठों, जाटों राजपूतों का शासन रहा।
- इस किले पर कभी युद्ध नहीं होने के कारण इसे कुंवारा किला कहते हैं। वर्तमान में यह पर्यटक स्थल के रूप में विकसित है।


इसका निर्माण 1550 में हसन खां मेवाती ने कराया


- यह किला अपनी वास्तुकला के लिए प्रसिद्ध है। अंदर से विभिन्न भागों में बंटा हुआ है।
- एक जगह से दूसरी जगह पहुंचने के लिए कई तरफ से सीढ़ियां हैं। किले के जिस कमरे में जहांगीर ठहरा था, उसे सलीम महल के नाम से जाना जाता है। इस किले में एक दिन बाबर ने भी बिताया था।


किले में बने हैं कई मंदिर


- किले में एक मंदिर है। बाला किला क्षेत्र में कुंभ निकुंभों की कुलदेवी, करणी माता मंदिर, तोप वाले हनुमान जी, चक्रधारी हनुमान मंदिर, सीताराम मंदिर सहित अन्य मंदिर, जय आश्रम, सलीम सागर, सलीम बारादरी स्थित हैं। मंगलवार शनिवार को मंदिर जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए प्रवेश निशुल्क है।
- सरिस्का क्षेत्र में आने के कारण वन विभाग की ओर से दुपहिया और चौपहिया वाहनों के लिए रेट निर्धारित है, जबकि बाला किला में प्रवेश निशुल्क है।

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