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शादी के बाद दुल्हन ने पति के हाथ में थमा दिया मंगलसूत्र, बोली- इसके साथ नहीं रहना

शादी के बाद दुल्हन ने पति के हाथ में थमा दिया मंगलसूत्र, बोली- इसके साथ नहीं रहना

Danik Bhaskar | Jan 16, 2018, 11:03 AM IST
शादी के वक्त तैयार करवाया गया शादी के वक्त तैयार करवाया गया

उबली का बालाजी/गुढ़ागौड़जी(राजस्थान). यहां दलाल के जरिए शादी करके आई दुल्हन करमजीत कौर सोमवार को पति विनोद कुमार सैनी को शादी का मंगलसूत्र व सुहाग की चूड़ी थमा कर वापस पंजाब लौट गई। वहीं, दूसरी ओर मामले में फरार दोनों दलालों को गुढ़ागौड़जी पुलिस ने पकड़ लिया। हालांकि, दोनों लोगों को शांतिभंग में गिरफ्तार दिखा कर कोर्ट में पेश किया जहां से जमानत हो गई। आखिर दलालों ने रुपए लौटाने का एग्रीमेंट कर दिया। जानें पूरा मामला...


- सोमवार को उबली का बालाजी चौकी में दिनभर ड्रामा हुआ। रुपए की एवज में शादी करके आई दुल्हन करमजीत के बाद उसकी मां जसमेर कौर पुलिस के सामने आ गई।
- मां के आने के बाद करमजीत ने पुलिस की मौजूदगी में ही नोटरी पर पति बने विनोद को मंगलसूत्र व चूड़ी उतार कर दे दी और उसके साथ रहने से मना कर दिया। इसके बाद करमजीत अपनी मां के साथ वापस पंजाब लौट गई।
- पुलिस ने दोनों दलालों को पकड़ लिया, जिन्होंने विनोद की शादी करमजीत से करवाई थी।
- पुलिस ने बताया कि बड़ागांव निवासी बाबूलाल सैनी व मरोत बगड़ के अनिल शर्मा को बड़ागांव से पकड़ लिया। नाडीवाली ढाणी के विनोद से 1.15 लाख रुपए लेकर शादी करवाने वाले दलाल बाबूलाल सैनी व अनिल शर्मा अब विनोद को 70 हजार रुपए लौटाएंगे। सोमवार को उनमें समझौता हुआ। इसके अनुसार दलालों ने विनोद को मौके पर 10 हजार रुपए नकद दिए। दलाल बाबूलाल सैनी के पुत्र ने 60 हजार रुपए का 15 फरवरी का चेक दिया है। साथ ही, एग्रीमेंट भी लिख कर दिया।

ऐसी है दुल्हन के भागने की कहानी


- मामले के अनुसार, राजस्थान के झुंझुनूं के पास बड़ा गांव के नाडी वाली ढाणी के विनोद कुमार सैनी शादी करना चाहता था। बड़ा गांव निवासी बाबूलाल सैनी व कुलोद के अनिल कुमार ने उसकी शादी करवाने के लिए एक लाख तीस हजार रुपए मांगे।
- जिसके बाद 24 नवंबर 2017 को पंजाब के बठिंडा के फूला गांव की करमजीत कौर पुत्री बलदेव जटसिख के साथ उसकी शादी दोरासर के बालाजी मंदिर में करा दी।
- शादी की बाकायदा नोटरी गवाहों की मौजूदगी में बनवाई गई। विनोद कुमार ने बताया कि उसने दलाल को एक लाख 15 हजार रुपए दे दिए। जिसके बाद सबकुछ ठीक ठाक चल रहा था।
- एक दिन अचानक इसके बाद 8 जनवरी (शादी के 48 दिन बाद) की रात पानी की बाल्टी भरकर लाने की कहकर करमजीत घर से निकल गई।
- काफी देर तक नहीं लौटी तो घरवालों ने उसे ढूंढ़ने का प्रयास किया। पूरी रात ढूंढने के बाद भी दुल्हन नहीं मिली।
- ढाणी के सभी ग्रामीणों ने अपने स्तर पर उसकी खोजबीन शुरू की। इसके बाद किसी ने उसके दलाल बाबूलाल सैनी के घर पर होने की सूचना मिली। ग्रामीण उसे दलाल के घर से पकड़ कर लाए।
- ग्रामीणों ने करमजीत से पूछा कि उसने ऐसा क्यों किया तो उसने बताया कि उसे 45 दिन रहने के लिए लाया गया है। 45 दिन पूरे होने के बाद वो तीन और वहां रुकी। पैसों के बारे में उसे कोई जानकारी नहीं है। इसके बाद विनोद ने गुढ़ागौड़जी थाने में रिपोर्ट दी। पुलिस की पूछताछ में सारा ही खुलासा हो गया।


विनोद के साथ नहीं रहना: करमजीत


- विनोद के साथ दलाल के जरिए शादी करके आई पंजाब की करमजीत कौर ने विनोद के साथ रहने से साफ मना कर दिया। उसकी मां जसमेर कौर ने अपनी बेटी को समझाने का काफी प्रयास किया, लेकिन वो तो वापस जाने की बात पर अड़ी रही। इसके बाद करमजीत ने विनोद को मंगलसूत्र व चूड़ी उतार कर दे दी।

धर्म बहन ने मिलाया था मनजीत कौर से


- पंजाब के बठिंडा के फूला गांव की करमजीत की मां जसमेर कौर ने बताया कि उसे मनजीत कौर से उसकी धर्मबहन ने मिलाया था।
- मनजीत ने करमजीत की दोबारा शादी करवाने की बात कही। इस पर वो बेटी को लेकर पिलानी आई थी। मां बेटी को दलाल बड़ागांव लेकर आए। वहां विनोद से शादी कराई।