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शिक्षक भर्ती में अयोग्य अभ्यर्थियों को शामिल करने को लेकर कांग्रेस ने सरकार को घेरा

शिक्षक भर्ती में अयोग्य अभ्यर्थियों को शामिल करने को लेकर कांग्रेस ने सरकार को घेरा

Danik Bhaskar | Jan 29, 2018, 05:01 PM IST
अर्चना शर्मा, प्रदेश कांग्रेस अर्चना शर्मा, प्रदेश कांग्रेस

जयपुर। तृतीय श्रेणी शिक्षक भर्ती 2016 लेवल-2 (संशोधित) की मेरिट में अयोग्य अभ्यर्थियों के शामिल होने को लेकर शिक्षा विभाग घिर गया है। कांग्रेस और बेरोजगारों ने इस मामले पर सरकार पर हमला बोला है। कांग्रेस का आरोप है कि भाजपा सरकार हर भर्ती को लटकाने का काम करती है। वह बेरोजगारों को केवल हवाई सपने दिखाती है, लेकिन उनके हित में कोई काम नहीं करती। जबकि बेरोजगारों ने इसे अन्याय बताया है और इसके लिए जिम्मेदार अफसरों पर कार्रवाई की मांग की है। जानिए और इस बारे में ...

- इस भर्ती की मेरिट में रीट या आरटेट में 60 फीसदी से कम अंक वाले भी मेरिट में आ गए। जबकि नियमानुसार ऐसा नहीं हो सकता। यही नहीं अभ्यर्थियों का चयन दो से तीन विषयों में हो गया। यह भी संभव नहीं है।

इनका कहना है...
- भाजपा सरकार ने या तो भर्तियों को अटकाने का काम किया है या फिर इनमें धांधली करने का। विधानसभा की भर्ती में भी बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आ चुका है। अब तृतीय श्रेणी शिक्षक भर्ती में अयोग्य अभ्यर्थियों के चयन से साफ हो गया है कि यह सरकार बेरोजगारों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है।

- सरकार चाहती ही नहीं है कि कोई भी भर्ती पूरी हो और बेरोजगारों को राहत मिल सके। - अर्चना शर्मा, प्रदेश उपाध्यक्ष, कांग्रेस

- शिक्षा विभाग के सिस्टम की गड़बड़ी के कारण हजारों अभ्यर्थियों को नुकसान हो रहा है। इसका खामियाजा उन अभ्यर्थियों को भुगतना पड़ेगा जो योग्य होते हुए भी मेरिट में शामिल नहीं हो सके। भर्ती फिर से कोर्ट में अटकेगी। हम इसको कोर्ट में चुनौती देंगे। - दीपेंद्र शर्मा, अध्यक्ष, राजस्थान बेरोजगार संघ

- अयोग्य अभ्यर्थियों के चयन से साफ हो गया है कि प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय ने आवेदन के साथ अपलोड की गई अंकतालिकाओं को देखा तक नहीं है। शिक्षक भर्ती में अनियमितता की उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए। - उपेन यादव, अध्यक्ष, राजस्थान बेरोजगार एकीकृत महासंघ