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11 माह पहले हुई थी शादी, झगड़े के बाद पति-पत्नी दोनों पानी के टैंक में कूदे

11 माह पहले हुई थी शादी, झगड़े के बाद पति-पत्नी दोनों पानी के टैंक में कूदे

Danik Bhaskar | Mar 08, 2018, 06:35 PM IST

डूंगरपुर. शादी के ठीक 11 महीने बाद पति-पत्नी में ऐसा झगड़ा हुआ कि पत्नी रूठकर घर से करीब 500 फीट दूर ही बरसों से बंद पड़ी पत्थरों की माइंस में भरे पानी में कूद गई। बचाने के लिए दौड़कर आया पति भी कूद गया। दोनों की डूबने से मौत हो गई। इस घटना के बाद पूरे गांव में सनसनी फैल गई। माइंस के आसपास लोगों की भीड़ इकट्ठी हो गई। करीब 3 घंटे के बाद मांइस में डूबे पति का शव बाहर निकाला गया और उसकी पत्नी का शव इसके एक घंटे बाद निकाला जा सका। घटना का सही पता नहीं लग सका है, लेकिन पीहर पक्ष ने दहेज की मांग को लेकर ससुराल पक्ष पर प्रताडि़त करने का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। इसके बाद दोनों पक्षों में बातचीत चलती रही। जानें पूरा मामला...


- यह सनसनीखेज घटना आसपुर थाना क्षेत्र के खेड़ा आसपुर पंचायत के खोती गांव में गुरुवार दोपहर के समय हुई।
- घर पर गजेंद्र उर्फ नेपाल (25) पुत्र परसा बंजारा और उसकी पत्नी फूली बंजारा (22) अकेले थे। इस बीच दोनों में किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई और बहस इतनी बढ़ गई की पत्नी फूली रूठकर घर से बाहर निकल गई। -- - दौड़ते हुए वह पत्थरों की पुरानी माइंस की ओर भागी तो पति भी पीछे-पीछे गया। घर से करीब 500 फीट दूर इस माइंस में 30 फीट गहरा पानी भरा हुआ था, जिसमें कूद गई।
- पत्नी को खदान में कूदते देख पीछे आ रहा पति भी उसे बचाने के लिए कूद गया और दोनों की डूबने से मौत हो गई।


गांव के युवाओं ने 3 घंटे की मशक्कत के बाद निकाला पहला शव

पति-पत्नी के डूबने से मौत की खबर के बाद तो पूरा गांव इस माइंस के किनारें इकट्ठा हो गया। गांव के कुछ युवा 30 फीट तक गहरी माइंस का पानी गंदा होने के बावजूद शव को ढूंढने के लिए पानी में कूद गए तो कुछ लोग अलग-अलग तरीकों से शव को ढूंढने का प्रयास करते रहे। करीब 3 घंटे की मशक्कत के बाद करीब 3 बजे पति गजेंद्र उर्फ नेपाल बंजारा के शव को निकाला जा सका। लेकिन उसके शरीर में धड़कन होने की बात कहकर आसपुर अस्पताल लेकर गए, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। इसके बाद गांव के लोग महिला के शव को ढूंढऩे लगे। शाम करीब 4 बजे फूली के शव को भी बाहर निकाल दिया गया।


महिला के पिता ने कहा: 3 दिन पहले ही 70 हजार रुपए मांगे थे, नहीं दिए तो अब बेटी की मौत हो गई

मृतका फूली बंजारा के पिता उदयपुर जिले के झल्लारा थाना क्षेत्र के सामोडा निवासी मांगीलाल बंजारा भी आ गए। मांगीलाल ने कहा कि फूली की शादी पिछले साल अप्रैल, 2017 में गजेंद्र उर्फ नेपाल के साथ करवाई थी। शादी के बाद से ही ससुराल पक्ष के लोग दहेज की मांग को लेकर उसकी बेटी को परेशान करते थे। 3 दिन पहले 5 मार्च को ही 70 हजार रुपए मांगे थे, जिस पर उसके ससुराल पक्ष के रिश्तेदारों से बात कर इतना पैसा नहीं दे पाने की बात बताई थी। इस बात के तीन दिन ही हुए थे कि गुरुवार दोपहर के समय दोनों में झगड़ा हुआ और फिर डूबने से मौत हो गई।

माता-पिता प्रधानमंत्री आवास योजना के आवेदन के लिए पंचायत भवन गए थे और पीछे हुई यह घटना

मृतक के पिता परसा बंजारा और उसकी पत्नी मंजू दोनों गुरुवार सुबह ही खेड़ा आसपुर पंचायत भवन गए थे। प्रधानमंत्री आवास योजना के आवेदन भरने गए थे और पीछे उनका बेटा-बहू और छोटी बेटी अनिता घर पर थे। घटना के समय अनिता भी घर से बाहर गई हुई थी और पीछे पति-पत्नी में पहले झगड़ा हुआ। बेटे और बहू की मौत की खबर भी उन्हें पंचायत भवन में ही मिली तो वह दौड़कर आए। दोनों के डूबने की बात सुनकर मां मंजू बेसुध हो गई। छोटी बहन अनिता के भी फूट-फूटकर रोने लगी।

गजेंद्र तैरना जानता था, लेकिन बचाने के लिए पकड़ते ही डूबने की संभावना

बताया जाता है कि मृतक गजेंद्र उर्फ नेपाल बंजारा तैरना जानता था। इसलिए वह पानी में कूदी पत्नी को बचाने के लिए कूद गया। पानी में जाते ही पत्नी को पकड़ लिया, लेकिन पानी में पत्नी को सही पकड़ नहीं पाया और फिर दोनों डूब गए, जिससे उनकी मौत हो गई।


तीन बहनों पर इकलौता भाई था गजेंद्र

मृतक गजेंद्र उर्फ नेपाल सहित चार भाई-बहन थे। सबसे बड़ी दो बहने थी, जिनकी शादी हो चुकी है। तीसरे नंबर पर गजेंद्र और सबसे छोटी बहन अनिता थी। जिसकी शादी होना बाकी है। इकलौते बेटे और भाई की मौत पर मां और बहन के रोए बुरा हाल हो रहा था। परिवार ओर रिश्तेदार उन्हें संभाल रहे थे। दोनों बार-बार अपने भाई और बेटे को वापस लाने के लिए पुकार रहे थे।


एसडीएम और पुलिस के सामने लगाई गुहार

घटना के बाद आसपुर एसडीएम विजयेश पंड्या, आसपुर थाना एसआई हरिनारायण शर्मा, नरपतसिंह और एएसआई वदन सिंह मय जाब्ता मौके पर पहुंचे। पुलिस के सामने विवाहिता के पीहर पक्ष के लोगों ने आक्रोश जताया और मामले की जांच करवाने की मांग की। पुलिस ने निष्पक्ष जांच का भरोसा दिलाया। इसके बाद देर शाम को आसपुर अस्पताल में शव के पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सुपुर्द कर दिए गए। पटवारी पुष्प राजसिंह भी मौजूद रहे।

बरसों से बंद पड़ी है पत्थरों की माइंस

जिस माइंस में डूबने से पति-पत्नी की मौत हो गई वह बरसों पहले की बंद हो गई है। बताया जाता है कि पहले कभी इस माइंस से पत्थर निकाले जाते थे, लेकिन बाद में इसकी क्वालिटी सही नहीं होने के कारण बंद कर दी गई और इसके बाद से ही इस माइंस में बारिश का पानी भरा रहता है। करीब 40 फीट गहरी इस माइंस में 30 फीट तक पानी भरा हुआ था।