--Advertisement--

क्राफ्ट फेयर में एंरी सिल्क पर क्रास स्टिच और कश्मीरी शॉल पर सिल्वर जरी पर ट्रेडिशनल हैंड वर्क जेकेके साउथ विंग में 21 जनवरी तक चलने वाले सिल्क इंडिया सिल्क मे विभिन्न राज्यों के आर्ट एंड क्राफ्ट को एग्जीबिट किया गया है।

क्राफ्ट फेयर में एंरी सिल्क पर क्रास स्टिच और कश्मीरी शॉल पर सिल्वर जरी पर ट्रेडिशनल हैंड वर्क जेकेके साउथ विंग में 21 जनवरी तक चलने वाले सिल्क इंडिया सिल्क मे विभिन्न राज्यों के आर्ट एंड क्राफ्ट को एग्जीबिट किया गया है।

Danik Bhaskar | Jan 09, 2018, 05:26 PM IST

जयपुर. जेकेके के साउथ विंग में चल रहे सिल्क इंडिया सिल्क क्राफ्ट फेयर में जयपुराइट्स विंटर शॉपिंग के जरिए आर्टिजन्स के आर्ट एंड क्राफ्ट को एप्रिशिएट कर रहे है। यही वजह है कि ऑर्गनाइजर्स भी समय समय पर यहां देश भर से आर्ट एंड क्राफ्ट को लेकर आ रहे है। जानें क्या रहेगा खास...

-100 स्टाल्स के जरिए कोलकाता,बनारस,लखनऊ,बरेली ,अलीगढ ,खुरजा, आंधप्रदेश, उड़ीसा, असम, कश्मीर, अहमदाबाद, भागलपुर से आर्टिजन्स ने अपनी कलाओं को क्राफ्ट के जरिए दिखाया है।
- फेयर में उड़ीसा के आर्टिजन्स पाम लीफ आर्ट,पेंटिंग और डेकोर पीस को लेकर आएं है। वहीं टीकमगढ़ के आर्टिजन ने ब्रास और पीतल पर बनी सुंदर कलाकृतियों को एग्जीबिट किया है। जिसमें तरह तरह की मूर्तियों पर नक्काशी कर उन्हें एंटिक लुक दिया गया है।

सिल्क पर क्रास स्टिच और कट वर्क

- फेयर में आसाम के आर्टिजन ट्रेडिशनल साडिय़ों की रेंज को डिस्प्ले किया है। जिसमें ऐरी सिल्क पर क्रास स्टिच किया गया है। जिनकी कीमत 4 हजार रुपए से शुरू होती हैं। इसके साथ ही कंचीबूटी सिल्क साड़ी की रेंज को भी एग्जीबिट किया है। आर्टिजन तीनू राय ने बताया कि 8हजार की कीमत की इस साड़ी में सिल्क पर जरी की बूटी डिजाइन कि जाती है। इन्हें सीको डिजाइन भी कहा जाता है।

कश्मीरी जरी और फेदर पर बने पशमीना स्टोल

- कश्मीर के आर्टिजन्स ने यहां फेदर पशमीना शॉल और स्टोल की रेंज को एग्जीबिट किया है। इसके साथ ही लाइक्रा शॉल की रेंज को भी लेकर आए है।

-आर्टिजन एजाज ने बताया कि इस तरह के लाइक्रा स्टोल की एक एक लेयर की बुनाई कर उन्हें आपस में जोड़ा जाता है। 5 हजार की फैदर पशमीना में फोर साइडेड फर लगाए जाते है और बीच में थ्रेड ,वुल और रेशम से हैंड क्राफ्ट तैयार किया जाता है। वही दस हजार की कीमत में बनने वाला जरी शॉल की की खासियत है एक एक शॉल या स्टोल पर सिंगल कलर में जरी लगाई जाती है जिसे नीडल की सहायता से शॉल के चारों ओर क्राफ्ट किया जाता है।