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करें अंगदान, जरूरतमंद को दें जीवनदान अंगदान कम होने से नहीं बच पाती जान

करें अंगदान, जरूरतमंद को दें जीवनदान अंगदान कम होने से नहीं बच पाती जान

Dainik Bhaskar

Dec 27, 2017, 11:28 AM IST
Dainik Bhaskar organ donation campaign

जयपुर. हमारी बदलती जीवन शैली ने उन बीमारियों को बढ़ा दिया है जो कुछ साल पहले तक कम ही लोगों को होती थीं। अब सबसे तेजी से बढ़ रही बीमारियों में से हैं ऑर्गन फैलियर (जरूरी अंगों का खराब हो जाना एवं काम नहीं करना)। ऑर्गन फैलियर के कई कारण हैं, लेकिन अहम यह है कि इससे ग्रस्त लोगों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। ऑर्गन फैलियर के बहुत सारे मामलों में तो दवा के बजाय अंग प्रत्यारोपण ही विकल्प बचता है। अंग प्रत्यारोपण से बहुत सारी जिंदगियां बचाई जा सकती हैं। पर हमारे देश में जागरूकता की कमी के कारण ऐसा नहीं हो पा रहा है।अगर हम अपनी सोच बदलें तो अंगदान से बहुत सारे लोगों का जीवन बचाया जा सकता है।

क्या है अंगदान


अंगदान में किसी इंसान (ब्रेन डेड और जीवित से भी) से स्वस्थ अंगों और टिश्यूज को ले लिया जाता है और उन्हें जरूरतमंद व्यक्ति में ट्रांसप्लांट किया जाता है।

कौन कर सकता है


कोई भी अंगदान कर सकता है। उम्र का इससे कोई लेना-देना नहीं है। नवजात बच्चों से लेकर 90 साल के बुजुर्गों तक के अंगदान सफल हुए हैं। बशर्ते कि अंग प्रत्यारोपण के लिए उपयुक्त हों। 18 वर्ष से अधिक उम्र का व्यक्ति अंगदान का संकल्प ले सकता है। अगर कोई 18 साल से कम उम्र का है तो उसे अंगदान का संकल्प लेने के लिए अपने माता-पिता की इजाजत लेना जरूरी है।

किन अंगों का दान


हमारे देश में लिवर, किडनी और हार्ट के ट्रांसप्लांट की सुविधा कई शहरों में है। इनके अलावा पैंक्रियाज, फेफड़ों, त्वचा (स्किन), बोन और बोन मैरो एवं कॉर्निया का प्रत्यारोपण भी किया जा सकता है जो मरीजों की जान बचा सकता है।

कैसे करें अंगदान


आप हमारी वेबसाइट angdaanmahadaan.com पर जाकर प्रतिज्ञा फॉर्म भर सकते हैं। और हमारे नॉलेज पार्टनर- मोहन फाउंडेशन जयपुर सिटीजन फोरम की साइट mfjcfnavjeevan.info पर जाकर रजिस्टर कर सकते हैं। साथ ही भारत सरकार की वेब साइट notto.nic.in पर जाकर भी फॉर्म भर सकते हैं।

अंगदान कम होने से नहीं बच पाती जान


देश में हर साल लगभग 2 लाख किडनी की जरूरत पड़ती है, जबकि मुश्किल से 3 हजार किडनी ही ट्रांसप्लांट के लिए मिल पाती हैं। Âहर साल करीब 80 हजार मरीजों को लीवर ट्रांसप्लांट की आवश्यकता होती है, लेकिन हासिल सिर्फ 1000 ही हो पाते हैं। Â60 लाख नेत्रहीन लोगों को आंखों की जरूरत होती है, लेकिन 22,384 लोगों को ही हासिल हो पाती हैं आंखें।

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