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Danik Bhaskar | Jan 24, 2018, 01:47 PM IST
लोकेंद्र सिंह काल्वी ने मीडिय लोकेंद्र सिंह काल्वी ने मीडिय

जयपुर. पद्मावत विरोध में लोकेंद्र काल्वी ने ने प्रेस कॉन्फ्रेस में कहा कि पद्मावत नहीं आने देंगे। इसके साथ काल्वी ने कहा कि अलग-अलग जगह 148 लोगों की गिरफ्तारी की गई है। काल्वी ने माना कि हंगामा करने वाले करणी सेना के कार्यकर्ता हैं। जानें क्या बोले काल्वी...

- काल्वी ने कहा कि मै नहीं मानता किसी का दोष है। दोष है तो संजय लिला भंसाली का, जिसकी ये फितरत है।

- गुजरात में कोई ऐसा जिला नहीं है जहां रामलीला के नाम मुकदमे दर्ज नहीं है।

- काल्वी ने कहा कि सरकारें क्यों नहीं समझ रही हैं। वे परसो 4 मुख्यमंत्री से मिले। सब परेशान है। काल्वी ने कहा कि अभी तक सिफ्र गुजरात और महाराष्ट्र से 148 लोगों की गिरफ्तारी की जा चुकी है। इसके अलावा बाकी जगहों के आंकड़ों के बारे में उन्हें अभी पता नहीं है।

- काल्वी ने कहा कि सबसे बड़ी बात ये कि जोश में होश खोने वाली स्थिती क्यों बन गई। जब जनता साथ दे रही है।

- जब एक फिल्म हॉल में आग लगी। मैं वहीं था। ये कौन कर रहा है। जिसकी जानकारी किसी के पास नहीं है। करणी सेना के नाम पर कई दल प्रदर्शन कर रहे हैं।

- काल्वी ने कहा कि वे सिनेमा हॉल, लोगों से, समाजिक संगठनों से अनुरोध किया कि 'इश्वर अल्लाह तेरा नाम सब को सम्मती दे भगवान'।

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फिल्म पद्मावती को लेकर क्या आपत्ति है?

- राजस्थान में करणी सेना, बीजेपी लीडर्स और हिंदूवादी संगठनों ने इतिहास से छेड़छाड़ का आरोप लगाया। राजपूत करणी सेना का मानना है कि ​इस फिल्म में पद्मिनी और खिलजी के बीच सीन फिल्माए जाने से उनकी भावनाओं को ठेस पहुंची। फिल्म में रानी पद्मावती को भी घूमर नृत्य करते दिखाया गया है। जबकि राजपूत राजघरानों में रानियां घूमर नहीं करती थीं।
- हालांकि, भंसाली साफ कर चुके हैं कि ड्रीम सीक्वेंस फिल्म में है ही नहीं।

कौन थीं रानी पद्मावती?


पद्मावती चित्तौड़ की महारानी थीं। उन्हें पद्मिनी भी कहा जाता है। वे राजा रतन सिंह की पत्नी थीं। उन्होंने जौहर किया था। उनकी कहानी पर ही संजय लीला भंसाली ने फिल्म बनाई है।

क्या हकीकत में थीं रानी पद्मावती?


वे कोरी कल्पना नहीं थीं। रानी पद्मावती ने 1303 में जौहर किया। मलिक मुहम्मद जायसी ने 1540 में ‘पद्मावत’ लिखी। छिताई चरित, कवि बैन की कथा और गोरा-बादल कविता में भी पद्मावती का जिक्र था।

क्या जायसी ने हकीकत के साथ कल्पना जोड़ी?


इसी पर डिबेट है। कई इतिहासकार कुछ हिस्सों को कल्पना मानते हैं। जायसी ने लिखा किके पद्मावती सुंदर थीं। खिलजी ने उन्हें देखना चाहा। चित्तौड़ पर हमले की धमकी दी। रानी मिलने के लिए राजी नहीं थीं। उन्होंने जौहर कर लिया।

खिलजी हीरो नहीं था


चित्तौड़गढ़ के जौहर स्मृति संस्थान का कहना है- फिल्म में हमलावर अलाउद्दीन खिलजी को नायक बताया है। जबकि राजा रतन सिंह की अहमियत खत्म कर दी है। यही इतिहास से छेड़छाड़ है।

घूमर नृत्य नहीं, सम्मान


फिल्म के एक गाने में घूमर नृत्य दिखाया है। राजपूतों के मुताबिक, घूमर अदब का प्रतीक है। रानी सभी के सामने घूमर कर ही नहीं सकतीं।