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दुनिया की सबसे खूबसूरत महारानी से जुड़े 4 विवाद, ऐसा है वंशजों का हाल

दुनिया की सबसे खूबसूरत महारानी से जुड़े 4 विवाद, ऐसा है वंशजों का हाल

Danik Bhaskar | Dec 13, 2017, 12:18 PM IST
दिल्ली हाईकोर्ट ने देवराज और ल दिल्ली हाईकोर्ट ने देवराज और ल

जयपुर. जयपुर राजपरिवार की संपत्ति को लेकर कानूनी विवाद एक बार फिर नए मोड पर है। दिल्ली हाईकोर्ट ने भले ही जयपुर राजघराने की पूर्व राजमाता गायत्री देवी के पोते-पोती देवराज लालित्या को एक मामले में उनका कानूनी वारिस माना है। लेकिन कई अदालतों मेंं देवराज लालित्या से संबंधित कई विवाद मुकदमे लंबित हैं। बता दें कि गायत्री देवी को वोग मैग्जीन ने सबसे खूबसूरत महारानियों में चुना था। जानें क्या है मामला...

- गायत्री देवी के सौतेले बेटे पृथ्वीराज के अधिवक्ता रामजीलाल गुप्ता ने बताया कि गायत्री देवी की संपत्तियों पर कब्जा और पूर्व राजपरिवार से जुड़े उत्तराधिकार संपत्ति, वसीयत और लिलीपूल पर कब्जे के कई विवाद कोर्ट में लंबित हैं। इनमें सुनवाई जारी है। लिलीपूल का संपत्ति विवाद केस में तो कोर्ट ने देवराज को पाबंद कर रखा है कि वे इस संपत्ति को तो ट्रांसफर करें, बेचान करें और ही गिरवी रखें।
- दिल्ली हाईकोर्ट ने देवराज के कानूनी कायम मुकामान संबंधी पुनर्विचार प्रार्थना पत्र पर उन्हें दिल्ली हाईकोर्ट में संपत्ति बंटवारे के मामले में कानूनी पक्षकार बनाया है। दिल्ली हाईकोर्ट ने 2010 में गायत्री देवी के दो सौतेले बेटों को भी मामले में पक्षकार संपत्ति में हिस्सेदार माना था। इस फैसले को देवराज लालित्या ने पुनर्विचार प्रार्थना पत्र के जरिए हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। गौरतलब है कि पूर्व राजमाता गायत्री देवी की जुलाई 2009 में मृत्यु के साथ ही उनकी संपत्तियों पर कब्जा और उनके परिवार से जुड़े उत्तराधिकार संपत्ति, वसीयत और लिलीपूल पर कब्जे के कई विवाद सामने आए थे।

विवाद 1: पृथ्वीराज बनाम देवराज...उत्तराधिकार प्रमाण-पत्र


गायत्रीदेवी के सौतेले बेटे पृथ्वीराज उर्वशी देवी ने पृथ्वीराज बनाम देवराज अन्य मामले के जरिए एडीजे कोर्ट-7 में गायत्री देवी के उत्तराधिकार प्रमाण पत्र को चुनौती दे रखी है। पृथ्वीराज उर्वशी ने जिला सेशन न्यायालय के 19 फरवरी 09 के आदेश को अवैध घोषित करने की गुहार की है जिसके जरिए गायत्री देवी, देवराज लालित्या के बीच राजीनामे पर उत्तराधिकार प्रमाण पत्र जारी करने का निर्देश दिया था। पृथ्वीराज ने आग्रह किया कि उत्तराधिकार प्रमाण पत्र समझौता पत्र के आधार पर विवादित संपत्ति को खुर्द बुर्द किया जाए और उत्तराधिकार प्रमाण पत्र की कार्रवाई को स्थगित किया जाए।

विवाद 2 : गायत्री देवी की वसीयत को चुनौती


पृथ्वीराज उर्वशी ने एडीजे दो कोर्ट में गायत्री देवी की वसीयत को चुनौती दे रखी है। पृथ्वीराज ने देवराज को पक्षकार बना रखा है। इस दावे में पृथ्वीराज उर्वशी देवी ने कहा है कि गायत्री देवी देवराज के बीच कई मुकदमे चल रहे थे और ऐसे में गायत्री देवी की वसीयत संदेहपूर्ण है।

विवाद 3: लिलीपूल गिरवी रख सकते हैं, बेच सकते हैं


गायत्रीदेवी की संपत्तियों में प्रमुख लिलीपूल पर कब्जे के अधिकार के मामले में होटल रामबाग पैलेस होटल की ओर से एडीजे पांच कोर्ट में दावा किया है। इस मामले में अदालत ने 21 जुलाई 2011 को गायत्री देवी के पोते देवराज को पाबंद किया कि वे इस संपत्ति को तो ट्रांसफर करें, बेचान करें और ही गिरवी रखें। इस मामले में कोर्ट की यह रोक अभी भी जारी है और यह मामला फिलहाल महानगर की एडीजे दो कोर्ट में लंबित चल रहा है।

विवाद 4 : देवराज-लालित्या ही गायत्री देवी के वारिस


देवराज लालित्या ने गायत्री देवी की वसीयत के प्रोबेट प्राप्त करने का दावा कर रखा है। इन्होंने वसीयत मुताबिक दादी की चल- अचल संपत्ति दिलवाने के लिए कोर्ट से गुहार की है।

मुझे खुशी है कि हमारे अधिकारों का मान रखा गया।कोर्ट का यह फैसला अपना पक्ष खुद बयां करता है।मुझे आैर मेरी बहन लालित्या को भारतीय संविधान और न्यायिक प्रक्रिया और तंत्र पर पूरा विश्वास है। -देवराज,स्व.जगत सिंह के पुत्र, गायत्री देवी के पौत्र