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पानी का कौआ, और अन्य पक्षियों को देखने की बेहतरीन जगह है यह झील

पानी का कौआ, और अन्य पक्षियों को देखने की बेहतरीन जगह है यह झील

Dainik Bhaskar

Jan 28, 2018, 10:34 AM IST
अनासागर में इन दिनाें पक्षियो अनासागर में इन दिनाें पक्षियो


अजमेर। अजमेर की विश्वप्रसिद्ध आना सागर झील इन दिनों रंग-बिरंगे प्रवासी पक्षियों के कलरव की गवाह बनी हुई है। बड़ी संख्या में विदेशी परिंदे यहां डेरा डाले हुए हैं। देश-विदेश से आए ये परिंदे स्थानीय लोगों के साथ ही पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र भी बने हुए हैं। इन पक्षियों की झील पर उड़ान का बहुत ही मनमोहक नजारा होता है। जानिए और इस बारे में ....


- साइबेरिया और अन्य ठंडे प्रदेशों के पक्षी इन दिनों आनासागर झील में अठखेलियां करते हुए नजर आ रहे हैं। इन दिनों इन पक्षियों की उड़ानें और अठखेलियां लोगों को बरबस ही अपनी और आकर्षित कर रही हैं। बच्चों और महिलाओं के साथ ही बड़े भी इनको देखने का मोह नहीं छोड़ पा रहे हैं। सुबह सूरज निकलने के साथ ही लोग यहां पहुंच रहे हैं और इन पक्षियों के लिए दाने का जुगाड़ करते हैं। लोगों द्वारा डाले जा रहे दाने को झपटने के लिए पक्षियों के झुंड किनारे की ओर बढ़े चले आते हैं। एक साथ इन पक्षियों की आवाजें जब निकलती हैं तो लोगों को बड़ा आनंद आता है।

तरह-तरह के पक्षी

- सफेद परिंदों के अलावा काले रंग के पक्षी भी यहां नजर आ रहे हैं। कई पक्षियों कि लंबी गर्दन है तो कुछ पक्षियों के सिर काले और शरीर सफेद हैं। दूर तक आनासागर में यह पक्षी अपनी उपस्थिति दर्ज करा रहे हैं। इनकी उपस्थिति से आनासागर भी भरा भरा सा नजर आ रहा है।

बड़ी कुशलता से करते हैँ शिकार
- पक्षियों के लिए यहां भोजन की पर्याप्त व्यवस्था है कुदरत ने इनके लिए झील में मछलियों की व्यवस्था कर रखी है। ये परिंदे पानी में चोंच मारते हैं और जब बाहर निकालते हैं तो मुंह में मछली नजर आती है। यह आकर्षक दृश्य पर्यटन और स्थानीय लोगों को लुभा रहे हैं।
- हर साल यहां इन पक्षियों का डेरा होता है और करीब चार पांच महीने यहां रहते हैं।

जानिए इन पक्षियों के बारे में
- आना सागर में इन दिनों माइग्रेटरी बर्ड विशेषकर हिमालय के बर्फीले स्थानों से आए हुए हैं इनमें मुख्य रूप से फ्लेमिंगो, कोरमा रेंट, लिटिल ग्रैब ग्रेट वाइट पेलिकन गल, बार हेडेड गूज और विभिन्न प्रकार की बतख हैं।
- कोरमा रेंट को पानी का कौवा भी कहा जाता है। ग्रेट वाइट पेलिकन मछलियां खूब खाता है।

पानी की अधिकता से कम हैं पक्षी

- रिटायर मंडल वनाधिकारी जेपी भाटी ने बताया कि आनासागर में पानी अधिक होने के कारण इन दिनों पक्षियों की संख्या पिछले सालों की तुलना में कुछ कम है। प्रवासी पक्षी पानी कम होने और दलदल होने पर अधिक आते हैं। दलदल वाले क्षेत्रों में इन पक्षियों को भोजन के रूप में विभिन्न प्रकार की काई, मछलियां, कीड़े आदि उपलब्ध रहते हैं। आनासागर चौपाटी के आसपास विभिन्न झाड़ियों और सूखे पेड़ों पर इन पक्षियों का बसेरा रहता है। कारण इन पक्षियों को नेस्टिंग में सुविधा होती है।
- भाटी ने बताया कि सर्दियों में जब उनके मूल प्रदेशों में बर्फबारी होती है तो पक्षी वहां से सुरक्षित स्थानों की ओर चले जाते हैं। इनमें से कुछ पक्षी आनासागर झील में भी आते हैं।

आगे की स्लाइड्स में देखिए और फोटोज

फोटो व कंटेंट : आरिफ कुरैशी

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