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शादी के लिए उम्र कम थी, मना करने पर ट्रेन से कटकर प्रेमी युगल ने दी जान

शादी के लिए उम्र कम थी, मना करने पर ट्रेन से कटकर प्रेमी युगल ने दी जान

Danik Bhaskar | Dec 08, 2017, 06:51 PM IST
पटरियों पर पड़ा लड़की का क्षत-वि पटरियों पर पड़ा लड़की का क्षत-वि


पाली। पाली में शुक्रवार को एक प्रेमी युगल ने ट्रेन से कटकर आत्महत्या कर ली। दोनों कें क्षत-विक्षत शव पटरियों पर बिखरे मिले। दोनों के शरीर के अंग ट्रेन के साथ आधा किलोमीटर तक घिसटते गए। इससे इलाके में सनसनी फैल गई। दोनों एक दिन पहले घर से भागे थे। परिजनों ने उम्र कम होने के कारण उनकी शादी कराने से इनकार कर दिया था। दोनों को पटरी पर सोता देख ड्राइवर ने हॉर्न बजाया लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। जानिए और इस बारे में ...

- फालना स्टेशन से करीब ढाई किलोमीटर दूर बिरोलिया सरहद में ट्रेन से कट कर सुमेरपुर के निकट कोरटा गांव के राजूराम पुत्र मफाराम मीणा (18) एवं दुर्गा पुत्री तगाराम भील (17) की मौत हो गई। यह प्रेमी युगल गुरुवार सुबह बिना बताए घर से भागे थे, जिनकी परिवार के लोग खोजबीन कर रहे थे। दोनों की उम्र शादी योग्य नहीं होने के चलते परिजनों ने शादी कराने से इनकार किया था। हादसे से पहले ट्रेन के पायलट ने दोनों को पटरी पर सोता हुआ देख हॉर्न बजाते हुए ब्रेक भी लगाए, लेकिन ट्रेन तेज गति में होने के कारण उनके ऊपर से निकल गई।

आधा किमी तक फैले मानव अंग, पुलिस ने एकत्रित किए

- ट्रेन की गति तेज होने के कारण प्रेमी युगल के शव करीब आधा किलोमीटर के दायरे में पहियों के साथ घिसटते रहे। मौके पर पहुंचे एएसआई सज्जनसिंह की टीम ने आरपीएफ की मदद से क्षत-विक्षत शव के अंग एकत्रित कर मोर्चरी में रखवाए। घटनास्थल पर दोनों के क्षतिग्रस्त मोबाइल फोन भी मिले, जिनके आधार पर छानबीन कर पुलिस ने दोनों के परिजनों को सूचना देकर मोर्चरी में बुलाया।
- पुलिस ने पोस्टमार्टम करा शव परिजनों को सौंप दिए। पुलिस ने फालना स्टेशन मास्टर की रिपोर्ट पर मामला दर्ज कर जांच शुरू की है।

खाली हाथ थे दोनों, दिनभर घूमे रात को पटरी पर सो गए

- पुलिस की छानबीन में पता चला है कि कोरटा गांव से मृतका दुर्गा गुरुवार सुबह करीब 11 बजे बिना बताए घर से निकल गई। मृतक राजूराम सुमेरपुर में एक ऑटो मोबाइल की दुकान पर काम करता था, लेकिन गुरुवार को वह घर से दुकान जाने के बजाय प्रेमिका के साथ निकल गया। दोनों घर से खाली हाथ ही निकले थे, जो दिनभर इधर-उधर घूमते हुए रात को फालना तक पहुंच गए।

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फोटो : वीरेंद्र उदेश