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Danik Bhaskar

Jan 26, 2018, 11:51 AM IST
जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल में बो जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल में बो

जयपुर.‘मिसिसिप्पी मसाला', ‘द नेमसेक', ‘मानसून वेडिंग', ‘कामसूत्र' और ऑस्कर के लिए नामित की गई ‘सलाम बॉम्बे' जैसी फिल्मों की निर्देशक मीरा नायर भी फिल्म निर्माण के दौरान राजस्थान की सियासत से रू-ब-रू हो चुकी हैं। जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल में शामिल हुईं नायर ने अपने सेशन ‘पर्सनल एंड पॉलिटिकल' में इसका जिक्र किया। जानें और क्या कहा...

- नायर ने कहा, 15 साल पहले मैं जयपुर में अपनी फिल्म ‘कामसूत्र’ की शूटिंग करने आई हुई थी।
- उस वक्त यहां के 21 विधायक हर रोज मेरे सेट पर आकर ये चैक करते कि कहीं मैं पॉर्न मूवी तो नहीं बना रही।
- उन्होंने कहा, मैं खुश हूं कि इस बार कोई एमएलए मेरे पीछे नहीं आया। हालांकि विवादित टाइटल की वजह से ये फिल्म देश के कई हिस्सों में रिलीज नहीं हो पाई थी।

हैरीपॉटर' का ऑफर ठुकरा कर ‘द नेमसेक' बनाई

- मीरा की फिल्मों की एक खासियत यह भी है कि उनके किरदार असल जिंदगी से ज्यादा दूर नहीं होते।
- परिवार और समाज में जो चल रहा है वे अपनी इमेजिनेशन के जरिए उसे फिल्म में उतारती हैं।
- नायर ने कहा कि मेरे पास हैरीपॉटर सीरीज फोर को बनाने का ऑफर आया। लेकिन उस वक्त मैं अपनी नई मूवी ‘द नेम सेक’ की कॉस्टिंग का काम कर रही थी। बहुत कंफ्यूज थी कि हैरी पॉटर करूं या नहीं। फिर मैंने अपने बेटे से पूछा... बेटे ने जवाब दिया... हैरीपॉटर तो कोई और भी बना लेगा लेकिन नेमसेक सिर्फ आप ही बना सकती हो।

मेरे पास पैसा कभी नहीं रहा लेकिन मैंने इमेजिनेशन से इसकी भरपाई की

- नायर ने कहा कि मेरे पास जिंदगी में हमेशा पैसे की कमी रही। फिल्म निर्माण के लिए जरूरी है कि आपके पास पैसा हो। लेकिन मैंने इसकी भरपाई अपनी इमेजिनेशन पॉवर से की।
- उन्होंने कहा...मेरी पहली फिल्म ‘सलाम बॉम्बे’ कान फिल्म फेस्टिवल में प्रदर्शित होने के लिए चुनी गई। मैं भी इसमें शामिल होने कान पहुंची। लेकिन उस वक्त मेरे पास इतने पैसे भी नहीं थे कि किसी होटल में रुक सकूं।

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