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यहां दबी है तीस से अधिक लाशें, पहचान किसी की नहीं

यहां दबी है तीस से अधिक लाशें, पहचान किसी की नहीं

Dainik Bhaskar

Dec 19, 2017, 06:27 PM IST
 more than thirty corpses buried here

जैतसर। गांव पांच की पुली के पास निकल रही गंगनहर की करणीजी वितरिका में आए शवों की पहचान होना तो दूर मृत शरीर की बेकद्री हो रही है। मंगलवार शाम को वितरिका के पास कुत्तों का जमावड़ा देखकर जब पास जाना हुआ तो वीभत्स दृश्य देखकर रोंगटे खड़े हो गए। कुत्तों ने वितरिका के पास ही दफनाई गई तीन लाशों के कंकाल को बाहर निकाल रखा था, व कंकाल पर मौजूद चमड़ी को खा रहे थे। दृश्य विचलित करने वाला था।

- यह वहीं क्षेत्र है जहां नहर में बहकर आए शवों को बाहर निकाल कर पुलिस दफनाने का कार्य करती है। सही ढ़ंग से शव को गड्ढा खोदकर न दफनाने के कारण कुत्ते शवों को बाहर निकाल लेते है। करण जी वितरिका की बुर्जी संख्या 70 के पास पुल के नीचे होने के कारण केल्ली पुल के नीचे अटक जाती है। इसी कैल्ली में पीछे से बहकर आने वाले शव भी अटक जाते है। किसान व ग्रामीण पुलिस को सूचना देते है। क्षत विक्षत शवों को पुलिस पोस्टमार्टम करवाकर वितरिका के पास ही दफना देती है। इसी स्थान से कुत्ते शवों को बाहर निकाल लेते है।

30 से अधिक दबी है लाशें

- पांच जीबी पुल के पास 30 से अधिक लाशें दफन की गई है। इन सभी लाशों की अभी तक पहचान नहीं हो पाई है। इसी वर्ष मई माह में 3 लाशों के आने से जहां सनसनी बनी रही , वही जुलाई में भी दो लाशें वितरिका में बहकर आई, सितम्बर व अक्टूबर में भी एक एक लाश वितरिका में बहकर आई। पिछले वर्ष भी 10 से अधिक लाशें इसी वितरिका में बहकर आई थी। वितरिका से निकाल कर लाशों को पास में ही दफना दिया जाता है।

नहीं हुई किसी की पहचान... वितरिका में आई हुई किसी भी लाश की अब तक पहचान नहीं हुई है। पुलिस का मानना है कि लाशें पंजाब से बहकर आ रही है। अभी तक पांच जीबी के पास दफन लाशों में से किसी की भी पहचान नहीं हो पाई है व कोई भी पुलिस के पास इस संबंध में जानकारी तक लेने नहीं आया है।


पुल के पास शवों के दबे स्थान पर बैठे कुत्ते.....



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