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तीन तलाक बिल के खिलाफ सड़कों पर उतरीं महिलाएं

तीन तलाक बिल के खिलाफ सड़कों पर उतरीं महिलाएं

Dainik Bhaskar

Feb 28, 2018, 03:54 PM IST
शरीयत में सरकारी दखल और तीन तल शरीयत में सरकारी दखल और तीन तल

जयपुर। शरीयत में सरकारी दखल और तीन तलाक बिल के विरोध में बुधवार को शहर की मुस्लिम महिलाएं सड़कों पर उतरीं और खामोश जुलूस निकालकर अपना संदेश दिया। रैली में शामिल महिलाओं ने कहा कि अगर बहुमत से सरकारें बन जाती हैं तो क्या हमारा बहुमत इस बिल के खिलाफ नहीं है? ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड सहित अन्य संस्थाओं के आह्वान पर यह खामोश रैली चार दरवाजा से शुरू होकर रामगंज, घाटगेट, सांगानेर रोड होता हुआ मुस्लिम मुसाफिर खाना पहुंची। रैली में करीब एक लाख महिलाएं थीं। जानिए और इस बारे में ...

ये हैं विरोध की दलीलें

- यासमीन फारूकी ने बताया कि बिल की धारा 2 के अनुसार एक साथ तीन तलाक नहीं होगा व धारा 3 में तीन तलाक पर तीन साल की सजा का प्रावधान है। दलील है कि जब तलाक ही नहीं होगा तो उसकी सजा क्यों? उन्होंने कहा कि तलाक नहीं होगा और शोहर जेल में रहेगा, तो बीवी व

बच्चों का तीन साल खर्च कौन चलाएगा?
- चेन्नई से बोर्ड की सदस्य फातिमा मुजफ्फर ने कहा, पूरी दुनिया में किसी भी समुदाय के कानूनों में बदलाव के लिए उससे जुड़े लोगों से राय ली जाती है जबकि यहां विरोध में 2.80 करोड़ दस्तखत नजर अंदाज किए गए और समुदाय से बात नहीं की गई। मुस्लिम महिलाएं इस्लामी शरीयत को अपनाना चाहती हैं, ऐसे में वे विरोध में हैं। इंस्टेंट तलाक पर सामाजिक जागरूकता व समझाइश से रोक लगाई जा सकती है, चूंकि यह सामाजिक मामला है। उन्होंने कहा कि संविधान में किसी भी मजहब में छेड़छाड़ की अनुमति नहीं है, ऐसे में तीन तलाक पर रोक संविधान की भावना का उल्लंघन है।

- रैली के बाद 11 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल राजभवन पहुंचा और राज्यपाल के जरिए राष्ट्रपति को ज्ञापन सौंपा है।

- बोर्ड सचिव मौलाना मोहम्मद महफूज उमरैन, वीमन विंग की नेशनल चीफ डॉ. असमा जोहरा, जयपुर से बोर्ड सदस्य यास्मीन फारूकी ने मंगलवार को इस जुलूस की घोषणा की थी।

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फोटो : योगेंद्र गुप्ता, निरंजन चौहान

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