Hindi News »Rajasthan »Jaipur »News» Ninth Class Student Committed Suicide, Now Police Case Against School PTI

आठ दिन पहले नौंवी कक्षा के छात्र ने की थी खुदकुशी, स्कूल के पीटीआई के खिलाफ केस

जयपुर के सोढाला इलाके में नौंवी कक्षा में पढ़ने वाले एक छात्र नितांत राज ने घर पर फंदा लगाकर खुदकुशी कर ली थी।

अर्पित शर्मा/मदन कलाल | Last Modified - May 03, 2018, 02:21 AM IST

  • आठ दिन पहले नौंवी कक्षा के छात्र ने की थी खुदकुशी, स्कूल के पीटीआई के खिलाफ केस
    +1और स्लाइड देखें
    इकलौती संतान था नितांत (नीशू)

    जयपुर.सोढाला इलाके में नौंवी कक्षा में पढ़ने वाले एक छात्र नितांत राज ने घर पर फंदा लगाकर खुदकुशी कर ली थी। इस मामले में मृतक छात्र की मां प्रीती लाटा ने बुधवार को सोढाला थाने में सेंट जेवियर स्कूल, नेवटा के पीटीआई टीचर जियो के खिलाफ मुकदमा दर्ज करवाया है। जिसमें बेटे को आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप लगाया।

    - पुलिस के मुताबिक रिपोर्ट में कृष्णा विहार कॉलोनी, अजमेर रोड निवासी प्रीती लाटा ने बताया कि उनके 14 वर्षीय बेटे नितांत राज ने 25 अप्रेल को देर रात खुदकुशी कर ली थी। उसकी लाश 26 अप्रेल को सुबह चार बजे कमरे में फंदे पर लटकी नजर आई।

    मृतक छात्र की मां ने टीचर पर यह लगाए आरोप

    - प्रीती ने बताया कि खुदकुशी से पहले 19 अप्रेल को नितांत राज ने बताया था स्कूल के पीटीआई जियो सर ने सब बच्चों के सामने उसे काफी प्रताड़ित किया। इससे वह डरा हुआ और तनाव में था।

    - उन्होंने नितांत को समझाकर स्कूल भेज दिया। इसके बाद 25 अप्रेल को नितांत घर पर था। तभी उसके स्कूल से एक फोन आया। जिसमें स्कूल प्रबंधन ने अगले दिन 26 अप्रेल को नितांत के मम्मी पापा को स्कूल बुलाया गया।

    अगले दिन माता पिता स्कूल जाते इससे पहले चल बसा बेटा

    - तब नितांत ने बताया कि उसे आज भी जियो सर ने काफी प्रताड़ित किया है। लेकिन माता पिता ने उसे समझाकर कमरे में सोने भेज दिया। वे अगले दिन स्कूल जाते इससे पहले देर रात को 14 वर्षीय नितांत राज ने फंदा लगाकर खुदकुशी कर ली।

    - मृतक नितांत राज की मां का आरोप है कि स्कूल के टीचर पीटीआई जियो सर की प्रताड़ना से परेशान होकर उनके मासूम बेटे ने खुदकुशी कर ली। पुलिस आईपीसी 306 में मुकदमा दर्ज कर पड़ताल में जुट गई है।

    क्यों की आत्महत्या?
    दूसरे बच्चों के सामने अपमानित किया, पैरेंट्स को स्कूल बुलाया

    मां के अनुसार- पीटीआई ने नितांत को दूसरे बच्चों के सामने क्लास से बाहर घूमने पर अपमानित किया। एक बार नहीं...दो बार 19 अप्रैल और 25 अप्रैल...को ऐसा ही हुआ। हमें भी स्कूल में बुलाया गया था। 26 अप्रैल को हम स्कूल जाने वाले थे...उसी दिन तड़के चार बजे नितांत कमरे में फंदे से लटकता मिला।

    स्कूल : पीटीआई की भूमिका जांच रहे हैं

    नितांत की आत्महत्या की सूचना 26 अप्रैल को ही मिल गई थी। यह पता नहीं था कि आत्महत्या टीचर से परेशान होकर की है। हम जांच कर रहे हैं

    -फादर जॉन रवि, प्रिंसिपल

    पीटीआई : ग्राउंड में घूमने पर टोका था​

    नितांत क्लास छोड़कर स्कूल ग्राउंड में घूमता हुआ मिला था। ऐसे में उसे टोका। इस बारे में वाइस प्रिंसिपल को बताया था। परिजनों को स्कूल बुलाया था।

    -जॉर्ज जियो, पीटीआई

  • आठ दिन पहले नौंवी कक्षा के छात्र ने की थी खुदकुशी, स्कूल के पीटीआई के खिलाफ केस
    +1और स्लाइड देखें
    नीशू...तुम तो छूना चाहते थे आसमान, हार क्यों गए?

    नीशू...तुम तो छूना चाहते थे आसमान, हार क्यों गए?

    यह स्टडी रूम है नीशू का। बेहद उदास। असीम पीड़ा से भरा हुआ। टेबल पर किताबें हैं। मुस्कुराती तस्वीर भी है। पास ही बल्ला। टंगा हुआ रैकेट। दीवार पर पॉजिटिविटी से भरा पोस्टर है-द फॉर्मूला फॉर सक्सेस। पोस्टर का सूत्र वाक्य है : जीत के लिए लगातार संघर्ष...। लेकिन इतनी पॉजिटिविटी से भरे इसी कमरे के पास नीशू ने आत्महत्या कर ली। यह सोचे बगैर कि सब कुछ कभी खत्म नहीं होता।


    पिता राजकुमार रूंधे गले से बताते हैं : नीशू...मां के साथ पहली बार छुट्टियों में हवाई सफर पर जाने वाला था। हवाई जहाज में बैठना उसका सपना था। नीशू के आसमान छूने के सपने थे। मुंबई के लिए 19 मई की फ्लाइट टिकट बुक थी। नीशू की फरमाइश पर ही हम नई टाटा नेक्सोन लेने वाले थे। बुधवार को ही गाड़ी घर आनी थी। लेकिन अब उनका सबकुछ उजड़ गया है। राजकुमार यह कहते हुए फफक पड़े कि-बेटे को फंदे से उतारने के उस पल को वो ताउम्र नहीं भूल पाएंगे। मां प्रीति बार-बार स्टडी रूम का दरवाजा खोलकर चीख पड़ती है-आ जाओ नीशू। कभी बेटे की किताबों को सीने से लगाती है तो कभी उसके बल्ले को छूने लगती है। तस्वीर को देख बोलती है-मेरा नीशू ऐसे हार नहीं मान सकता। उस रात वह दादा के साथ आईपीएल का पूरा मैच देखकर सोया था। तड़के जब पास ही के कमरे पर नजर गई तो देखा- नीशू फंदा लगाए लटक रहा है।


    ऐसा आलराउंडर था नीशू, हार उसे बर्दाश्त नहीं-
    एक्सिस बैंक में मैनेजर पिता राजकुमार कहते हैं-वह आलराउंडर था। हर तरह के खेल में माहिर। संडे को घर की छत मैदान बन जाया करती थी। अब यहां के सूनापन को शायद कोई नहीं भर पाएगा। मां प्रीति फिलहाल एमएड कर रही हैं। वे कहती हैं-उस बेटे को कैसे भूल पाऊंगी जो उनके पैर दबा दिया करता था। मां के लिए ज्यूस तैयार कर तब तक नहीं हिलता जब तक मां उसे पी नहीं लेती। दादा-दादी, पड़दादी को उम्र के इस पड़ाव में भगवान ने न जाने ऐसा दर्द क्यों दिया?

    बर्दाश्त नहीं कर पाया पीटीआई की प्रताड़ना
    मां-पिता का आरोप है कि नीशू कई बार स्कूल के पीटीआई की प्रताड़ना को लेकर शिकायत कर चुका था। स्कूल से घर पर उसके क्लास बंक करने को लेकर फोन आया था। ऐसे में वे 26 अप्रैल को स्कूल में जाने वाले थे, लेकिन तड़के ही नीशू ने घर में ही आत्महत्या कर ली। मां का कहना है कि पीटीआई आए दिन नीशू की क्लास में इंसल्ट करता था। ऐसे में वह इसे बर्दाश्त नहीं कर पाया।

    मेरी हर चीज कविन की है, यहां तक कि प्यार भी....
    नीशू ने अपने सुसाइड नोट में बड़ी ही इमोशनल बातें लिखी हैं। उसने अपने चचेरे छोटे भाई के लिए लिखा है-अब मेरी हर चीज कविन की है, यहां तक कि मुझे मिलने वाला प्यार भी। अगले पेज में लिखा है- नीड जस्टिस। थैंक्स जीयो पीटीआई ऑफ माई स्कूल।

आगे की स्लाइड्स देखने के लिए क्लिक करें
दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए News in Hindi, Breaking News सबसे पहले दैनिक भास्कर पर |

More From News

    Trending

    Live Hindi News

    0

    कुछ ख़बरें रच देती हैं इतिहास। ऐसी खबरों को सबसे पहले जानने के लिए
    Allow पर क्लिक करें।

    ×